धन के केंद्रीयकरण और गरीबों की बढती संख्या से गड़करी चिंतित,सरकार बना रही हालात बदलने कीयोजना
Nitin Gadkari Expresses Concern Over Rising Poverty Questions Concentration Of Wealth In Hands Of Rich
‘कुछ अमीरों के हाथों में जमा हो रहा पैसा, देश में बढ़ रही गरीबों की संख्या’, नितिन गडकरी ने जताई चिंता
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ‘गरीबों की बढ़ती संख्या’ पर चिंता जताते हुए कहा कि धन कुछ अमीरों के हाथों केंद्रित हो रहा है। गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने धन के विकेंद्रीकरण, कृषि, विनिर्माण, कराधान और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी बात की।
नागपुर 05 जुलाई 2025 : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गरीबों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि धन कुछ अमीर लोगों के हाथों में केंद्रित हो रहा है। गडकरी ने नागपुर में एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने धन के विकेंद्रीकरण, कृषि, विनिर्माण, कराधान और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी बात की। उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को बढ़ावा देने की बात कही। गडकरी ने अर्थव्यवस्था को रोजगार पैदा करने और ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने के तरीके से विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों पी वी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की उदार आर्थिक नीतियों की सराहना की, लेकिन अनियंत्रित केंद्रीकरण के खिलाफ चेतावनी दी।
गडकरी ने क्या कहा?
नितिन गडकरी ने कहा कि धीरे-धीरे गरीबों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि धन कुछ अमीर लोगों के हाथों जमा हो रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए। अर्थव्यवस्था को ऐसे विकसित होना चाहिए कि रोजगार पैदा हो और गांवों का विकास हो। गडकरी ने कहा कि वे एक ऐसे आर्थिक विकल्प पर विचार कर रहे हैं जो रोजगार पैदा करे और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि धन का विकेंद्रीकरण जरूरी है और इस दिशा में कई बदलाव हुए हैं।
भारत की आर्थिक स्थिति के बारे में भी बात की
गडकरी ने भारत की आर्थिक स्थिति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अलग-अलग क्षेत्रों का योगदान बराबर नहीं है। उन्होंने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र 22-24 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र 52-54 प्रतिशत योगदान देता है। वहीं, कृषि क्षेत्र केवल 12 प्रतिशत योगदान देता है, जिसमें 65-70 प्रतिशत ग्रामीण आबादी शामिल है। गडकरी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सीए अर्थव्यवस्था आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है। अब यह सिर्फ आयकर रिटर्न भरने और जीएसटी जमा करने तक ही सीमित नहीं है।
परिवहन क्षेत्र में किए गए कार्यों के बारे में बताया
बुनियादी ढांचे के विकास पर बात करते हुए गडकरी ने परिवहन क्षेत्र में किए गए कार्य बताये। उन्होंने कहा कि सड़क बनाने को ‘निर्माण-परिचालन-हस्तांतरण’ (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) सिस्टम उन्होंने ही शुरू किया था। गडकरी ने कहा कि सड़क विकास को पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि कभी-कभी मैं कहता हूं कि मेरे पास पैसे की कमी नहीं है, बल्कि काम की कमी है।
टोल बूथों से लगभग 55,000 करोड़ रुपये की कमाई
उन्होंने बताया कि अभी टोल बूथों से लगभग 55,000 करोड़ रुपये की कमाई होती है। अगले दो सालों में यह कमाई 1.40 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। अगर इसे अगले 15 सालों तक जारी रखा जाए तो 12 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। नए टोल से सरकार के खजाने में और पैसा आएगा। गडकरी ने कहा कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि गरीबों की संख्या कम हो और धन का समान रूप से वितरण हो। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है।

