मुंगेर लव जिहाद

मां-बाप की गुहार-बेटी बनी लव जिहाद की शिकार, वीडियो में युवती बोली-मुझे हुआ प्यार

बिहार के मुंगेर में हिंदू युवती ने मुस्लिम युवक से शादी कर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया. युवती ने कहा कि शादी अपनी मर्जी से की है, जबकि परिवार ने इसे लव जिहाद बताते हुए अपहरण और साजिश का आरोप लगाया है. मां ने भावुक होकर कहा कि बेटी को बरगला कर धमकी दी.

बिहार के मुंगेर जिले में एक हिंदू युवती ने मुस्लिम युवक नियाजुल हक से अपनी मर्जी से शादी करने का दावा किया है.युवती ने तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में शादी की और पुलिस से परेशान न करने की अपील की है.युवती के पिता ने अपहरण और साजिश का आरोप लगाते हुए सात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
Munger love Jihad Case: बिहार के मुंगेर जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है. हिंदू युवती ने मुस्लिम युवक से शादी करने का दावा किया है. युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उसने यह शादी अपनी मर्जी से की है और किसी तरह की जबरदस्ती नहीं हुई. वहीं परिवार इस शादी को लव जिहाद बता रहा है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.

युवती का दावा– अपनी मर्जी से की शादी
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में ने बताया कि उसने 30 दिसंबर को दिल्ली के तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में मुस्लिम युवक से शादी की. उसने कहा कि वह अपनी इच्छा से घर से गई थी और किसी ने उसे मजबूर नहीं किया. साथ ही उसने पुलिस से अपील की कि उसे और उसके पति के परिवार को परेशान न किया जाए.

परिजनों का आरोप – अपहरण और साजिश
युवती के पिता ने सफियासराय थाना में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. उनका आरोप है कि 29 दिसंबर को बेटी प्रैक्टिकल क्लास के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. बाद में पता चला कि युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया. पिता ने बताया कि जब उन्होंने युवक के परिवार से बात की तो पहले समय मांगा गया और बाद में गाली-गलौज कर भगा दिया.

पिता ने बताया कि उनकी बेटी एससीएम कॉलेज में पढ़ती थी और पारा मेडिकल की तैयारी कर रही थी. रोज सरकारी अस्पताल में प्रैक्टिकल करने जाती थी. उन्होंने कहा कि कोई भी माता-पिता नहीं चाहते कि उनकी बच्ची गलत हाथों में जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री से गुहार लगाई कि उनकी बेटी हर हाल में वापस लाई जाए.

मां का दर्द – लव जिहाद का आरोप
युवती की मां ने कहा कि जिस लड़के का नाम आर्यन बताया गया था, वह पहले हमारे दुकान पर आता था. पहले हमें भाभी कहकर बुलाता था. फिर जब मेरी बच्ची को देखा तो हमें आंटी कहने लगा. उसके बाद कभी-कभी आने-जाने लगा. कभी पानी मांगा, कभी कुछ और. इसी तरह उसकी पहचान बढ़ी. उसका घर खंडो में है.

धमकी और ब्लैकमेल
उसने मेरी बेटी को बरगला लिया. मेरी बेटी बिल्कुल ऐसी नहीं थी. जब वे जा रहे थे, तो ट्रेन में किसी का कॉल आया. उन्होंने मोबाइल लेकर धमकी दी कि हमें पैसे दो, नहीं तो वीडियो वायरल कर देंगे. जब हमने विरोध किया तो चिल्लाने लगे. मेरी बेटी वहां से बोल रही थी, लेकिन हम समझ नहीं पाए कि क्या हो रहा है.

‘वो उसे कुकर में पकाकर खा जाएगा’
युवती की मां ने कहा कि यह मामला लव जिहाद का है. कोई भी माता-पिता नहीं चाहते कि उनकी बच्ची किसी गलत हाथ में जाए. हम हिंदू धर्म के लोग हैं. क्यों हमारी बच्चियों के साथ ऐसा हो रहा है? आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं. मूवी और समाचारों में भी यही दिखाया जा रहा है. वो भी उसे कुकर में पकाकर खा जाएगा. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के नेताओं से अपील की कि मेरी बेटी सुरक्षित वापस लाई जाये।

आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट तीस हजारी दिल्ली के साथ क्या विवाद है
आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट (या समान नाम जैसे Arya Samaj Sanatan Vaidik Sanskar Trust), जो दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट क्षेत्र में स्थित है, मुख्य रूप से आर्य समाज विवाहों को संपन्न कराने और विवाह प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जाना जाता है। यह ट्रस्ट दिल्ली में अंतर-जातीय या प्रेम विवाहों (लव मैरिज) के लिए लोकप्रिय है, क्योंकि यहां शादी जल्दी और सरल वैदिक रीति से हो जाती है।

हालांकि, इस ट्रस्ट या समान आर्य समाज संस्थाओं के साथ मुख्य विवाद निम्नलिखित हैं:विवाह प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल:
भारत के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट्स (जैसे इलाहाबाद हाई कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट) ने कई मामलों में स्पष्ट किया है कि आर्य समाज से जारी विवाह प्रमाण पत्र अकेले वैध विवाह का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना जाता। कोर्ट ने कहा है कि आर्य समाज का कार्य विवाह प्रमाण पत्र जारी करना नहीं है, बल्कि यह सरकारी अधिकारियों (रजिस्ट्रार) का काम है। विवाह को कानूनी मान्यता तभी मिलती है जब इसे हिंदू मैरिज एक्ट 1955 या स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर कराया जाए। कई मामलों में ऐसे प्रमाण पत्रों को “फर्जी” या अपर्याप्त बताकर खारिज किया गया है।
फर्जी प्रमाण पत्र और धोखाधड़ी के आरोप:
दिल्ली में कुछ फर्जी ट्रस्ट या संस्थाएं आर्य समाज के नाम का दुरुपयोग करके त्वरित विवाह प्रमाण पत्र जारी करती हैं, जो बाद में कोर्ट में चुनौती का सामना करते हैं। कुछ मामलों में मुस्लिम व्यक्ति हिंदू नाम से शादी करके फर्जी प्रमाण पत्र बनवाते पाए गए, जिसे कोर्ट ने अवैध घोषित किया। तीस हजारी क्षेत्र में कई runaway couples (भागकर शादी करने वाले) यहां आते हैं, और कभी-कभी परिवार के विरोध या कानूनी मामलों में ये प्रमाण पत्र कमजोर साबित होते हैं।
धर्मांतरण और अंतर-धार्मिक विवाहों का मुद्दा:
आर्य समाज में शुद्धिकरण (conversion) के जरिए अंतर-धार्मिक जोड़े शादी करते हैं, लेकिन कोर्ट्स ने “शॉर्ट-कट” धर्मांतरण पर सवाल उठाए हैं। असली आर्य समाज मंदिरों में प्रक्रिया सख्त होती है, लेकिन कुछ फर्जी जगहों पर आसानी से प्रमाण पत्र मिल जाते हैं, जिससे कानूनी समस्याएं पैदा होती हैं।

नोट: यह ट्रस्ट खुद कोई बड़ा व्यक्तिगत विवाद में नहीं दिखता, बल्कि व्यापक रूप से आर्य समाज विवाह प्रक्रिया से जुड़ी कानूनी चुनौतियों का हिस्सा है। यदि आपका कोई विशिष्ट मामला है, तो विवाह को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। कोर्ट के हालिया फैसलों (2022-2025 तक) में इस पर जोर दिया गया है कि सिर्फ आर्य समाज प्रमाण पत्र से विवाह साबित नहीं होता—फोटो, वीडियो, गवाह और रीति-रिवाजों के प्रमाण जरूरी हैं।

Topics mentioned in this article
Munger Love Jihad Case
Hindu Girl Marries Muslim Boy
Arya Samaj Marriage Controversy
Bihar Interfaith Marriage News
Love Jihad Allegations In

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