सीतारमण की दो टूक:भारत-US ट्रेड डील पर अमेरिका को अब और छूट देना कठिन

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अमेरिका को निर्मला सीतारमण की दो टूक, अब आगे रियायत देना मुश्किल

नई दिल्ली 95 अक्टूबर 2026 । यहां म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर एक बड़ी बात कह दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार, 5 अक्टूबर को कहा कि दोनों देशों के बीच काफी दौर की बातचीत हो चुकी है. दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी है. ऐसे में अब आगे किसी तरह की बड़ी रियायत देना आसान नहीं होगा. उन्होंने ये भी कहा कि प्रपोज्ड किए गया व्यापार समझौता अभी फाइनल नहीं हुआ है.

नई दिल्ली में म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर एक बड़ी बात कह दी है. 5 अक्टूबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर काफी दौर की बातचीत हो चुकी है. दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी है. ऐसे में अब आगे किसी तरह की बड़ी रियायत देना आसान नहीं होगा. उन्होंने ये भी कहा कि प्रपोज्ड किए गया व्यापार समझौता अभी फाइनल नहीं हुआ है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये बातचीत काफी मुश्किल और लंबी रही है. दोनों देशों के लिए अपने हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना जरूरी है. अब दोनों पक्ष ऐसा रास्ता तलाश रहे हैं, जिससे समझौते पर सहमति बन सके.

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अभी जारी है.

दोनों देशों के बीच बातचीत जारी
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत अभी चल रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, दोनों देश बातचीत के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गए हैं, जहां आगे कुछ देना या लेना काफी मुश्किल हो सकता है. हालांकि, दोनों पक्ष अभी भी समझौते की बची हुई संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं. निर्मला सीतारमण ने ये भी कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड बैलेंस भारत के पक्ष में है. अमेरिका अपने व्यापार घाटे(Trade Deficit) को कम करना चाहता है. उनके मुताबिक, अमेरिका पिछले सालों में हुए व्यापार नुकसान की भरपाई के लिए भारत से कुछ रियायतें चाहता है.
फरवरी 2026 में बना था ट्रेड डील एग्रीमेंट फ्रेमवर्क
भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा बातचीत फरवरी 2026 में तय किए गए एक शुरुआती ट्रेड एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क पर आधारित है. दोनों देशों ने तब इस डील को आगे बढ़ाने और साथ ही एक बड़े व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी. इस प्रोसेस की शुरुआत फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के बाद हुई थी.

इस फ्रेमवर्क में टैरिफ कम करने, व्यापार से जुड़े नेगेटिव फैक्टर्स को कम करने और एक-दूसरे के बाजार में बेहतर पहुंच देने जैसे मुद्दे शामिल हैं. सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी जोर है. आगे डिजिटल ट्रेड और बाजार में पहुंच से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत होनी है. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार में भारत को फिलहाल बढ़त हासिल है. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जुलाई के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात 34.5 अरब डॉलर रहा.  इस दौरान अमेरिका से आयात 22.2 अरब डॉलर का हुआ. इस तरह भारत के पक्ष में करीब 12.3 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस रहा है.

त्वरित प्रश्नोत्तर
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर निर्मला सीतारमण ने क्या बयान दिया?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है और अब आगे किसी भी बड़ी रियायत की गुंजाइश नहीं है।

भारत और अमेरिका के बीच शुरुआती ट्रेड एग्रीमेंट फ्रेमवर्क कब और कैसे स्थापित हुआ था?
भारत और अमेरिका के बीच शुरुआती ट्रेड एग्रीमेंट फ्रेमवर्क फरवरी 2026 में स्थापित किया गया था, जिसकी प्रक्रिया फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के बाद शुरू हुई थी।

चालू वित्त वर्ष में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संतुलन की स्थिति कैसी है?
चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से जुलाई के दौरान भारत का अमेरिका को निर्यात 34.5 अरब डॉलर था, जबकि आयात 22.2 अरब डॉलर रहा, जिससे भारत के पक्ष में लगभग 12.3 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस दर्ज किया गया।

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