छत्तीसगढ लस्ट जिहाद: महंत बने राजा अंसारी को आजीवन कारावास

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‘राजा महंत’ बनकर फंसाया, सिंदूर लगाकर किया शादी का नाटक; धोखेबाज राजा अंसारी को  आजीवन कारावास
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पहचान छिपाकर युवती से दुष्कर्म में राजा अंसारी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अंसारी ने ‘राजा महंत’ बनकर पीड़िता को प्रेम जाल में फंसा, सिंदूर लगाकर शादी का नाटक कर उसका यौन शोषण किया।
रायपुर 04 मार्च 2026 : छत्तीसगढ़ से प्यार,भरोसे और फिर भयानक धोखे की कहानी का the end हो गया। सरगुजा जिले की युवती ने जिसे राजा महंत समझ अपना जीवनसाथी माना,वह अपनी पहचान छिपाये उसे बर्बाद कर रहा था। लेकिन अब इंसाफ जीता है। अंबिकापुर की अदालत ने पहचान छिपाकर दुष्कर्मी राजा अंसारी को मरते दम तक जेल की सजा यानी कि आजीवन कारावास सुनाई है।

धोखेबाज राजा अंसारी को अब ताउम्र जेल

मेले में बिछाया था जाल
युवती और राजा अंसारी की कहानी शुरू हुई मेले में राजा अंसारी के युवती से दोस्ती गांठने से । उसने चालाकी दिखा नाम ‘राजा महंत’ बताया ताकि युवती भरोसा करे। धीरे-धीरे युवती के घर आना-जाना शुरू किया और शादी का वादा कर उसे अपने जाल में फंसा लिया।

सिंदूर का नाटक और फिर असली चेहरा
अंसारी ने युवती का विश्वास जीतने को उसके माथे पर सिंदूर लगा शादी का नाटक रचा। फिर उसे अंबिकापुर में किराए के मकान में ले गया, जहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती को अंसारी के घर पहुंच झटका लगा जब पता चला कि जिसे वह राजा महंत समझती है, वह असल में पहले से शादीशुदा  राजा अंसारी है ।

अंसारी ने महिला को धमकाया
युवती ने धोखे का विरोध किया तो राजा अंसारी अपने असली रंग में आ गया। उसने न सिर्फ उसे पीटा, बल्कि उसका मोबाइल छीन लिया और फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। राजा अंसारी के भाई से बात की तो उसने मुसलमान बन चुप रहने अन्यथा हत्या की धमकी दी लेकिन पीड़िता ने डर छोड़ पुलिस को शिकायत की।

आरोपित राजा अंसारी अंबिकापुर के मोमिनपुरा का रहने वाला है लेकिन उसने राजा महंत बनकर पीड़िता से नजदीकियां बढ़ाई थी। शादी का झांसा देकर उसके साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि पीड़िता द्वारा दूरी बना लेने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी थी।

परिचय होने के बाद पहली बार वह आठ मार्च 2023 को पीड़िता के घर गया था।
इसके बाद 22 मार्च 2023 को पीड़िता के जन्मदिन के दिन भी उसके घर गया। रात हो जाने के कारण उसी के घर रुक गया। पीड़िता को उसने झांसा दिया कि वह उससे विवाह करेगा।
दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी। पीड़िता को वह अंबिकापुर ले आया। यहां किराए के घर में उसे रखा।
उसका विश्वास जितने के लिए माथे पर सिंदूर लगा विवाह का नाटक किया। दो अप्रैल 2023 को पहली बार आरोपित ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किया।

इसके बाद जब युवती ने घरवालों से मुलाकात की जिद की तो आरोपित उसे लेकर अपने घर गया। यहां उसे पता चला कि युवक दूसरे मत का है और उसे धोखा दिया है। इस पर उसने आपत्ति की तो आरोपित उसे प्रताड़ित करने लगा। उसका मोबाइल भी ले लिया। किसी तरह पीड़िता उसके चंगुल से छूटकर घर चली गई। तब आरोपित ने उसे धमकाया की वह उसके फ़ोटो,वीडियो वायरल कर देगा। आखिरकार पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की।

कोर्ट ने यह सुनाया फैसला
पुलिस ने विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी की। आरोपित न्यायालय ने जेल भेजा। जांच बाद पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) चित्रलेखा सोनवानी की अदालत ने राजा अंसारी को धारा 417 तथा धारा 376 (2)(एन) का दोषी पाया। अदालत ने उसे धारा 417 में एक वर्ष कारावास तथा 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 376 (2)(एन) में आजीवन कारावास व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपित को अतिरिक्त कारावास की सजा होगी।

महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार
अभियोजन ने अदालत में कहा  कि आरोपित ने अपनी पहचान एवं विवाहित होना छिपाकर पीड़िता से छलपूर्वक शारीरिक संबंध बनाकर यौन शोषण किया है जो गंभीर प्रकृति का अपराध  है। यदि ऐसे प्रकरणों में कठोर दण्ड नहीं दिया जाएगा तो समाज में विपरीत प्रभाव पड़ेगा तथा यौन अपराध के प्रकरणों में अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा।
सभी पक्ष सुनने के बाद अदालत ने कहा है कि आरोपित की यौन हिंसा अमानवीय होने के अतिरिक्त महिला के गोपनीयता एवं पवित्रता के अधिकार का विधि विरूद्ध उल्लंघन है।
यह महिला के सर्वोच्च सम्मान पर गंभीर प्रहार है और महिला के आत्मविश्वास एवं प्रतिष्ठा को अपराध है।
आरोपित ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़िता के साथ स्वयं को राजा महंत बताकर उसका विश्वास जीतकर उससे दुष्कर्म किया। इसी आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया।

कोर्ट की कठोर टिप्पणी
मामले की सुनवाई में जज चित्रलेखा सोनवानी ने कहा कि यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि महिला की गरिमा और उसके भरोसे पर गहरा प्रहार है। अंसारी ने सुविचारित षड्यंत्र में युवती की जिंदगी बर्बाद की। अदालत ने राजा अंसारी को आजीवन कारावास के साथ  अर्थदण्ड भी लगाया है। सरकारी वकील अभिषेक कश्यप ने बताया कि ऐसे अपराधियों को कठोर सजा ही  समाज में कड़ा संदेश है।

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