‘ये बजट सबसे निराशाजनक’, RSS के BMS को पसंद नहीं आया बजट
Bms Sharp Attack On Budget 2026 Neglect Of Workers Serious Questions On Social Security
‘ये बजट सबसे निराशाजनक’, RSS के भारतीय मजदूर संघ को आखिर क्यों पसंद नहीं आया बजट?
भारतीय मजदूर संघ ने 2026-27 के बजट को श्रमिकों की आजीविका, वेतन और सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से निराशाजनक बताया है। बजट में श्रम संहिता अधिसूचना और सेवानिवृत्त श्रमिकों की उपेक्षा पर बीएमएस ने चिंता जताई है, साथ ही ईपीएफ और ईएसआई की वेतन सीमा में वृद्धि न करने को भी चिंताजनक बताया है।
नई दिल्ली 01 फरवरी 2026 : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने कहा है कि यूनियन बजट 2026-27 इस सरकार का अब तक का सबसे निराशाजनक बजट है। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बीएमएस ने कहा है कि ये बजट इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, औद्योगिक विकास और कौशल निर्माण से आर्थिक वृद्धि पर केंद्रित है लेकिन श्रमिकों की आजीविका, वेतन और सामाजिक सुरक्षा के मौलिक विषयों की पूरी तरह उपेक्षा करता है।
बीएमएस ने कहा है कि बजट में टेक्सटाइल, मत्स्य पालन, एमएसएमई, पर्यटन, स्वास्थ्य, आयुष, पशुपालन और रचनात्मक (एवीजीसी) जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में रोजगार सृजन की संभावना है लेकिन सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन बिना रोजगार को समावेशी विकास नहीं कहा जा सकता।
श्रम संहिताओं की अधिसूचना पर जताई चिंता
बीएमएस ने कहा कि श्रम संहिताओं की अधिसूचना और बैंकिंग क्षेत्र सुधार और “शिक्षा से रोजगार और उद्यम” पर उच्चस्तरीय समितियों का गठन भी चिंताजनक हैं क्योंकि श्रमिक-सुरक्षा के बिना सुधार अस्थिरता और असंगठितकरण को बढ़ावा देंगें।
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि बजट पूर्व बैठकों में बार-बार मूल श्रमिक सुधार के विषय उठाए गए लेकिन इसकी अनदेखी हुई। साथ ही कहा कि आंगनवाड़ी, आशा और मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं के मानदेय में किसी भी प्रकार की वृद्धि न होना भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और ये जमीनी स्तर पर कार्यरत महिला श्रमिकों के प्रति असंवेदनशीलता है।
सेवानिवृत्त श्रमिकों की उपेक्षा का आरोप
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि बेहद कम पेंशन पर जीवन यापन कर रहे सेवानिवृत्त श्रमिकों की निरंतर उपेक्षा की गई है। साथ ही कहा कि ईपीएफ और ईएसआई के वेतन-सीमा (Wage Ceiling) में वृद्धि न होना अत्यंत चिंताजनक है। इससे बड़ी संख्या में श्रमिक इन महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की परिधि से बाहर हो जाएंगें।
बीएमएस ने कहा है कि ई-श्रम जैसी पहल स्वीकार करते हुए भी, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लगभग 90 प्रतिशत श्रमिकों के लिए समर्पित और पर्याप्त सुरक्षा कोष का अभाव इस बजट की एक गंभीर विफलता है। साथ ही आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन और एनपीएस में सार्थक सुधार पर बजट की चुप्पी से सरकारी कर्मचारियों में व्यापक असंतोष है।
