पाकिस्तान में दो और हिंदू बच्चियों का अपहरण,जबरन निकाह, 10 दिन में छह
‘हम अपने घर जाना चाहते हैं’, PAK में जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह पर बिलख-बिलख कर रोने लगीं दो मासूम हिंदू बहनें
पाकिस्तान की एक अदालत के बाहर दो हिंदू सिसकते हुए लगातार घर जाने की गुहार लगाती रहीं. लेकिन कोर्ट ने घर के बजाय उन्हें सुरक्षित ठिकाने भेज दिया गया. यह मामला और गंभीर है क्योंकि 10 दिनों के अंदर जिले में छह नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आ चुके हैं.
पाकिस्तान में एक बार फिर हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण और जबरन शादी का मामला सामने आया है.
नई दिल्ली,
11 सितंबर 2026,पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आई दो नाबालिग हिंदू बहनों की गुहार आपको झकझोरकर रख देगी. रोते-सिसकते उनकी बस एक ही मांग थी, कि उन्हें अपने माता-पिता के पास घर भेज दिया जाए. लेकिन कोर्ट ने उन्हें परिवार के साथ भेजने के बजाय दो दिनों के लिए सेफ हाउस भेजने का आदेश दे दिया.
मामला तंदो अल्लाहयार के जिला कोर्ट का है, जहां सुनावाई के बाद दोनों बहनें रोती बिलखती नजर आईं. दोनों बहनों की पहचान सीता और रूपी के तौर पर बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक उनकी उम्र करीब 13 और 14 साल है.
परिवार का आरोप है कि दोनों को पहले अगवा किया गया, फिर धर्म परिवर्तन कराया गया और मुस्लिम युवकों से जबरन उनकी शादी करा दी गई. हालांकि अभी कर किसी सार्वजनिक पुलिस या कोर्ट दस्तावेजों से बच्चियों की उम्र और दावे की पुष्टि नहीं हुई है.
कोर्ट के बाहर रोती रहीं बच्चियां
दोनों बहनों को तंदो अल्लाहयार की अदालत में पिछले हफ्ते दर्ज हुए किडनैपिंग के मामले में पेश किया गया था. सुनवाई के बाद बच्चियों ने अपने परिवार के पास जाने की इच्छा जताई.वहां मौजूद पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे लगातार रो रही थीं और घर जाने की बात कह रही थीं.
अदालत ने फिलहाल दोनों को दो दिन के लिए सेफ हाउस भेज दिया. कुछ अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि बच्चियों की बात सीधे सुनी जाए और उन्हें स्वतंत्र कानूनी और मनोवैज्ञानिक मदद दी जाए.
‘हमें घर भेज दो’, पाकिस्तान में दो नाबालिग हिंदू बहनों का पहले किया जबरन धर्मांतरण फिर पढ़वा दिया निकाह
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में दो नाबालिग हिंदू बहनों का जबरन धर्मांतरण कराकर मुस्लिम पुरुषों से निकाह करा दिया गया।
- सिंध में दो नाबालिग हिंदू बहनों का जबरन धर्मांतरण कराया गया।
- अदालत ने बहनों को माता-पिता के बजाय आश्रय गृह भेजा।
- परिवार ने लड़कियों की सुरक्षा और इच्छाओं को प्राथमिकता देने की मांग की।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 2 हिंदू बहनों का पहले जबरन धर्मांतरण कराया और फिर उनकी शादी करा दी। ये दो बहनें अदालत के बाहर रोते हुए बोलीं, ‘हमें घर भेज दो।’
परिवार का आरोप है कि उनका अपहरण कर जबरन इस्लाम कबूल कराया गया और मुस्लिम पुरुषों से शादी करा दी गई। परिजनों के अनुसार अमजद सोलंगी व मंसूर सोलंगी से उनकी शादी कराई गई है। दोनों बहनें नाबालिग हैं और 13 व 14 साल की हैं।
पाक में पांच वर्षों में जबरन धर्मांतरण के 515 केस दर्ज
‘वॉइस ऑफ पाक माइनॉरिटी’ के मुताबिक, पाक में 2021-2025 में अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के 515 मामले दर्ज हुए। जबरन शादी की शिकायतें भी सामने आईं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2025 में जबरन शादी के जरिए धर्मांतरण की पीड़ितों में 75% हिंदू और 25% ईसाई थीं। वहीं, बीते साल 12 चर्च और सात मंदिर भी टूटे हैं।

