तो ए आर रहमान बने दिलीप को बॉलीवुड में सांप्रदायिकता से हुई शिकायत
‘ये मेरा भारत नहीं..’, अपने बयानों से लेकर हिंदी बोलने का विरोध करने तक, जानिए कब-कब विवादों में रहे रहमान
AR Rahman Controversies: ऑस्कर और गोल्डन ग्लोब जैसे अवॉर्ड जीतने वाले दिग्गद संगीतकार एआर रहमान इन दिनों विवादों में घिरे हुए हैं। लेकिन ये पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी कई बार रहमान विवादों में रह चुके हैं। जानिए कब-कब विवादों रहे संगीतकार…
‘ये मेरा भारत नहीं..’, अपने बयानों से लेकर हिंदी बोलने का विरोध करने तक, जानिए कब-कब विवादों में रहे एक आर रहमान
‘नहीं मिल रहा काम’, रहमान के बयान पर शान-शोभा डे ने किया रिएक्ट, बताया खतरनाक
म्यूजिक कम्पोजर एआर रहमान ने बॉलीवुड में काम न मिलने का दावे पर सिंगर शान ने भी रिएक्शन दिया है.
विवादों के घेरे में हैं एआर रहमान (Photo: Instagram/@singer_shaan/@arrahman)
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में शान ने कहा कि म्यूजिक इंडस्ट्री में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है और उन्होंने सबको ‘ज्यादा सोचने’ से मना किया. शान ने तर्क दिया कि ऐसे आरोप लगाने के बजाय अच्छा काम करें और अच्छा संगीत बनायें.
रहमान के कमेंट पर क्या बोले शान?
सिंगर शान ने कहा, ‘जब काम न मिलने की बात आती है, तो मैं आपके सामने खड़ा हूं. मैंने इतने सालों में इतना गाया है, फिर भी मुझे भी कभी-कभी काम नहीं मिलता. लेकिन मैं इसे पर्सनल नहीं लेता, क्योंकि यह अलग मामला है. हर किसी की अपनी सोच और अपनी पसंद होती है. अगर ऐसा कोई विषय होता, तो मुझे नहीं लगता कि संगीत में कोई सांप्रदायिक या अल्पसंख्यक एंगल है.’
AR Rahman Interview
छावा, रहमान और ‘बंटवारे’ की महान खोज
उन्होंने कहा, ‘संगीत ऐसे काम नहीं करता. ऐसा होता, तो पिछले 30 सालों के हमारे तीन सुपरस्टार्स, जिन्हें आप मुस्लिम भी कह सकते हैं, आगे नहीं बढ़ पाते. लेकिन क्या उनके फैंस किसी से कम हैं? वे तो बढ़ते ही जा रहे हैं.”ऐसा नहीं है. अच्छा काम करो, अच्छा संगीत बनाओ, और इन चीजों को ज्यादा मत सोचो.
शान ने आगे समझाया कि प्रोड्यूसर गाने की जरूरत के अनुसार सिंगर चुनते हैं. उन्होंने कहा, ‘लोगों की अपनी राय होती है, और वे हमेशा बंटे रहेंगें. कोई नियम नहीं है कि सबकी एक ही राय होनी चाहिए. लेकिन इसे ज्यादा महत्व नहीं दें, क्योंकि हर गाने के पीछे एक विचार होता है.अपनी सोच के आधार पर कंपोजर या प्रोड्यूसर फैसला लेते हैं. कुछ लोग कहेंगे यह सही है, कुछ कहेंगे गलत. हमें इसमें क्यों उलझना है? इसमें उलझने से कोई फायदा नहीं.’
शोभा डे ने बताया खतरनाक
लेखिका शोभा डे ने भी रहमन की टिप्पणियों पर बात की है. उन्होंने कहा, ‘यह एक बहुत खतरनाक टिप्पणी है. मुझे नहीं पता उन्होंने ऐसा क्यों कहा. यह आप उनसे ही पूछिए. लेकिन मैं पिछले 50 सालों से बॉलीवुड देख रही हूं.मैंने किसी जगह को किसी भी तरह की सांप्रदायिकता से मुक्त देखा है, तो वह बॉलीवुड है. प्रतिभा है, तो आपको मौका मिलेगा. प्रतिभा नहीं है, तो धर्म के आधार पर मौका मिलने का सवाल ही नहीं. वह जो कह रहे हैं, वह इतने सफल व्यक्ति हैं, इतने परिपक्व इंसान हैं,उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था. हो सकता है उनके अपने कारण हों. यह आपको उनसे ही पूछना पड़ेगा.’
जावेद अख़्तर बोले- कोई सांप्रदायिक वजह नहीं
एआर रहमान के दावे पर गीतकार जावेद अख़्तर ने कहा कि “मैं नहीं समझता कि इसमें कोई भी सांप्रदायिक मुद्दा है.”
इस मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में गायक शंकर महादेवन ने कहा, “मैं यही कहूंगा कि जो आदमी गाना बनाता है और आदमी यह तय करता है कि ये गाना मैं लेकर जाऊं कि नहीं, इसकी मार्केटिंग करूं कि नहीं. वो दोनों अलग-अलग लोग होते हैं. जो ये तय करते हैं वो म्यूज़िक के फ़ील्ड से नहीं होते हैं.”
कई बॉलीवुड फ़िल्मों में यादगार संगीत देने वाले ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने बीबीसी के साथ एक विशेष साक्षात्कार में अपने अब तक के संगीत सफ़र, बदलते सिनेमा, आगे की योजनाओं और समाज के मौजूदा माहौल पर खुलकर बात की.
इस बातचीत में रहमान ने फ़िल्म इंटस्ट्री को लेकर कहा, “पिछले 8 सालों में शायद सत्ता का संतुलन बदल गया है और जो रचनात्मक नहीं हैं, वे फ़ैसले ले रहे हैं. शायद सांप्रदायिक बात भी रही हो, लेकिन मेरे सामने किसी ने नहीं कहा.”
हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि अब उनके पास काम नहीं आता है.
उन्होंने आगे कहा, “हां कुछ-कुछ बातें कानों तक पहुंचीं. जैसे आपको बुक किया था लेकिन दूसरी म्यूज़िक कंपनी ने फ़िल्म फंड की और अपने संगीतकार ले आए. मैं कहता हूँ ठीक है, मैं आराम करूँगा, परिवार के साथ समय बिताऊँगा. मैं काम की तलाश में नहीं हूँ. मैं चाहता हूँ कि काम मेरे पास आए. मैं चाहता हूँ कि मेरी मेहनत और ईमानदारी मुझे चीज़ें दिलाए.”
एआर रहमान ने इस बातचीत में कहा, “लेकिन मैं इसको लेकर बहुत नहीं सोचता, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कुछ पर्सनल बात होती है. सबकी अपनी-अपनी सोच होती है, अपनी-अपनी पसंद होती है. हमें कितना काम मिलना चाहिए, ये हमारे हाथ में नहीं है.”
जावेद अख़्तर ने कहा कि छोटे-मोटे प्रोड्यूसर एआर रहमान के पास जाने से भी डरते हैं (फ़ाइल फ़ोटो)
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में गीतकार जावेद अख़्तर ने एआर रहमान के दावे पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, “मुझे कभी ऐसा नहीं लगा. मैं मुंबई में सभी लोगों से मिलता हूँ. लोग उनका (एआर रहमान का) बहुत सम्मान करते हैं. हो सकता है कि लोग ये समझते हों कि अभी वो वेस्ट में ज़्यादा व्यस्त हो गए हैं. हो सकता है लोग समझते हों कि उनके प्रोग्राम बहुत बड़े-बड़े होते हैं, उसमें ज़्यादा समय जाता है.”
जावेद अख़्तर ने आगे कहा, “रहमान इतने बड़े आदमी हैं कि छोटे-मोटे प्रोड्यूसर उनके पास जाने से भी डरते हैं. लेकिन मैं नहीं समझता कि इसमें कोई भी कम्यूनल एलिमेंट है.”
नितेश तिवारी की आने वाली फ़िल्म ‘रामायण’ में उन्होंने एल्बम कम्पोज़ किया है. अलग धर्म से आने के बावजूद इस फ़िल्म के लिए म्यूज़िक कंपोज़ करने से जुड़े सवालों के भी उन्होंने जवाब दिए.
पिछले साल ‘छावा’ फ़िल्म आई थी जिसमें एआर रहमान ने संगीत दिया था. इस फ़िल्म को कई इतिहासकारों ने तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाला और विभाजनकारी बताया था. फ़िल्म रिलीज़ के समय महाराष्ट्र की कुछ जगहों पर हिंसा भड़क गई थी.
शान ने कहा- तीनों सुपरस्टार अल्पसंख्यक
शान के कहा कि काम तो उनको भी नहीं मिल रहा है
गायक शान ने भी फ़िल्म और म्यूज़िक इंडस्ट्री में किसी ‘सांप्रदायिक या अल्पसंख्यक पहलू’ के होने से इनकार किया है.
शान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “जहां तक काम न मिलने की बात है तो मैं आपके सामने खड़ा हूं. मैंने इतने सालों में इतना कुछ गाया है, मुझे भी काम नहीं मिल रहा. मुझे नहीं लगता कि संगीत में कोई सांप्रदायिक या अल्पसंख्यक पहलू होता है. अगर ऐसी बात होती तो हमारे जो तीनों सुपरस्टार तीस साल से हैं, वे भी अल्पसंख्यक हैं लेकिन क्या उनके फैंस किसी से कम हैं? वे तो बढ़ते ही जा रहे हैं.”
शान ने कहा कि सभी को अच्छा काम करते रहना चाहिए और इन सब चीज़ों के बारे में नहीं सोचना चाहिए. उन्होंने एआर रहमान के काम की तारीफ़ भी की. उन्होंने कहा कि एआर रहमान एक कमाल के कंपोज़र हैं और उनका काम करने का एक अलग अंदाज़ है.
एआर रहमान ने कर दिया वादकों को रोजगार 
हाल ही एक इंटरव्यू में बॉलीवुड में काम न मिलने के लिए सांप्रदायिक एंगल और बदलते पावर डायनेमिक्स को जिम्मेदार ठहराया, जिस पर बवाल मच गया। राजनीतिक गलियारों में रहमान के बयान ने हलचल मचा दी। वहीं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भी इस पर बात होने लगी। जावेद अख्तर से लेकर सिंगर शान समेत कई सेलेब्स ने एआर रहमान के बयान पर अपनी राय रखी। विवाद बढ़ा तो एआर रहमान ने अपने बयान पर एक वीडियो जारी कर सफाई दी। इसी बीच अब सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य ने एआर रहमान पर निशाना साधा है। अभिजीत ने एआर रहमान पर बड़ा आरोप लगा दिया है। अभिजीत का कहना है कि फिल्मों में बजाने वाले म्यूजिशियंस आज रहमान की वजह से घर बैठे हैं। उन्होंने ही सबको बताया कि लैपटॉप में सब मिलेगा, म्यूजिशियंस की जरूरत नहीं।
अभिजीत भट्टाचार्य ने कहा है कि एआर रहमान की वजह से ज्यादातर म्यूजिशियंस के पास काम नहीं है। अभिजीत के मुताबिक, रहमान की वजह से और लोगों को सक्सेस मिली, पर म्यूजिशियंस को नहीं। खुद उन्होंने ही खूब पैसे कमाए और सबसे कहा कि सिर्फ मैं ही कमाऊंगा और म्यूजिशियंस की जरूरत नहीं है। सब लैपटॉप पर मिलेगा।
राजनीतिक गलियारों से प्रतिक्रिया
शायना एनसी
शिव सेना नेता शायना एनसी ने एआर रहमान के बयान पर कहा, “मुझे लगता है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एआर रहमान इंडस्ट्री के सांप्रदायिक होने की बात कर रहे हैं. उन्हें हर तरह का मौक़ा मिला है और भारत की ख़ूबसूरती है, अनेकता में एकता है.”
“अगर कोई रास्ता बंद है तो हमें ज़रूर समझना चाहिए कि योग्यता से सारी बाधाओं को दूर किया जा सकता है और जब आपको अवसर मिलता है तो आप अपना टैलेंट दिखाते हैं. यही हमारे देश की महानता है कि हर किसी को एक समान प्राथमिकता दी जाती है.”
वहीं भजन गायक अनूप जलोटा ने एआर रहमान के दावे पर कहा, “ऐसा बिल्कुल नहीं है. सच ये है कि उन्होंने पाँच साल में पच्चीस साल का काम कर लिया. अब क्या किया जाए. बहुत काम किया है उन्होंने और बहुत अच्छा काम किया है. उनके लिए लोगों के दिल में बहुत इज़्ज़त है।





जानी मास्टर और एआर रहमान – फोटो : सोशल मीडिया
रहमान पर भड़कीं कंगना (Photo: Instagram @kanganaranaut)
संगीतकार ए.आर. रहमान ने काम न मिलने का ठीकरा पावर शिफ्ट पर फोड़ कर उसमें साम्प्रदायिक दृष्टिकोण जोड़ दिया है। रहमान का करियर डी कम्पनी व खान्स के दौर में भरपूर अवसर के चलते फला-फूला, अब वे वहाबी मानसिकता के चलते हासिए पर हैं।