ज्ञान समाज बनाने को STEM संस्थानों,शोध,प्रशिक्षण को शिक्षा बजट बढाया 8.27%
Union Budget 2026: Education sector allotted more than 1.39 Cr; 8.27% more than last year
शिक्षा बजट 8.27% बढ़कर हुआ 1.39 लाख करोड़ रुपये; जानें पिछले वर्षों में क्या रहे आंकड़े
केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को लेकर बड़े एलान किए हैं। शिक्षा के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाते हुए कौशल विकास, नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना को प्राथमिकता दी गई है। शिक्षा के लिए बजट पिछले वर्ष की तुलना में 8.27% बढ़ा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार अपना नौवां बजट पढ़ते हुए शिक्षा को प्राथमिकता क्षेत्र बना इसका फंड बढ़ाया है। बजट 2026-27 में शिक्षा को 1,39,289 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें 55,727 लाख करोड़ रुपये उच्च शिक्षा विभाग और 83,562 लाख करोड़ रुपये स्कूल और साक्षरता विभाग के लिए हैं। इस बार शिक्षा के लिए आवंटित बजट पिछले वर्ष की तुलना में 8.27 % अधिक रहा।सरकार का कहना है कि इस बजट का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करना और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में शिक्षा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
केंद्रीय बजट में सरकार ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। बजट में स्वास्थ्य, कौशल विकास, डिजाइन, एनीमेशन, आयुष, पशुपालन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नई संस्थाएं, ट्रेनिंग प्रोग्राम और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर फोकस किया गया है।
शिक्षा बजट 2026
पिछले वर्ष से 8.27% अधिक आवंटन
2026-27 के लिए शिक्षा को 1,39,289 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
2025-26 के बजट में शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल 1,28,650 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।
हाल के वर्षों में शिक्षा बजट लगातार बढ़ा है। पिछले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र को आवंटन इस प्रकार रहा:
वर्ष बजट राशि (करोड़ रुपये)
2021‑22 93,224.31
2022-23 1,04,277.72
2023-24 1,12,899.47
2024-25 1,20,627.00
2025-26 1,28,650.05
2026-27 1,39,289.00
ये नए संस्थान खोलने की घोषणा
बजट घोषणाओं में कई संस्थानों / हब / टाउनशिप की स्थापना की घोषणा की गई है, जोकि इस प्रकार हैं:
5 क्षेत्रीय मेडिकल हब
2 नए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS)
3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
1 राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID)
5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप
4 टेलीस्कोप/खगोल विज्ञान सुविधाएं (नई या अपग्रेड)
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल (AHP) के नए संस्थान
वेटनरी और पैरा-वेट कॉलेज/अस्पताल
AVGC लैब (15,000 स्कूल + 500 कॉलेज)
डिजिटल नॉलेज ग्रिड
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
पिछले बजट में हुई थीं ये घोषणाएं
पिछले बजट में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अटल टिंकरिंग लैब और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे।
पिछले केंद्रीय बजट 2025-26 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर सरकार ने भविष्य की तकनीक और कौशल विकास पर विशेष जोर था। शिक्षा मंत्रालय के बजटीय प्रावधान में बढ़ोतरी करते हुए शिक्षा को रोजगार और नवाचार से जोड़ने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे।
बजट 2025-26 की एक प्रमुख घोषणा शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) स्थापना था। 500 करोड़ रुपये लागत से प्रस्तावित इस केंद्र का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में एआई आधारित समाधान विकसित करना और तकनीक को पढ़ाई-लिखाई से जोड़ना था।
अगले पांच वर्षों में 50,000 टिंकरिंग लैब खोलने का था लक्ष्य
स्कूल स्तरीय नवाचार प्रोत्साहन को सरकार ने अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार नई अटल टिंकरिंग लैब स्थापना की घोषणा की थी। उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच, प्रयोगात्मक सीख और तकनीकी समझ मजबूत करनी थी।
उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी बजट 2025-26 में विस्तार की योजना थी। 2014 बाद स्थापित पांच आईआईटी संस्थानों में मौलिक तंत्र विस्तार को 6,500 अतिरिक्त छात्र सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव था।
इसके साथ ही युवाओं को वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता देने को पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की बात कही गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार देश का बजट पेश किया है. इसमें उन्होंने सामान्य जन तक सुविधाएं पहुंचाने पर ज्यादा फोकस किया .
शेयर बाजार से लेकर एजुकेशन तक निर्मला सीतारमण ने हर सेक्टर में विकास पर ध्यान दे उच्च शिक्षा क्षेत्र में स्टैम (STEM) इंस्टीट्यूट की भी चर्चा की.
STEM चार शब्दों विज्ञान (Science), तकनीक( Tech- nology), इंजीनियरिंग (Engineering) और गणित (Mathematics) का संक्षेपीकरण है. बजट 2026 में इन विषयों की पढ़ाई और उससे जुड़े करियर पर जोर है.
अब बदलती दुनिया टेक्नोलॉजी से आगे बढ़ रही है. मोबाइल, इंटरनेट, AI, मशीनें, मेडिकल उपकरण, स्पेस मिशन… इन सब के पीछे STEM की पढ़ाई है.
सरकार देश को टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन में आगे बढ़ाने की कोशिश में है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर को स्किल्ड युवा चाहिए. ऐसे में STEM संस्थान युवाओं को रोजगार योग्य बनाने, टेक्नोलॉजी सेक्टर सुदृढ़ीकरण और भारत को ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक होंगें.
STEM संस्थान युवाओं को बेहतर करियर और नौकरी के अवसर देगा, देश-विदेश में काम करने की संभावनाएं बढ़ायेगा और रिसर्च-इनोवेशन में आगे बढ़ने का भरपूर मौका देगा. ये संस्थान देश के भविष्य, युवाओं के करियर और भारत की तकनीकी मजबूती से जुड़े हैं और इसी से बजट में सरकार ने इस पर ध्यान दिया है.
हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल… STEM का बड़ा प्लान: वित्त मंत्री
सरकार STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) शिक्षा मजबूत करने को काम कर रही है. उच्च शिक्षा क्षेत्र में नए STEM संस्थान स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीक और रिसर्च से जुड़ी पढ़ाई मिलेगी.
निर्मला सीतारमण ने 9वीं बार बजट रखा हैं.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि सरकार ने सामान्य जन तक सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया. इससे देश की आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत तक पहुंच पाई. सरकार राज्यों को 5 विश्वविद्यालय खोलने में मदद करेगी.उच्च शिक्षा क्षेत्र में स्टैम इंस्टीट्यूट (STEM) बनेंगें.हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनेगा. एस्ट्रो फिजिक्स, एस्ट्रोनॉमी प्रोत्साहन को टेलीकॉफ इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा.सरकार आयुर्वेद और योग प्रोत्साहन को कई बड़े कदम उठायेगी. उद्देश्य देश के युवाओं को रोजगार देना और भारत की पारंपरिक चिकित्सा दुनिया तक पहुंचाना है.
STEM क्यों ज़रूरी है?
आज की दुनिया टेक्नोलॉजी पर चल रही है- मोबाइल, इंटरनेट, AI, मशीनें, मेडिकल उपकरण, स्पेस मिशन…इन सबके पीछे STEM की पढ़ाई होती है.
STEM का उद्देश्य है:
बच्चों और युवाओं को सोचना सिखाना
समस्या का हल निकालना सिखाना
नई तकनीक और इनोवेशन को तैयार करना
हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल
सरकार का फोकस विशेषत: लड़कियों की शिक्षा,तकनीकी पढ़ाई और रोजगार से जुड़ी स्किल्स पर है. देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनेगा.इसका उद्देश्य दूर-दराज की छात्राओं को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न होने देना है.यें हॉस्टल वायबिलिटी गैप फंड से बनेंगें, ताकि कम विकसित जिलों में भी यह सुविधा आसानी से मिल सके।
साइंस और रिसर्च प्रोत्साहित होंगें
एस्ट्रोफिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी जैसे विषय प्रोत्साहन को टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा. इसमें देश में नई सुविधाएं बनाई जाएंगी और पुरानी सुविधायें अपग्रेड होंगी, जिससे रिसर्च और वैज्ञानिक अध्ययन मजबूत होगा.
शिक्षा से रोजगार तक की तैयारी
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य पढ़ाई तक सीमित नहीं है,बल्कि छात्रों को रोजगार और करियर को तैयार करना भी है.लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने,तकनीकी शिक्षा मजबूत करने और शोध प्रोत्साहन से देश के विकास को नई गति मिलेगी. वित्त मंत्री ये सभी कदम विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
करियर के नए रास्ते खोलने को विशेष योजना
सरकार युवाओं के करियर के नए रास्ते खोलने को विशेष योजना लाएगी. इसमें अगले पांच साल में एक लाख विशेषज्ञ हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगें. साथ ही 1.5 लाख प्रशिक्षित केयर गिवर्स होंगें. भारत के योग और आयुर्वेद को दुनिया में पहचान दिलाने को उच्च गुणवत्तायुक्त आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्यात बढ़ाया जाएगा.इससे भारतीय पारंपरिक दवाइयों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा.
देश में आयुर्वेद के तीन नए एम्स जैसे बड़े संस्थान बनेंगें,ताकि बेहतर इलाज,पढ़ाई और रिसर्च हो. आयुर्वेदिक दवाइयों की गुणवत्ता जांचने को राष्ट्रीय स्तरीय टेस्टिंग लैब्स भी बनेंगी. गुजरात के जामनगर में WHO का ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनेगा,जिससे भारत आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सके.
1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स भी बनेंगीं
बजट में तकनीक और उद्योग प्रोत्साहन को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हैं. देश में इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्माण प्रोत्साहन को 40 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है. इससे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दूसरी तकनीकी चीजों का उत्पादन बढ़ेगा.सरकार 1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स भी बनाएगी,जहां वैज्ञानिक जांच और रिसर्च होगी. इससे मेडिकल रिसर्च और नई तकनीकों के विकास को मजबूती मिलेगी.
बजट में सेमीकंडक्टर मिशन का भी जिक्र है. इसमें देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन,भारतीय तकनीक (इंडियन आईपी) विकास और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर जोर है.इसके अलावा रेयर अर्थ मटेरियल को ओडिशा,तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में खास सुविधाएं बनेंगी.इन राज्यों में डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनेंगें,ताकि जरूरी खनिजों का सही तरीके से उपयोग हो सके.सरकार दो जगहों पर हाई-टेक टूल रूम भी बनाएगी,जहां बेहद सटीक और उन्नत कंपोनेंट तैयार होंगे.यहां टनल बोरिंग मशीन से लेकर ऊंची इमारतों के फायर फाइटिंग सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरण बनेंगें.
हर वर्ग को बढ़ने का मौका
सरकार चाहती है कि विकास का फायदा सीधे किसानों, वनवासियों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचे, ताकि हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका मिले.केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, कि “हमने 12 साल की सत्ता में देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता,वित्तीय अनुशासन,लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी बनाई है.यह उन सुचिंतित फैसलों का फल है जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं.”
रोजगार के अवसर बनेंगे
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक मान हमने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा बना ज़रूरी आयात पर निर्भरता घटाई है.यह भी सुनिश्चित किया कि सरकार के हर काम से नागरिक लाभान्वित हों.रोज़गार निर्माण,कृषि उत्पादकता,परिवारों की खरीदने की शक्ति और लोगों को वैश्विक सेवायें देने को सुधार किए हैं। इन उपायों से 7% की हाई ग्रोथ रेट मिली । हमें गरीबी घटाने और नागरिकों का जीवन बेहतर बनाने में काफी मदद मिली है.”
ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी करेंगे फोकस
निर्मला सीतारमण ने कहा कि ” इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च और टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स डेवलप करने को इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी फोकस करेंगें. एक ऐसे बाहरी वातावरण का सामना कर रहे जिसमें व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में हैं । संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है.
नया टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन सिस्टम बदल रहा हैं,जबकि पानी, ऊर्जा और ज़रूरी खनिजों की मांग तेज़ी से बढ़ी है.भारत विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से बढ़ेगा, जिसमें महत्वाकांक्षा और समावेश संतुलित किया जाएगा. बढ़ती अर्थव्यवस्था,बढ़ते व्यापार और पूंजी की ज़रूरतों के साथ,भारत वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ेगा,ज़्यादा निर्यात कर स्थिर लंबे समय का निवेश आकर्षित करेगा.”
