ऐंठ:वीडियो कांफ्रेंस में प्रणव का आरोपित बेटा पुलिस से…30 तक व्यस्त हूं, फिर बात करेंगे

Uttarakhand Former MLA Champion son did not appear before police even notice last date
Dehradun: वीडियो कांफ्रेंस पर प्रणव का आरोपित बेटा पुलिस से…30 तक व्यस्त हूं, फिर बात करेंगें

उत्तराखंड
मामला पूर्व मुख्य सचिव के बेटे आर. यशोर्धन के साथ मारपीट और लाइसेंसी हथियार दिखाकर धमकाने से जुड़ा है, जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है।

दो दिनों से पुलिस का सामना करने से बच रहा पूर्व विधायक चैंपियन का बेटा दिव्यप्रताप तीसरे दिन वीडियो कॉल पर हाजिर हुआ। उसने कहा कि वह अभी 30 नवंबर तक व्यस्त है इसके बाद बात करेगा। आरोपी इस समय हरियाणा स्थित मानव रचना स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में मौजूद है। पुलिस के मुताबिक वह अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए प्रशिक्षण ले रहा है।

14 नवंबर की रात राजपुर रोड इलाके में चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप और पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशोवर्धन बीच विवाद हो गया था।

इससे गुस्साए प्रणव के बेटे ने कार में सवार आर. यशोवर्धन और उसके चालक की जमकर पिटाई की थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। पिटाई के समय आरोपित के हाथ में पिस्तौल भी दिख रही थी।

तब पुलिस ने आरोपित को नोटिस जारी कर तीन दिनों में हाजिर होने के लिए कहा था। उसे बृहस्पतिवार तक का समय दिया गया था। दो दिन प्रतीक्षा बाद आरोपित तीसरे दिन आज वीडियोकॉल से हाजिर हुआ।  जहां पर आरोपित प्रशिक्षण ले रहा है, उस संस्था के प्रबंधन ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह से बात कर भौतिक रूप से शामिल होने को 30 तारीख तक का समय मांगा है।

आरोपित ने विवेचक को वीडियो कॉल पर कहा कि जिस कार सवार लोगों से विवाद हुआ था वे बार-बार हॉर्न देने पर भी साइड नहीं दे रहे थे। उसने यह भी कहा कि मारपीट सिर्फ कार चालक से की थी। वह कार सवार पीड़ित आर. यशोवर्धन से कैसी भी मारपीट, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार से  नट गया है। उसने कहा कि वह जल्द ही राजपुर थाने पहुंचकर भौतिक रूप से अपने बयान दर्ज करायेगा।

घटना के बाद आरोपत के तीनों शस्त्र लाइसेंस हो चुके निरस्त
पुलिस ने घटना का सीसीटीवी फुटेज निकाला तो इसमें आरोपित दिव्य मारपीट के साथ लाइसेंसी हथियार लहराते दिख रहा था। इसके बाद हरिद्वार के जिलाधिकारी को आरोपित के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने को पत्र लिखा गया था। मामले की गंभीरता देखते हुए जिलाधिकारी ने आरोपित के तीनों शस्त्रों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। आरोपित के पास दो रिवॉल्वर और एक बंदूक थी। इसके साथ जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसमें 15 दिनों में जवाब देने को कहा कि क्यों न उसके लाइसेंस निरस्त किए जाएं।

आरोपित ने तीसरे दिन वीडियो कॉल से प्राथमिक बयान लिखाये हैं। जहां पर वह अभी प्रशिक्षण ले रहा वहां के प्रबंधन ने 30 नवंबर तक की अनुमति मांगी है। इसके बाद उसे जल्द से जल्द भौतिक रूप से हाजिर होने के निर्देश दिए गए हैं।
अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून।

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