RTE act मान्यता नही तो केरल हाको ने कुरान पढाता स्कूल किया बंद
केरल हाईकोर्ट ने दिया कुरान की शिक्षा देने वाले स्कूल को बंद करने का आदेश, कहा- ‘RTE Act की मान्यता नहीं’
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक स्कूल को बंद करने का आदेश दिया, जो अपने स्टूडेंट्स को कुरान और उससे जुड़े विषय पढ़ा रहा था, क्योंकि यह राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन एक्ट, 2009 (RTE Act) की धारा 18 के अनुसार बिना वैध मान्यता के चल रहा था।
जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन दो संबंधित रिट याचिकाओं पर विचार कर रहे थे, जिनमें से एक दो व्यक्तियों ने दायर की। इन्होंने स्कूल के खिलाफ शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद असिस्टेंट एजुकेशनल ऑफिसर ने डिस्ट्रिक्ट एजुकेशनल ऑफिसर को रिपोर्ट भेजी, जिसमें पाया गया कि स्कूल बिना मान्यता के चलाया जा रहा था। उन्होंने इस पर आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश देने की मांग की।
दूसरी रिट याचिका स्कूल ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर द्वारा इसे बंद करने और स्टूडेंट्स को ट्रांसफर सर्टिफिकेट जारी करने के प्रस्तावित निर्देश के खिलाफ दायर की थी। स्कूल ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा दी गई मान्यता पेश की और तर्क दिया कि स्कूल को बंद नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि स्कूल RTE Act के तहत शिक्षा के बिना चल रहा था, जबकि लगभग 300 छात्रों को कुरान और उससे जुड़े विषय पढ़ाकर प्री-स्कूल शिक्षा भी दे रहा था।
इसने हाईकोर्ट के फैसले ट्रस्टी, हिदाया एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट बनाम केरल राज्य और अन्य पर भी भरोसा किया, जिसमें यह माना गया कि जिन स्कूलों को RTE Act के तहत मान्यता प्राप्त करना आवश्यक है, वे अन्य धर्मों की तुलना में विशेष रूप से एक धर्म की धार्मिक शिक्षा या धार्मिक अध्ययन प्रदान करने के हकदार नहीं हैं।
इन बातों पर विचार करते हुए कोर्ट ने कहा:
“यह कोर्ट एक्ट की धारा 18 के प्रावधानों पर ध्यान देता है, जिसके अनुसार हर स्कूल/शैक्षणिक संस्थान के लिए संबंधित सरकार से उचित मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है। यहां इस बात पर कोई विवाद नहीं है कि शैक्षणिक संस्थान… संबंधित सरकार से वैध मान्यता के बिना चल रहा है। यह कोर्ट शैक्षणिक संस्थान द्वारा दायर जवाबी हलफनामे में दिए गए बयानों पर भी ध्यान देता है… कि उक्त संस्थान लगभग 300 छात्रों को कुरान और संबंधित विषय पढ़ाकर प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान कर रहा है।”
कोर्ट ने राय दी कि स्कूल RTE Act के अनुसार वैध राज्य मान्यता के बिना नहीं चल सकता। इसने शैक्षणिक अधिकारियों को स्कूल बंद करने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया। स्कूल की इस बात पर विचार करते हुए कि वैकल्पिक इंतज़ाम करने के लिए उचित समय दिया जा सकता है, कोर्ट ने अधिकारियों को 2025-26 के एकेडमिक साल के लिए स्कूल चलाने की इजाज़त देने का निर्देश दिया।
इस तरह कोर्ट ने स्कूल की याचिका खारिज की, मगर दूसरी अपील स्वीकार कर ली।
Case Title: Moithunnykutty and Anr. v. The District Collector and Ors. & Ma’din Knowledge Garden Public School v. Assistant Educational Officer and Ors.
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RTE Act Kerala High Court
