अंकिता हत्या में दोषसिद्ध अपराधियों को बच निकलने का रास्ता दे रही कांग्रेस: मनवीर

महिलाओं पर अनर्गल बयान देने वाले से भाजपा का संबंध नही: चौहान

अंकिता के मामले मेें सीबीआई जांच की मांग दोषसिद्ध  अपराधियों को  कानूनी मदद की आशंका

छात्र की हत्या को नस्लीय हिंसा का रूप देकर राज्य की छवि को बिगाड़ रही कांग्रेस

देहरादून 3 जनवरी। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने वाले कथित नेता का पार्टी से कोई संबंध नही है और पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि अंकिता प्रकरण में कांग्रेस दुष्प्रचार को न केवल हवा दे रही है, बल्कि सरंक्षण भी दे रही है। सीबीआई जांच की मांग से इस हत्या में दोषसिद्ध अपराधियों को कानूनी मदद की आशंका है। वहीं कांग्रेस त्रिपुरा के युवक की हत्या को भी नस्लीय रूप देने की कोशिश कर राज्य की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है।

चौहान ने मीडिया सवालों के जवाब में कहा कि महिलाओं के बारे में अनर्गल बयानबाजी करने वाले कथित नेता न भाजपा संगठन में पदाधिकारी है और न ही उनका पार्टी से सदस्यता का भी संबंध है। भाजपा महिलाओं के संबंध में ऐसी असंयमित टिप्पणी की कड़ी निंदा करती है। भाजपा मातृ शक्ति का सम्मान करती है और ऐसे विचारों को कतई स्वीकार नही करेगी।

चौहान ने बिना प्रमाण के सीबीआई जांच की विपक्षी मांग से दोषसिद्ध अपराधियों को कानूनी मदद मिलने की आशंका व्यक्त की है। वहीं वीआईपी को लेकर नए – नए नाम उछालकर कांग्रेस दिवंगत बेटी को अपमानित करने का पाप कर रही है। कांग्रेस बार- बार बिना प्रमाणों और तथ्यों के तुच्छ राजनैतिक लाभ की दृष्टि से इस विषय पर भ्रम फैला रही है। चौहान ने कांग्रेस के उद्देश्य पर सवाल खड़े किए कि जो आज सीबीआई जांच की मांग कर रही है, वहीं तो  केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई समेत सभी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर अपनी स्वार्थपूर्ति को उंगली उठाती रही हैं। इनके ही आरोप है कि सीबीआई सरकार के दबाव में पक्षपात करती है, हमेशा उनके नेताओं को झूठे केसों में फंसाती है। ऐसे में संदेह होना स्वाभाविक है कि उसी सीबीआई से जांच की मांग क्यों? क्या कांग्रेस से जुड़े अन्य प्रकरणों में हो रही सीबीआई जांच पर भी उनका यही रुख रहेगा?

चौहान ने कहा कि सेलाकुई में त्रिपुरा के छात्र की हत्या को कांग्रेस नस्लीय रूप देने की कोशिश कर रही है जो कि उत्तराखंड को बदनाम करने की दुर्भाग्यपूर्ण कोशिश है । जांच एजेंसियों की जांच में यह साफ हुआ कि हमला कुछ असामाजिक तत्वों ने किया और उसमें फंसकर छात्र असमय काल कवलित हो गया। लेकिन जांच एजेंसी 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है और एक भागे हुए आरोपित की तलाश में पुलिस जुटी है।  त्रिपुरा सरकार और उत्तराखंड सरकार आपस में संपर्क में हैं। राज्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नही होने दी जायेगी, न ही ऐसे तत्वों को छोड़ा जायेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सतर्क है और किसी भी षड्यंत्र को सफल नही होने देगी। उन्होंने कहा कि किसी विषय को लेकर विरोध स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसे निहित स्वार्थी राजनैतिक प्रतिशोध या सत्ता लिप्सा में अंधविरोध का रूप नही लेना चाहिए। भाजपा विकास कार्यो मे गतिरोध की कोशिशें सफल नही होने देगी।

 

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