धामी मंत्रीमंडल:विवि खोलना आसान, सौरभ के विभागों में महानिदेशक

बनबसा में धामी मंत्रीमंडल बैठक, दर्जनों निर्णय अनुमोदित

बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  और उनके मंत्रियों को देवभूमि की लोक परंपरा की अनमोल धरोहर फर्रा/छन्तोली भेंट की गई।

चंपावत 04 अक्टूबर 2026 : बनबसा एनएचपीसी में आज धामी मंत्रीमंडल की बैठक हुई. चंपावत जिले में पहली बार हुई मंत्रीमंडल बैठक में दर्जनों महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मंत्रीमंडल बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी होंगी.

चंपावत बनबसा धामी मंत्रीमंडल बैठक में 24 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव अनुमोदित हुए। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियम बदले। अब 20 हजार वर्गमीटर जमीन में भी विश्वविद्यालय खुल सकेगा। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपए के गारंटी फंड की अनिवार्यता खत्म की गई है।

युवाओं को रोजगार को तैयार करने को 200 करोड़ रुपए की स्किलिंग योजना स्वीकार हुई है। इसमें विद्यार्थियों को AI समेत नई तकनीकों और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार स्किल आधारित कोर्स कराए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग में स्किल डिप्लोमा से जुड़े कोर्स भी शुरू होंगे, जिससे प्रदेश के एक लाख से अधिक छात्र लाभांवित होंगें।

मंत्रिमंडल ने जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा बैठक में कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण, नजूल भूमि के नियमितीकरण, कुक्कुट पालन, उच्च शिक्षा और विभागीय समन्वय समेत कई अन्य प्रस्तावों पर फैसले लिए गए है।उत्तराखण्ड शासन प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई पहल की है. भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई. चम्पावत जिले में पहली बार मंत्रीमंडल बैठक हुई जिसमें दर्जनों महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

बनबसा मंत्रीमंडल के बड़े फैसले

मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन आरेखन के परीक्षण तथा नोडल कार्यालय सुदृढ़ करने को नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखण्ड कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) गठन तथा इसको 06 पदों की स्वीकृति दी.
मंत्रिमंडल ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेधारों/कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने, जनपद नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआँ में संबंधित पट्टेधारों/कब्जाधारकों को क्रमशः भूमिधर अधिकार देने तथा जनपद देहरादून के परगना डोईवाला-रिस्पना में वर्ग-4 भूमि के विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव स्वीकारा. संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष को विस्तारित किया जाएगा. इसके पश्चात् प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार होगा.
मंत्रिमंडल ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण को हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखण्ड ट्रेड एण्ड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ ₹ की अवशेष धनराशि अवमुक्त करने को मंजूरी दी. यह धनराशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण एवं अन्य निर्धारित कार्यों पर व्यय होगी.
मंत्रिमंडल ने स्टाम्प एवं निबंधन विभाग अंतर्गत संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित लेन-देन में क्रेता-विक्रेता एवं अन्य संबंधित पक्षकारों के उपलब्ध कराए गए PAN सत्यापन (PAN Verification) की व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी.
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 और वन विभाग विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी. इसमें निदेशक, नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटा मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, उत्तराखण्ड, नैनीताल एवं मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, उत्तराखण्ड, पौड़ी विभागाध्यक्ष घोषित किये जाएगें.
मंत्रिमंडल ने छठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखण्ड के पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन विधानसभा सत्र में प्रस्तुतिकरण को मंजूरी दी. आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि को राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में संस्तुतियां की हैं.
मंत्रिमंडल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधान लागू करने को अधिसूचना जारी करने को मंजूरी दी. इसमें निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट के राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देने पर किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित मामले को सहायक लोक अभियोजक नियुक्त किया जा सकेगा.
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी जिसमें कर्मचारियों की चल-अचल एवं बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित प्रावधान वर्तमान परिस्थितियों एवं अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन किये जाएगें. नियम 15 में विद्यमान हिन्दी अनुवाद संबंधी त्रुटि का भी निराकरण होगा.
मंत्रिमंडल ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के लागू होने के क्रम में तत्कालीन अधिनियम से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता की परिवर्तित धाराओं के अनुरूप आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी. मंत्रीमंडल ने
राज्य अधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर आरक्षण प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 का प्रख्यापन और राज्य अधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर आरक्षण प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी।

कुछ और फैसलों पर भी मुहर: मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) (संशोधन) विनियम, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी. इसमें जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी पद लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया जाएगा, क्योंकि सेवा नियमावली के अनुसार यह राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद है. मंत्रिमंडल ने तत्कालीन अधिष्ठान, उत्तराखण्ड का ढांचा पुनर्गठन स्वीकारा. इसमें 8 आरक्षी नागरिक पुलिस, 01 आरक्षी डकारनर तथा 02 आरक्षी चालक सहित कुल 11 पद समाप्त होंगें. नियोजन विभाग में उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम की धारा 49 में अनुसूची-3 में संशोधन प्रस्ताव को मंत्रिमण्डल ने अनुमोदित कर दिया. संशोधन में स्वर्णिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश/मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित स्वर्णिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है.

मंत्रिमंडल ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक अथवा अपर्याप्त हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 निरस्त कर राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखण्ड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखने को मंजूरी दी. मंत्रिमंडल ने कुक्कुट आहार अनुदान योजना में लाभार्थियों को अनुदान भुगतान वर्तमान सीबीडीसी/ई-रूपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड/लिंक्ड बैंक खाते से डीबीटी से करने को मंजूरी दी. मंत्रिमंडल ने पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों में आपसी समन्वय, पर्यवेक्षण, एकरूपता तथा प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को महानिदेशक का एक नवीन पद सृजित करने को मंजूरी दी. इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण तथा केंद्र एवं राज्य की योजनाओं के बेहतर अभिकरण में सहायता मिलेगी.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि मंत्रीमंडल बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी होंगी. इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन में रखने का अवसर मिलेगा. सरकार का प्रयास है कि शासन और जनता में दूरी घटे तथा विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे.

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मंत्रिमंडल बैठकों से स्थानीय परिस्थितियां, जनापेक्षायें और विकास आवश्यकतायें करीब से समझने में मदद मिलेगी. इससे क्षेत्र विशेष से जुड़े विषयों पर प्रभावी और त्वरित निर्णय लेने का मार्ग भी प्रशस्त होगा.

बनबसा मंत्रीमंडल बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मंत्रिमंडल सदस्यों को देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं की अनमोल धरोहर ‘फर्रा/छन्तोली’ भेंट की गई. यह चम्पावत के देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल पारंपरिक ढाल है. बग्वाल परंपरा में प्रयुक्त यह पारंपरिक ढाल मुख्यतः बांस अथवा रिंगाल की खपच्चियों से छतरीनुमा आकार में तैयार होती है. मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों को यह पारंपरिक धरोहर भेंट देवभूमि की लोक संस्कृति, परंपराओं और सीमांत क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के सम्मान का प्रतीक रहा.

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