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दिल्ली यूनिवर्सिटी में UGC कानून पर बवाल, महिला यूट्यूबर से हाथापाई, छात्रों का आधी रात तक हंगामा

दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में यूजीसी कानून को लेकर महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला

DU के नॉर्थ कैंपस में यूजीसी कानून को लेकर प्रदर्शन के दौरान महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से कथित बदसलूकी हुईमहिला ने सवाल पूछने पर उसे घेर कर नाम और जाति पूछी गई तथा उसके साथ हाथापाई की गई थीबदसलूकी के बाद छात्रों का एक समूह महिला के समर्थन में आया और पुलिस स्टेशन के बाहर नारेबाजी की

नई दिल्‍ली 14 फरवरी , 2026 । दिल्ली में देश के सबसे प्रतिष्ठित दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ. नॉर्थ कैंपस में यूजीसी (UGC) कानून को लेकर प्रदर्शन के दौरान एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कथित बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है. आरोप है कि सवाल पूछने पर उसे घेर लिया गया, उसका नाम और जाति पूछ उससे हाथापाई की गई.

महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ हुई बदसलूकी के बाद कुछ छात्रों का ग्रुप उनके समर्थन में आ गया. मामले के बाद मॉरिस नगर पुलिस स्‍टेशन के बाहर छात्रों का जमावड़ा लग गया और देर रात तक नारेबाजी होती रही. ये छात्र उन छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जिन्‍होंने महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से दुर्व्यवहार किया था .

यूजीसी कानून को लेकर विवाद
एक युवा यूट्यूबर इन्फ्लुएंसर छात्रों की भीड़ के बीच घिरी हुई थी. उसने यूजीसी कानून को लेकर सवाल पूछे और इसी दौरान वातावरण अचानक गरमा गया. आरोप है कि UGC समर्थकों ने उसके नाम का टाइटल सुन जाति पूछी और फिर धक्का मुक्की, खींचातानी और दुर्व्यवहार किया गया. इस घटना से जुड़ी कुछ तस्‍वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें युवती भीड़ में फंसी दिख रही है. कुछ लोग उसे घेरे दिखते हैं । पत्रकारों को भी वहां से हटाने की कोशिश होती है. पुलिस ने जैसे-तैसे युवती बाहर निकाली.

सवाल पूछने पर विवाद
दोपहर में UGC के नए एक्ट के समर्थन में रैली निकाली गई थी. छात्र UGC कानून लागू करने की मांग कर रहे थे, जबकि इस कानून पर 19 तारीख को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है. तभी यह विवाद खड़ा हो गया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बताया, कि ‘दिल्ली विश्वविद्यालय में हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है,  महिला सशक्तिकरण की बात करने वालों का असली चेहरा सामने आ गया है. महिला फ्रीलांसर पत्रकार से सवाल पूछने पर उसकी जाति पूछ दुर्व्यवहार किया गया.’

वहीं, युवती अपने ऊपर हुए हमले की शिकायत दर्ज कराने  थाने पहुची. रात होते-होते थाने के बाहर बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा हो गए. नारेबाजी हुई और न्याय की मांग तेज होती गई. पूरे घटनाक्रम ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया कि क्या अब विश्वविद्यालय परिसर भी विचारधाराओं की लड़ाई का अखाड़ा बनते जा रहे हैं?

UGC कानून पर देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई शेष है, लेकिन उससे पहले ही कैंपस की राजनीति सड़कों पर उतर आई है. निकट भविष्य में विरोधी और समर्थक छात्र संगठनों में टकराव और बढ़ने की आशंका है. फिलहाल सवाल यही है, क्या सवाल पूछना अब खतरे से खाली?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद दोनों पक्षों ने मॉरिस नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और एक-दूसरे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. राइट विंग छात्रों का आरोप है कि महिला यूट्यूबर पत्रकार से जाति से जुड़े सवाल पूछे गए और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया, जबकि लेफ्ट विंग संगठनों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पत्रकार के साथ बदसलूकी की गई लेकिन जाति को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की गई. पुलिस ने कथित छेड़छाड़ के मामले में केस दर्ज कर लिया है और दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या प्रतिक्रिया दी?
इस पूरे घटनाक्रम पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. प्रशासन ने कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और शिकायतों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बताया जा रहा है कि यूजीसी के समर्थन में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे टकराव में बदल गया, जिससे कैंपस में तनाव की स्थिति बन गई.
आइसा का क्या है आरोप?
लेफ्ट छात्र संगठन आइसा ने आरोप लगाया है कि उनके विरोध प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आकर मारपीट की. आइसा ने यह भी माना कि मारपीट में घायल होने वालों में एक फ्रीलांसर यूट्यूबर भी शामिल है. वहीं लेफ्ट की जनरल सेक्रेटरी की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है. दूसरी ओर मारपीट की शिकार एक लड़की का आरोप है कि वह ब्राह्मण होने की वजह से उस पर लेफ्ट से जुड़े एक छात्र ने हमला किया.

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