राज.विवि में शस्त्र-पूजन के नौ NSUI उपद्रवियों की जमानत नही
NSUI प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत 9 आरोपियों की जमानत खारिज, RSS के कार्यक्रम का किया था विरोध
कोर्ट ने सुनवाई में कहा कि एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ के खिलाफ पूर्व में भी इसी तरह के 6 मामले में दर्ज है, इसलिए उन्हें जमानत देना उचित नहीं होगा.
जयपुर 03 अक्टूबर 03, 2025। राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS के शस्त्र-पूजन कार्यक्रम में हंगामा करने के आरोप में बंद एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत 9 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. जयपुर महानगर प्रथम की न्यायिक मजिस्ट्रेट दक्षिण कोर्ट में सरकारी पक्ष रखा गया, “आरोपियों ने कार्यक्रम स्थल पर मंच का पोडियम गिराया, पोस्टर फाड़े और वहां मौजूद लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया. इसके अलावा पुलिस की गाड़ी की लाइट तोड़कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और राजकार्य में बाधा डाली.”
“गिरफ्तार करने के बाद कई धाराएं जोड़ी गई”
यह भी दलील दी गई कि एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ के खिलाफ पूर्व में भी इसी तरह के 6 मामले में दर्ज है, इसलिए उन्हें जमानत देना उचित नहीं होगा. इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिस ने घटना के दौरान विनोद जाखड़ व अन्य को केवल शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया था. लेकिन उन पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज कर अलग से कार्रवाई की गई. कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी.
बचाव पक्ष बोला- एक ही केस में 2 रिपोर्ट गैर-कानूनी
बचाव पक्ष की ओर से दलील में यह भी कहा गया कि एक ही घटनाक्रम में दो अलग-अलग रिपोर्ट बनाना कानून के खिलाफ है. मामले में अभियुक्तों को झूठा फंसाया गया है. मामले के निस्तारण में लंबा समय लगेगा, इसलिए आरोपियों को जमानत मिलनी चाहिए.
ये था प्रकरण
Rss Arms Worship Ceremony Held At Rajasthan University Despite Uproar
हंगामे और लाठीचार्ज के बावजूद RU में हुआ RSS का शस्त्र पूजन कार्यक्रम, नेता प्रतिपक्ष पहुंचे घायलों से मिलने
राजस्थान विश्वविद्यालय में मंगलवार को एबीवीपी और आरएसएस के शस्त्र पूजन कार्यक्रम पर जमकर हंगामा हुआ। एनएसयूआई ने पोस्टर-बैनर फाड़कर विरोध किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति संभाली। वर्षा और विवाद के कारण कार्यक्रम बरामदे में हुआ। संघ के निंबाराम ने कहा, ‘संविधान हमारा ग्रंथ, राष्ट्र सेवा हमारा धर्म।’ टीकाराम जूली बोले- ‘शिक्षा के मंदिर में नफरत फैलाने वाले आयोजन गलत।’
राजस्थान विश्वविद्यालय में मंगलवार को खूब हंगामा हुआ। विश्वविद्यालय कैंपस में एबीवीपी और आरएसएस की ओर से शस्त्र पूजन का आयोजन रखा गया जिसका एनएसयूआई ने विरोध किया। विरोध करने पहुंचे एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने आरएसएस के पोस्टर बैनर फाड़ दिए जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हंगामे, धरना प्रदर्शन और विरोध के बावजूद विश्वविद्यालय कैंपस में शस्त्र पूजन का कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने कहा कि संघ किसी का विरोध नहीं करता है। राष्ट्र सेवा ही हमारा धर्म है।
Rss arms worship ceremony at rajasthan university
RU में हुआ RSS का शस्त्र पूजन कार्यक्रम
विवाद और बारिश के कारण बदलना पड़ा वेन्यू
शस्त्र पूजन का कार्यक्रम पहले राजस्थान विश्वविद्यालय के ओपन एरिया में होने वाला था। निर्धारित स्थान पर पोस्टर बैनर और कुर्सियां लगी थी लेकिन विरोध करने पहुंचे एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर बैनर फाड़ दिए। इस दौरान बारिश भी शुरू हो गई। विवाद और बारिश की बावजूद भी विश्वविद्यालय परिसर में शस्त्र पूजन का कार्यक्रम हुआ। हालांकि यह कार्यक्रम ओपन एरिया की बजाय बरामदे में हुआ। संघ के प्रचारक निंबाराम एक घंटे इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
संविधान हमारे लिए सबसे बड़ा ग्रंथ – निंबाराम
विजयदशमी के अवसर पर हर वर्ष आरएसएस की ओर से शस्त्र पूजन के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। राजस्थान विश्वविद्यालय में हुआ यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हुआ जिसमें 500 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। साथ ही शिक्षक, स्वयंसेवक और मातृशक्ति भी मौजूद रही। निंबाराम ने संबोधन में कहा कि संघ किसी का विरोधी नहीं है। हम तो समाज परिवर्तन और सत्य के साथ धर्म के लिए कार्य करते हैं। डॉक्टर हेडगेवार ने जिस सपने को लेकर संघ की स्थापना की उसे पूरा करने के लिए आज लाखों स्वयंसेवक तैयार खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए संविधान ही सबसे बड़ा ग्रंथ है और राष्ट्र सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
घायलों से मिलने पहुंचे जूली
राजस्थान विश्वविद्यालय में हुए आरएसएस के कार्यक्रम के विरोध में एनएसयूआई ने जमकर विरोध किया। विरोध करने वालों पर पुलिस ने लाठियां भांजी। पुलिस के लाठीचार्ज में कई को चोटें आई। एनएसयूआई के दो घायल कार्यकर्ता एसएमएस अस्पताल में भर्ती है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली देर रात को एसएमएस अस्पताल पहुंच घायलों से मिले। उन्होंने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में शस्त्र पूजन के कार्यक्रम अपने आप में हैरान करने वाला है। शैक्षणिक संस्थान में नफरती संगठनों के आयोजन होंगे तो शिक्षा के मंदिर राजनीति के अखाड़े बन जाएंगे।

