ठग सम्राट राशिद नसीम UAE में गिरफ्तार,भारत भर में 554 मुकदमे
Shine City Scam Mastermind Rashid Naseem Operated From Dubai Burj Khalifa Building
शाइन सिटी घोटाला: राशिद नसीम ने पूरे देश में फैलाया ठगी का ‘साम्राज्य’, दुबई में बुर्ज खलीफा को बनाया ठिकाना
राशिद नसीम प्रयागराज का रहने वाला है। उसने 2013 में लखनऊ में शाइन सिटी की स्थापना की थी। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में उसके ऊपर 554 मुकदमे हैं।
लखनऊ 28 फरवरी : प्रयागराज के करेली की गलियों से निकलकर राशिद नसीम ने लखनऊ को ठिकाना बनाकर अपने भाई व गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से पूरे देश में ठगी का साम्राज्य फैलाया था। उसने रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी बनाई। इसके बाद मात्र पांच वर्षों में अरबों रुपये का खेल कर दिया। वसूली व कब्जे को दबाव बना तो लखनऊ छोड़ दिल्ली चला गया। इसके बाद दुबई भाग गया। राशिद को यूएई में पकड़ लिया गया है। उस पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 554 मुकदमे हैं।
प्रयागराज के करेली निवासी राशिद नसीम ने शाइन सिटी की स्थापना 2013 में की। पहला कार्यालय प्रयागराज में खोला। इसके छह माह में ही उसने गोमतीनगर के एसआरएस मॉल के सामने लग्जरी कार्यालय खोला। तीन वर्ष में ही पूरे देश में अपने एजेंटों से नेटवर्क फैलाया। अरबों रुपये भूखंड पर निवेश करवाए।
2016 में लखनऊ छोड़ दिल्ली भाग गया
2016 में राशिद ने लखनऊ छोड़ दिया। उसके कार्यालय पर निवेशकों और भूखंड खरीदने वालों का प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके बाद कुछ दिनों तक वह दिल्ली में रहा। लगातार मुकदमे हुए तो पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ पुलिस कार्रवाई हुई। हालांकि पुलिस सिर्फ एजेंटों को ही गिरफ्तार कर पाई। दबाव बढ़ा तो आरोपित राशीद दुबई भाग गया। वहां बुर्ज खलीफा में ठिकाना बनाया और सिंडिकेट का संचालन शुरू कर दिया। लगातार दर्ज हो रहे मामलों से पुलिस पर दबाव बढ़ा। शासन ने मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सौंप दी।
ऑडियो वायरल कर दी थी सफाई
पांच वर्ष पूर्व पुलिस ने कंपनी के एमडी व राशिद नसीम के छोटे भाई आसिफ नसीम को पकड़ा था। प्रयागराज में ईओडब्ल्यू व पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे पकड़ा था। इसके बाद राशिद ने एक ऑडियो वॉयरल किया था जिसमें बताया कि सरकारी एजेंसियां उसकी एक हजार करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त कर चुकी हैं। हालांकि सरकारी दावे महज पांच सौ करोड़ के बताए गए। ऑडियो में कहा गया था कि करीब 300 करोड़ रुपये किसानों और दलालों के बीच फंसे हैं।
दोनों भाइयों पर 5-5 लाख का था इनाम
2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद राशिद नसीम व उसके सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। लगातार उसके करीबी लोग गिरफ्तार किये जाने लगे। इस कार्रवाई की जद में उसका भाई व दूसरी पत्नी भी आ गई। प्रदेश सरकार ने राशिद और उसके भाई आसिफ पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इसके अलावा कंपनी के करीब एक दर्जन से अधिक सदस्यों पर एक-एक लाख और 30 से अधिक पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
नेपाल पुलिस ने किया था अरेस्ट
जांच एजेंसियों के मुताबिक, नेपाल में नसीम को कुछ सदस्यों के साथ कैसिनो से गिरफ्तार किया गया था। वहां से छूटने के बाद वह दुबई चला गया। वह कई वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा, इसलिए जाच एजेंसियां उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। एजेंसिया यह भी खंगाल रही है कि ठगी की रकम किस-किस चैनल से विदेश भेजी गई। शाइन सिटी व राशिद नसीम के खिलाफ सबसे अधिक लखनऊ में मामले दर्ज है। कपनी का मुख्यालय भी यही था। उसके खिलाफ गोमतीनगर, विकासनगर, बीकेटी, मोहनलालगंज और गोसाईगंज में मामले दर्ज है। इसके अलावा प्रयागराज, वाराणसी के अलावा कई अन्य जनपदों में मामला दर्ज कराया गया है।
पॉन्जी स्कीम पर वसूले रुपये
शाइन सिटी ग्रुप ने पॉन्जी और पिरामिड स्कीम चलाया। इसके जरिए कपनी ने रियल एस्टेट निवेश, प्लॉट, घर, फ्लैट व अन्य आकर्षक योजनाओं के नाम पर निवेशकों से अरबों रुपये निवेश करवाए। निवेशको को मोटे मुनाफे का लालच दिया। निवेशको को न तो प्लॉट दिए गए और न रिटर्न।
लंदन, कनाडा समेत कई देशों में कंपनी शुरू करने की थी घोषणा
राशिद पर मनी लॉन्ड्रिग का भी मामला दर्ज है। उसने फर्जी कंपनियों, निदेशको और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। इन रुपये का उपयोग जमीन, ऑफिस स्पेस, और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स खरीदने में किया गया। इन रुपये का निवेश गलत तरीके से पाया गया। आरोपित ने वर्ष 2018 में लंदन, न्यूजीलैंड, कनाडा, डेनमार्क, स्वीडन, आयरलैंड, हांगकांग, सिंगापुर, नार्वे, फिनलैंड में अपनी कंपनिया शुरू करने का ऐलान किया था।
अब तक 63 आरोपित जा चुके हैं जेल
शाइन सिटी ग्रुप से जुड़े फर्जीवाड़े में पुलिस और ईओडब्ल्यू ने अब तक 63 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एमडी आसिफ नसीम, मनीष जायसवाल (उपाध्यक्ष) की सितंबर 2024 में गिरफ्तारी की गई। ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, मोहम्मद अकरम, शशि बाला, अभिषेक सिंह, दुर्गा प्रसाद, उद्धव सिंह, अमिताभ श्रीवास्तव, मीरा श्रीवास्तव समेत कई लोग शामिल है।
266.70 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त
जांच में सामने आया कि रेरा में सिर्फ 58 भूखंडों का रजिस्ट्रेशन था, लेकिन शाइन सिटी ने तीन हजार से अधिक की बुकिंग दिखाई थी। अब तक कुल 266.70 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी जब्त की गई, जिनमें लखनऊ के मोहनलालगंज में 24 कृषि भूमि (47.80 करोड़), बाराबंकी में 6 आवासीय भूखंड (16.5 करोड़), हरियाणा के रेवाड़ी में स्प्रिगडेल प्रोजेक्ट में कॉमर्शियल सपत्तियां (9.27 करोड़) और बिहार के पटना में 20 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की जा चुकी है।

