गुंजन हत्या में निष्क्रिय पुलिस में अब बिजली का करंट, तीन दिन में आरोपपत्र, 35 गवाह

Dehradun Police SIT has filed a charge sheet in Gunjan murder case including 35 witnesses.

गुंजन हत्याकांड में एसआईटी का आरोपपत्र न्यायालय में , 35 गवाह

तीन दिन पहले देहरादून के दूल्हा बजार में एकतरफा आकर्षण में शादीशुदा युवक ने चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर युवती की हत्या कर दी थी।  जांच को एसआईटी जुटी है।

देहरादून के दूल्हा बाजार में हुए गुंजन हत्याकांड को लेकर एसआईटी ने तीन दिन में आरोपपत्र न्यायालय में दे दिया है। एसआईटी ने मामले में 35 गवाहों को शामिल किया है।

अब इस मामले में देहरादून पुलिस फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस ट्रायल के लिए पैरवी करेगी। एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि पुलिस इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में कोर्ट में जिरह करके आरोपी को कठोरतम सजा की पैरवी करेगी।

बचा सकती थी आसपास की भीड़,सहेली ने की थी कोशिश

Dehradun Gunjan Murder Case friend said people standing nearby didn’t help to saved

तू अगर मेरी नहीं हो सकती तो किसी की भी नहीं हो सकती… फिल्म में यह डायलॉग बेशक मनोरंजन को था लेकिन आकाश इसी तरह फिल्मी स्टाइल में गुंजन को हत्या की धमकी दे रहा था और फिर देहरादून के दूल्हा बाजार में गुंजन की निर्मम हत्या कर भी दी।

गुंजन हत्याकांड: रोती बिलखती गुंजन की मां

गुंजन की सहेली पायल का कहना है कि मच्छी बाजार में जब गुंजन की हत्या हुई तब आसपास बहुत से लोग थे। गली से चीख-पुकार सुनकर और भी लोग वहां पहुंचे पर कोई भी गुंजन को बचाने आगे नहीं आया। ।  इकलौती उसने हत्यारोपित आकाश को धक्का देकर गुंजन को बचाने की कोशिश की पर आकाश के हाथ में चापड़ देखकर वह सिहर गई।

गुंजन की माैत से आहत पायल हत्या के अगले दिन भी गुंजन के परिजनों संग मौजूद रही। वह कभी गुंजन की मां के आंसू पोंछती तो कभी उसके भाई को संभालती। उसने बताया कि गुंजन गली में गाड़ी खड़ी करने गई, तब तक सब कुछ सामान्य था। वह रोज ही वहां गाड़ी खड़ी करने आती थी।

कभी-कभी वह घर में आकर मुझसे मिलती भी थी। सोमवार को भी वह उससे मिली थी। उसे अंदर आने को कहा लेकिन वह जल्दबाजी के कारण नहीं आई। कुछ ही देर में बाहर चीखने की आवाज आई तो वह दौड़कर वहां पहुंची।

गुंजन की मां
जब पायल पहुंची तब आकाश गेंजन पर चापड़ से लगातार हमले कर रहा था। उसने धक्का देकर आकाश को हटाने की कोशिश की तो उसने उसे भी चापड़ दिखाया। इससे वह सहम गई।  सुबह बाजार खुलते काफी चहल-पहल थी। घटनास्थल के आसपास 30-40 लोग थे। पायल के अनुसार उसने लोगों से गुंजन को बचाने की गुहार लगाई पर कोई भी आगे नहीं आया। गुंजन पर हमले के बाद आकाश लोगों के बीच से ही भाग निकला। किसी ने भी उसे पकड़ने या रोकने की कोशिश तक नहीं की। आसपास के अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इसकी पुष्टि की।

घटनास्थल
आकाश के बार-बार तंग करने और गुंजन को ले उसके इरादों का दोनों के परिजनों को पता था। गुंजन के भाई अंश ने बताया कि आरोपित आकाश की पत्नी ने भी फोन करके सावधान किया था कि वह धारदार हथियार लिये घूम रहा है और गुंजन पर हमला कर सकता है। आकाश पूर्व में ऐसी धमकियां दे चुका था इसलिए किसी ने उतना गंभीरता से नहीं लिया।

देहरादून मच्छी बाजार बंद
चचेरे भाई अंश ने बताया कि गुंजन पर ही घर की जिम्मेदारी थी। उसके पिता कोई काम नहीं करते। मां पहले घरों में काम करती थी,लेकिन कुछ दिनों से वह भी काम नहीं कर रही थी। भाई अभी छोटा है इसलिए गुंजन ही जिम्मेदारी निभाती थी। वह अपने ताऊ के घर रहती थी। उसकी मां और भाई दूसरी जगह किराए पर रहते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *