वक्फ संशोधन ना लाते तो संसद भवन भी जाता हाथ से: किरिन रिजिजू
‘Waqf Bill नहीं लाते तो संसद पर भी दावा ठोक देते,NDA सरकार नहीं आती तो…’, लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के तर्क
Waqf amendment Bill 2025 in parliament: विपक्ष की ओर से जोरदार हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर आज हम ये संशोधन लेकर नहीं आते तो जिस सदन में हम बैठे यानी कि ये संसद भवन पर भी दावा किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि अगर NDA की सरकार नहीं आती, यूपीए की ही सरकार रह जाती तो पता नहीं किस-किस बिल्डिंग को डिनोटिफाई कर दिया जाता. 123 संपत्ति को तो डिनोटिफाई कर ही दिया गया .
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया.
नई दिल्ली,02 अप्रैल 2025, केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने भारी विपक्षी हंगामे के बीच वक्फ संशोधन बिल 2025 लोकसभा में प्रस्तुत कर दिया है. किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त समिति ने वक्फ संशोधन बिल पर सबसे विस्तृत चर्चा की है.इससे पहले इतनी लंबी चर्चा कभी नहीं हुई.रिजिजू ने कहा कि अगर वक्फ संशोधन बिल को यहां पेश नहीं किया जाता तो संसद भवन भी वक्फ की संपत्ति घोषित कर दिया जाता.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल 2025 पर सरकार के विचार रखते हुए कहा कि वे जेपीसी के सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हैं.284 प्रतिनिधिमंडलों ने जेपीसी को अपने सुझाव दिए.25 राज्यों के वक्फ बोर्डों ने अपने तर्क दियै.केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत का वक्फ अधिनियम पहली बार 1954 में बना था.उसी अधिनियम में राज्य वक्फ बोर्डों के लिए प्रावधान किए गए थे.1995 में विस्तृत वक्फ अधिनियम लाया गया.तब किसी ने नहीं कहा कि यह अधिनियम असंवैधानिक, गैरकानूनी है.आज जब हम उसी विधेयक में संशोधन करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको यह असंवैधानिक और गैरकानूनी लग रहा है.आप (विपक्ष) लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.
विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वक्फ पर विवाद 2013 के कानून से शुरू हुआ.इस कानून से हिन्दू,जैन और सिख को भी वक्फ बनाने का अधिकार मिल गया.लेकिन इसके बाद अनुच्छेद-108 लाया गया,इस वजह से वक्फ को दूसरे कानूनों को ओवरराइड करने का अधिकार मिल गया.रिजिजू ने कहा कि यूपीए सरकार के वक्फ कानून में किए बदलावों ने इसे अन्य कानूनों पर अधिभावी प्रभाव (overriding effect) दिया,इसलिए नए संशोधनों की आवश्यकता थी.
रिजिजू ने कहा कि इस तरह के कानून देश में कैसे स्वीकार किया जा सकता है.
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि दिल्ली में 1978 से एक केस चल रहा था. दिल्ली वक्फ बोर्ड ने सीजीओ कॉमप्लेक्स, संसद भवन… कई संपत्ति हैं. इस पर दिल्ली वक्फ बोर्ड ने दावा ठोक दिया और कहा कि ये वक्फ की संपत्ति है. उस समय की यूपीए सरकार ने सारी जमीन को डिनोटिफाई करके वक्फ बोर्ड को दे दिया था.
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि अगर आज हम ये संशोधन नहीं लाते तो जिस सदन में हम बैठे हैं यानी कि ये संसद भवन पर भी दावा किया जा रहा था. एयरपोर्ट, वसंत विहार…
किरेन रिजिजू ने बिल के पक्ष में तर्क देते हुए कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार नहीं आती, यूपीए की ही सरकार रह जाती तो पता नहीं किस-किस बिल्डिंग को डिनोटिफाई कर दिया जाता.123 संपत्ति तो डिनोटिफाई कर ही दिया गया था.
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर विपक्ष ने खूब हंगामा किया.तो रिजिजू ने कहा कि वे अपने मन से कुछ नहीं कह रहे। सभी आधिकारिक रिकॉर्ड में हैं.उन्होंने कहा कि वे एक शब्द भी अपने ओर से नहीं कह रहे हैं जो घटना है,जो यथार्थ है वही कह रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग CAA के समय भी भड़का रहे थे मुसलमानों को. देश में घूमकर झूठ फैलाया. लेकिन CAA की वजह से किसी मुसलमान की नागरिकता नहीं गई. उन्होंने कहा, “मैंने कई सदस्य को सुना है ये बोलते हुए कि ये मस्जिदें छीन लेंगे, दरगाहें छीन लेंगे. लेकिन ऐसा नहीं है. हमने राज्य सरकार को अधिकृत किया है कि जो प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जहां नमाज पढ़ते हैं, जो रजिस्टर्ड संपत्ति है, जिसके दस्तावेज हैं उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. ये कानून propspective है retrospective नही है.
ये कानून किसी की संपत्ति हड़पने के लिए नही है. लेकिन जो संपत्ति विवाद में है, कोर्ट में है, उसमें सरकार कोर्ट के पावर को हटाने वाली नहीं है.
अब वक्फ की संपत्ति उसी संपत्ति से बना सकते हैं जो 100 प्रतिशत आपकी है. अब महिला और बच्चों की संपत्ति का हिस्सा नही ले सकते हैं.
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वक्फ एक्ट संसद भवन
किरेन रिजिजू