SDRF आरक्षी राजेंद्र नाथ करेंगें द.अमेरीका की सबसे ऊंची चोटी अकोंकागुआ पर आरोहण
पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड अभिनव कुमार ने आरक्षी राजेन्द्र नाथ को दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ के आरोहण को किया फ्लैग ऑफ देहरादून 12 जनवरी, 2024 । पुलिस मुख्यालय से आरक्षी राजेन्द्र नाथ को दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ (6961 मीटर) जीतने को पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड अभिनव कुमार ने पुलिस प्रतीक चिन्ह देकर रवाना किया । आरक्षी राजेन्द्र नाथ इस एक्सपीडिशन से गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर माउंट अकोंकागुआ जीतने का प्रयास करेंगें।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने आरक्षी राजेन्द्र नाथ को उनके सफल पर्वतारोहण अभियान को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्वतारोहण एक साहसिक खेल है और SDRF के प्रत्येक सदस्य के लिए ऐसे साहसिक खेलों का विशेष महत्व है। इसलिए समय-समय पर ऐसे साहसिक खेलों में प्रतिभाग करने हेतु कर्मियों को प्रोत्साहित किया जाता है। SDRF कर्मी क्याकिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, पर्वतारोहण इत्यादि साहसिक खेलों में प्रतिभाग कर अपनी व्यवसायिक दक्षता बढ़ाने का निरन्तर प्रयास करते हैं।
फ्लैग ऑफ सेरेमनी में मौजूद पुलिस महानिरीक्षक SDRF श्रीमती ऋद्धिमा अग्रवाल ने भी राजेन्द्र को शुभकामनाएं दी। उन्होने बताया कि SDRF में पर्वतारोहण का विशेष महत्व है। SDRF ने सतोपंथ, भागीरथी,त्रिशूल व एवेरेस्ट का सफल आरोहण किया है। इन पर्वतारोहण अभियानों के माध्यम से मिले कौशल से SDRF ने ग्लेशियरों एवं ट्रेक रूटों में फंसे देश-विदेश के अनेक पर्वतारोहियों,ट्रैकरों एवं पर्यटकों को सकुशल रेस्क्यू किया है। SDRF के विदेशी नागरिकों व पर्वतारोहियों के सफल रेस्क्यू कार्यों की कोरिया, अमेरिका इत्यादि देशों के दूतावासों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
श्री मणिकांत मिश्रा,सेनानायक SDRF ने जानकारी दी कि मुख्य आरक्षी राजेन्द्र नाथ SDRF की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम का एक अभिन्न अंग है। राजेन्द्र ने विभिन्न पर्वत श्रंखलाओं पर किये गए सफल आरोहण से न केवल उच्च तुंगता क्षेत्रों में अपनी कार्यक्षमता में गुणात्मक सुधार किया बल्कि SDRF के अन्य कर्मियों को भी प्रेरित किया है। मुख्य आरक्षी राजेन्द्र नाथ के इस पर्वतारोहण अभियान से SDRF में एक साहसिक वातावरण का निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे अन्य जवान भी अभिप्रेरित होंगे व उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जो निश्चय ही भविष्य में उच्च तुंगता रेस्क्यू के दौरान विषम परिस्थितियों में भय व अवरोधों का डटकर सामना करने का साहस प्रदान करेगा।
आरक्षी राजेन्द्र नाथ ने पूर्व में भी अनेक कीर्तिमान हासिल किये है। उन्होंने विगत वर्षों में चंद्रभागा-13 (6264 मीटर), डीकेडी-2 (5670 मीटर), माउंट त्रिशूल (7120 मीटर) माउंट गंगोत्री प्रथम (6672 मीटर), माउंट श्रीकंठ (6133 मीटर), माउंट बलज्यूरी (5922 मीटर), माउंट बंदरपूंछ (5500 मीटर), यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश(5642 मीटर), अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5895 मीटर) का सफलतापूर्वक आरोहण किया है। यह उतराखंड पुलिस के प्रथम कर्मी है जिन्होंने माउंट एलब्रुस को छः दिवस के अंतराल में डबल समिट और माउंट किलिमंजारो को तीन दिवस के अंतराल में डबल समिट करने का अद्वितीय कीर्तिमान अपने नाम किया है।