कार्यकर्ताओं से अजेय बनी भाजपा: मुमं धामी

कार्यकर्ताओं की क्षमता, अनुभव,समर्पण और उत्साह से  बनी अजेय भाजपा  : मुख्यमंत्री धामी

प्रकोष्ठों को सरकार के कार्य हर वर्ग तक पहुंचाकर, जीत अधिक प्रचंड बनानी है : मुख्यमंत्री धामी

राजनीति सेवा का माध्यम, तभी भाजपा में आपदा , एनजीओ और पर्यटन जैसे प्रकोष्ठों का महत्व :मुख्यमंत्री धामी

प्रकोष्ठों का विस्तार बताता है, भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर : मुख्यमंत्री धामी

बूथ- बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण  : भट्ट

देहरादून 24 जून। भाजपा प्रदेश प्रकोष्ठों की महत्वपूर्ण बैठक संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की क्षमता, अनुभव और समर्पण से भाजपा अजेय बनी हुई है। अब प्रकोष्ठों को सरकार के काम हर वर्ग तक पहुंचाकर, पार्टी की जीत और अधिक प्रचंड बनानी है। भाजपा के लिए राजनीति सेवा का माध्यम है,तभी  एनजीओ और प्रकोष्ठों का हमारे लिए महत्व है, जो बताता है कि भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा,कि  बूथ बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण  है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,कि भाजपा राष्ट्र निर्माण संकल्प को लेकर चलने वाली एक जीवंत विचारधारा है। इस विचार को समाज के अंतिम छोर तक खड़े हुए विभिन्न आय वर्ग और सामाजिक वर्ग के लोगों तक पहुंचाने का काम कोई करता है, समाज के हर वर्ग तक पहुंचने में पार्टी का कोई माध्यम बनता है, तो हमारे प्रकोष्ठ बनते हैं। आज हमारे पास चिकित्सा,सहकारिता, सांस्कृतिक, व्यवसायिक, आपदा प्रबंधन, पर्यटन गतिविधि, खेल सभी क्षेत्रों में काम करने वाले विभिन्न प्रकोष्ठ हैं। उसमें आप सभी लोगों को इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के साथ, पार्टी के अनुभव और समाज के अनुभव का सामंजस्य बनाते हुए सरकार और पार्टी के काम जन जन तक पहुंचाना है। आप लोगों की क्षमता, अनुभव और समर्पण हमे अन्य पार्टियों के सामने अजेय बनाता है।

उन्होंने कहा, कि भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों में यही प्रमुख अंतर है कि अन्य दल सिर्फ चुनाव के समय में वोट ढूंढने निकलते हैं और हम लोग 365 दिन समाज के हर वर्ग की सेवा को काम करते है क्योंकि भाजपा राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानती है। हम लोग सरकार में इसलिए आना चाहते हैं कि इसके माध्यम से समाज की सेवा करें, राष्ट्र के उन्नयन में अपना योगदान दें, समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को आगे लायें।

उन्होंने पार्टी संगठन की परिधि बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, स्वयं सहायता प्रकोष्ठ को प्रमुखता देने की प्रशंसा की। उत्तराखंड संवेदनशील हिमालयी राज्य है, हमने आपदाओं का दर्द भी देखने के साथ उनसे लड़ने का साहस भी दिखाया है। पार्टी का एक सिद्धांत कि’जहां कम, वहां हम’—इस उक्ति को भी हमने चरितार्थ किया है। जब भी राज्य या देश पर कोई आपत्ति आती है, तो सरकार और प्रशासन तो अपना काम करते हैं। लेकिन ऐसे विपरीत समय में सबसे पहले समाज खड़ा होता है और समाज को दिशा हमारे पार्टी के कार्यकर्ता देते हैं। ऐसे कठिन समय में हमारे कार्यकर्ता राहत और बचाव कार्य में योगदान देते हैं; आपदा, कोरोना जैसी महामारी, या कोई अन्य कोई असमय आई विपत्ति हो, हमारे कार्यकर्ता राष्ट्र  और समाज सर्वोपरि मानते हुए संकट की घड़ी में आगे बढ़ते हैं।
​उन्होंने आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ संयोजकों से आग्रह किया कि आप लोग ब्लॉक स्तर पर ऐसे युवाओं की टोली अवश्य तैयार कीजिए, जो आपदा के समय में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनें यानी कि सबसे पहले वहां जाएं। हमें जनता के दिलों में यह विश्वास जगाना है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हर मुश्किल में उनके साथ खड़ा है। यह भाव, यह विश्वास सामान्य जन में महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के माध्यम से होना है।

​उन्होने इस तरह स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों से भी आग्रह किया कि लाखों बहनें स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रही हैं। यानी कि स्वयं भी रोजगार कर रही हैं और स्वयं के रोजगार के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि 2029 तक 3 करोड़ हमारी बहनें, महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनें। और हमारी सरकार भी उनके इस संकल्प को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए काम कर रही है। इसके साथ ही हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना से लेकर लखपति दीदी योजना तक, महिलाओं के लिए 30% का क्षैतिज आरक्षण लागू करने का काम भी किया है। ऐसे में हमारे स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी है कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हमारी हजारों महिला समूहों तक पहुंच बनाएं, उनसे संपर्क स्थापित करें और उन्हें सरकार की योजनाओं से जोड़ने का काम भी करें। उन्हें बताएं कि डबल इंजन की सरकार किस प्रकार से उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। क्योंकि हमारा स्पष्ट मानना है, कमल का बटन दबाना हमारी माताओं-बहनों के लिए मात्र एक वोट देना नहीं है, बल्कि उनके लिए उनके स्वाभिमान का जरिया होना चाहिए।

इसी तरह उत्तराखंड की आर्थिकी में बहुत बड़ा प्रमुख साधन पर्यटन है। ऐसे में हमारे पर्यटन गतिविधि प्रकोष्ठ की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। आज प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। आज चाहे मानसखंड हो या केदारखंड हो, यहां के सभी धार्मिक स्थलों का विकास हो रहा है, उनका नवनिर्माण हो रहा है, पुनर्निर्माण हो रहा है, वहां पर सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। उसी का परिणाम है कि आज तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हो रही है। इस बार तो चारधाम यात्रा ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, दो माह में ही 40 लाख लोग चारधाम की यात्रा पर और आदि कैलाश जैसे सीमांत क्षेत्र में 45 हज़ार लोगों ने डेढ़ महीने के अंदर ही भ्रमण कर लिया है। ऐसे में पर्यटन प्रकोष्ठ का काम है कि हमारे स्थानीय युवाओं को भी इस संबंध में वह गाइड करें, उनको बताएं कि पहले क्या होता था और अब क्या हो रहा है, अब कितना परिवर्तन हुआ है।

वहीं अन्य सभी प्रकोष्ठों से भी आग्रह किया कि अपने-अपने कार्यक्षेत्र में समाज की अपेक्षाओं, चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझते हुए सेवा, संगठन और जन-जागरण का प्रभावी माध्यम बनें। सरकार की उपलब्धियों को, उनकी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें।
​आज एक ओर हमारी सरकार विकासवाद और राष्ट्रवाद पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर जो हमारे सामने विपक्ष है, उसकी नकारात्मकता, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति है। आज हमारे प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पास न तो कोई नीति है, न कोई नियत है और न ही कोई नेता है। हम सभी लोगों ने ग्राउंड जीरो पर जाकर लोगों को बताना है कि जब हमारे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार होती थी, तो तब उन्होंने उत्तराखंड को सिर्फ भ्रष्टाचार, घोटालों और तुष्टिकरण का केंद्र बनाने का काम किया है। वहीं जब से हमारी सरकार विकास और जनकल्याण के लिए कार्य कारण लगी तो कांग्रेस पार्टी के लोगों के पेट में दर्द होने लगा। जब हम देवभूमि के मूल स्वरूप को बचाने के लिए समान नागरिक संहिता का कानून लेकर आए, तो यह वोट बैंक की राजनीति करने वाले बिलबिला उठे, परेशान हो गए। जब हमने देवभूमि की पवित्र भूमि पर धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून किया और सरकारी जमीन अवैध कब्जों पर, अवैध रूप से बनी हुई मजारों पर, अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया, तो जो तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग थे, इन ठेकेदारों को बहुत तेज मिर्ची लग गई। यह वह लोग हैं, जो उत्तराखंड की संस्कृति को नष्ट करना चाहते हैं। लेकिन हमें जनता को विश्वास दिलाना है कि जब तक देवभूमि में भाजपा की सरकार है, तब तक यहां की डेमोग्राफी को बदलने नहीं दिया जाएगा, किसी कीमत पर बदलने नहीं दिया जाएगा। अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। युवाओं के हक पर डाका डालने वालों को जेल की सलाखों के पीछे डालने का यह अनवरत रूप से चलने वाला काम, यह रोका नहीं जाएगा, यह अनवरत रूप से चलेगा।

​उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह वह लोग हैं जो आपदा के समय केवल ट्विटर पर, फेसबुक पर, सोशल मीडिया पर और एयर कंडीशनर कमरों में बैठकर बयानबाजी करते हैं, ग्राउंड जीरो पर नहीं उतरते हैं। जबकि हमारा एक-एक कार्यकर्ता धरातल पर जाकर जनता की सेवा करता है। एक कार्यकर्ता होने के नाते ऐसी कोई आपदा नहीं है, जहां में स्वयं ग्राउंड जीरो पर नहीं पहुंचा हूँ। वह धराली, स्याना चट्टी, सिल्क्यारा टनल आपदा, जोशीमठ आपदा , रुद्रप्रयाग छैनागाड़ आपदा, पौड़ी सेंज़ी आपदा, देहरादून हो, बागेश्वर हो।  जनता को पता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डबल इंजन  सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से दिन-रात कार्य कर रही है। इसीलिए पूरे देश में जहां भी चुनाव हो रहे हैं, वहां देश की जनता डबल इंजन सरकारें चुन रही है। अब दो-तीन राज्य रह गए हैं और निकट भविष्य में अटक से लेकर कटक और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक पूरा देश भगवामय होगा जहां भाजपा सरकारें होंगीं।

उन्होंने सभी प्रकोष्ठ से लगातार अपनी गतिविधियां मिशन मोड़ पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया और कहा,कि आप जनता के बीच में बैठें, उनकी समस्यायें ध्यान से सुनें, उन्हें सीधे हम तक पहुंचाए। सरकार का दरवाजा हमेशा खुला है। हमे इस विश्वास को और अधिक मजबूत करना है कि सुख हो या दुख, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हमेशा उनके साथ खड़ा है क्योंकि जनता का यही विश्वास हमारी ताकत है।

​उन्होने बल दिया कि हमारे पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत,दूरदर्शी-पारदर्शी नेतृत्व एवं दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। केंद्र और राज्य सरकार के ऐतिहासिक कार्य भी हमारे लिए बहुत बड़ी एक ताकत हैं।  उस सबके ऊपर कर्मठ कार्यकर्ताओं की फौज है। हमें बस एकजुटता और समर्पण भाव से पार्टी के कामों को इसी तरह आगे बढ़ाना है। हम न थकेंगें, न हम रुकेंगें। उन्होंने संकल्प दिलाया कि हमें विपक्ष के हर झूठ, हर अफवाह को सही तथ्यों से, तथ्यपरक चीजों से जवाब देना है। हम सब मिलकर संगठन को अधिक मजबूत करते हुए, समाज सेवा को और व्यापक बनाएं। ताकि राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में हमारी सक्रिय भागीदारी अधिक सुनिश्चित हो।

प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने सभी मोर्चों से उनकी भूमिका लेकर विभिन्न पार्टी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा,कि प्रकोष्ठ पार्टी की बड़ी ताकत हैं क्योंकि उसके कार्यकर्ता समाज के सभी वर्गों के बीच कर्मठता से जुड़कर सहभागिता करते हैं । समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं जो पार्टी कार्यकर्ता नहीं हों लेकिन हमारी विचारधारा, हमारे सरकार के कार्यों और हमारे नेतृत्व से प्रसन्न है। उन सब तक पार्टी के कार्यक्रम और सरकार की योजनायें पहुंचानी है ताकि वे चुनाव की दृष्टि पार्टी के पक्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने सभी प्रकोष्ठों को निदेश दिए कि शीघ्र अपनी टीमों का गठन मंडल तक पूरा करें। प्रकोष्ठ से संबंधित समाज में सबको नीचे तक जाना है और बूथ-बूथ पर कमल खिलाने का लक्ष्य पूरा करना है।

बैठक में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार एवं पार्टी के प्रदेश प्रकोष्ठ संयोजक कुस्तुभानंद जोशी के साथ सभी 22 प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक एवं सह संयोजक मौजूद रहे।

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