अंधविश्वास,लोभ,काला जादू: सीरियल किलर कमरुद्दीन ने ली रणधीर, शिव और लक्ष्मी की जान

जहरीले लड्डू, खूनी अंडे और मौत का खेल… दिल दहला देगी पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर के आमिल की कहानी
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास कार में मिली तीन लाशों की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. ‘धनवर्षा’ के नाम पर जहरीले लड्डू खिलाकर काले जादू के आमिल कमरुद्दीन ने तीन लोगों की हत्या की थी. कमरुद्दीन सीरियल किलर निकला, जो पहले भी 3 हत्यायें कर चुका. पकड़े गए आमिल ने पहले भी ऐसे कांड किए हैं
नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026,दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के नीचे टिगोर कार में तीन निष्प्राण शरीर. न खून का निशान था, न संघर्ष के प्रमाण. फिर उन तीन लोगों की मौत आई कैसे? यही सबके दिमाग में है. मामला शुरुआत में दुर्घटना या आत्महत्या लगी, लेकिन सच्चाई कहीं ज्यादा भयावह थी. प्रॉपर्टी डीलरों को ‘धनवर्षा’ का सपना दिखाया गया और जहरीले लड्डू प्रसाद ने तीन जिंदगियां निगल लीं.  रहस्य की डोर जुड़ी लोनी के एक कालाजादू करने वाले से, जो सीरियल किलर निकला. ट्रिपल मर्डर की ये कहानी होश उडाने वाली है.

बाहरी दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी की ट्रिपल डेथ मिस्ट्री की जांच की तो अपराध स्थल के निरीक्षण के साथ-साथ पुलिस ने कार का चप्पा-चप्पा छाना. कार में किसी जोर जबरदस्ती के निशान नहीं मिले, तो पुलिस ने डिजिटल इनवेस्टिगेशन शुरु की. अब तक मरने वाले तीनों लोगों की पहचान भी हो चुकी थी. यै थे 76 वर्षीय रणधीर,  47 वर्षीय शिव नरेश और  40 वर्षीय लक्ष्मी. तीनों बाहरी दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्र वासी थे. तीनों ही प्रॉपर्टी डीलर थे. तीनों की आपसी जान-पहचान का भी प्रॉपर्टी का कारोबार ही थी. तीनों के घरवालों ने पुलिस को बताया कि रविवार की सुबह तीनों किसी डील को घर से निकले थे, लेकिन शाम तक घर लौटने की जगह उन्हें उनकी मौत की खबर मिली.

तीनों की पहचान पता होने के साथ ही पुलिस ने सबके मोबाइल नंबर निकलवाए और उनकी सीडीआर की जांच शुरू कर दी. जिस तरह से कार की ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट खाली थी और एक महिला और पुरुष पीछे बैठे थे, उससे भी मामले को लेकर शक गहरा रहा था. लोगों को लग रहा था कि इस कार में कोई चौथा शख्स भी जरूर रहा होगा, जिसने ये साजिश रची होगी. अब पुलिस ने सीसीटीवी में कैद कार की फुटेज की रिवर्स सर्च की शुरुआत की. और इस रिवर्स सर्च में कुछेक जगहों पर एक वृद्ध कार में ड्राइविंग सीट के बगल में बैठा दिखा. उधर, सीडीआर जांच में उभरे नंबर की लोकेशन गाजियाबाद का लोनी इलाका निकला।अब पुलिस को मामले की एक लीड मिल गई.  पुलिस ने इसी लीड से चौथे जन का पता किया. ये चौथा कोई और नहीं बल्कि लोनी का ही आमिल कमरुद्दीन मियां था.  कमरुद्दीन हर मर्ज के इलाज का दम भरता था. अब पुलिस को दो बातें पता करनी थी. एक इन तीनों का कमरुद्दीन से क्या रिश्ता था? दूसरा क्या इन मौतों के पीछे कमरुद्दीन ही था, जिसने धोखे से तीनों को जहर खिलाया था? पड़ताल में तीनों मौतों का असली सच बाहर आने लगा था.  पता चला कि कमरुद्दीन असल में खुद को काले इल्म का माहिर बताता था और लोगों का इलाज करने के साथ-साथ धनवर्षा से उनके रुपये-पैसे डबल-ट्रिपल करने का झांसा देता था. और अपनी मौत से पहले ये तीनों ही उसके संपर्क में आ चुके थे.

असल में कार में मुर्दा मिली लक्ष्मी सबसे पहले कमरुद्दीन के संपर्क में आई . वो महीनों पहले अपने बीमार पति के इलाज के सिलसिले में कमरुद्दीन से मिली थी, कमरुद्दीन ने उसे काला जादू दिखा अपने वश कर लिया. एक रोज़ कमरुद्दीन ने अपने शॉल से ढेर सारे रुपये निकालने का करतब दिखा महिला से कहा कि अगर वो 2-3 लाख रुपये ले आये, तो वो अपने धनवर्षा के हुनर से इसी तरह उसे करोड़ों रुपये में बदल देगा।

असल में धनवर्षा तो सिवाय झूठ के कुछ और नहीं थी. 8 फरवरी को वो महिला रणधीर और शिव नरेश को लेकर अपने साथ लोनी में कमरुद्दीन के इसी ठिकाने पर पहुंची, तो कमरुद्दीन ने पहले वहां काले जादू का नाटक कर अपने साथ पॉलीथिन के पैकेट में जहरीले लड्डुओं का पैकेट लेकर तीनों के साथ उनकी गाड़ी में बैठ गया. तीनों को बातों में उलझा प्रसाद बता लड्डू खाने को दिए.  इसी के बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी. और जब कमरुद्दीन को लगा कि किसी भी वक्त तीनों की मौत हो जाएगी, वो मौका देख कर कार से नीचे उतर गया.

लेकिन फ्लाई ओवर के किनारे ये कार यूं नहीं पड़ी थी, बल्कि इस कार में थी तीन-तीन शव. एक ड्राइविंग सीट पर, जबकि दो पिछली सीटों पर. मृतकों में एक महिला भी थी. मामला पहली ही नजर में बेहद रहस्यमयी लग रहा था. क्योंकि तीनों की मौत की वजह समझ में नहीं आ रही थी. किसी को ये दुर्घटना लग रही थी, किसी को मास सुसाइड, तो किसी को क़त्ल.

केस से जुड़ी दूसरी फुटेज भी सामने आई. सीसीटीवी की वो तस्वीर दिल्ली के पीरागढ़ी से करीब 30 किलोमीटर गाजियाबाद के लोनी की है. इत्तेफाक से वो तस्वीर भी रविवार 8 फरवरी की है. सीसीटीवी कैमरे की घड़ी में दोपहर के 1 बज कर 13 मिनट बज रहे हैं. खाली-खाली सी दिख रही इस गली से  एक वृद्ध हाथ में पॉलीथिन का  पैकेट लिए पैदल चला जा रहा है. और इसी तरह वो चलते-चलते कैमरे से बाहर चला जाता है.

सीसीटीवी कैमरे में कैद इस तस्वीर में ऐसा कोई भी एक्शन नहीं है, जिसे देख कर कोई इसका कनेक्शन दिल्ली की ट्रिपल डेथ मिस्ट्री से जोड पाये. लेकिन जब दिल्ली पुलिस की पड़ताल आगे बढ़ी, तो ना सिर्फ इस सीसीटीवी फुटेज से कार में मिली तीन-तीन शवों का कनेक्शन जुड़ जाता है, इसी फुटेज के सहारे तीनों का कातिल भी पकड़ा जाता है.

कमरुद्दीन के ठिकाने से मिला जादू का सामान 
अब आप समझ ही गए होंगे कि कार में जो तीन शव मिले थे उनकी मौत यूं ही नहीं हुई. बल्कि उनकी हत्या हुई लेकिन आखिर इस ट्रिपल मर्डर के पीछे मोटिव क्या था? हत्या कैसे और किसने की ? कहानी को सिलसिलेवार  समझने को एक बार फिर पीरागढ़ी की उसी लोकेशन चलना पडेगा, जहां कार से वो तीन शव मिले थे।

पीरागढ़ी में जब लोगों की नजर इस कार पर पड़ी, तो अंदर तीन लोग थे. मगर तीनों बेसुध. 75-76 साल का एक वृद्ध ड्राइविंग सीट पर, जबकि 40-45 वर्षीय महिला और पुरुष पीछे की सीट पर. ये लोग कौन थे? कहां से आए? भीड़ भरी सड़क पर कार में तीनों एकाएक बेहोश कैसे हो गए? ऐसे सवाल लोगों के दिमाग में थे.

लोगों ने कार में इस तरह तीन लोगों को बेहोश देख कर पुलिस को खबर दी. आनन-फानन पहले पुलिस कंट्रोल रूम टीम दुर्घटनास्थल पहुंची । फिर दिल्ली के पश्चिमी विहार थाना पुलिस भी पहुंची. कार में बेहोश पड़े तीनों लोगों को किसी तरह बाहर निकाल पास के संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, अस्पताल में डॉक्टरों ने तीनों को मुर्दा करार दिया. यानी ब्रॉट डेड.

तीन लोगों के इस तरह कार के अंदर मारे जाने का रहस्य अब गहरा हो चुका था. कार में कार में ना तो खून का कोई कतरा था, ना किसी हथियार के निशान और ना ही कोई जोर जबरदस्ती के सबूत. अलबत्ता कार में शराब की बोतलें, डिस्पोज्बल ग्लासेज और कुछ खाने-पीने की चीजें जरूर पड़ी थीं. ऐसे में कार देख आशंका हो रही थी कि शायद तीनों की मौत खाने-पीने में हुई फूड प्वाइजनिंग से हुई या फिर तीनों ने एक राय हो कर कोई जहरीली चीज खा ली. यानी आत्महत्या. मगर पहेली ये भी थी कि कार में पुलिस को ना तो कोई सुसाइड नोट मिला और ना ही मरने वालों के मोबाइल फोन से ऐसी कोई बात पता चली, जिससे इन मौतों के सुसाइड होने की बात पर मुहर लगती. उधर, मरने वालों के घर वाले इस वारदात में सीधे-सीधे किसी साजिश इल्जाम लगा रहे थे. उनके मुताबिक ये केस सुसाइड का हो ही नहीं सकता था.

दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास रविवार 8 फरवरी की शाम ये टाटा टिगोर कार लोगों को संदिग्ध हालत में सड़क किनारे पड़ी मिली. कार का नंबर था – डीएल 7 सीयू 6492.

इधर, तांत्रिक कमरुद्दीन गाड़ी से नीचे उतर कर फरार हो गया और उधर तीनों ने छटपटाते हुए कार के अंदर ही दम तोड़ दिया. पुलिस को कार से ही करीब 2 लाख रुपये भी मिले, जिन्हें लेकर तीनों धनवर्षा करवाने के इरादे से कमरुद्दीन के पास पहुंचे थे. कमरुद्दीन शायद इन्हीं रुपयों की लालच में उनके साथ पीरागढ़ी तक गया भी था, लेकिन लड्डू खाने के बाद जब तीनों की तबीयत तेजी से बिगड़ी, तो शायद कमरुद्दीन को उनके रुपये चुराने का मौका भी नहीं मिला. पुलिस को जांच के दौरान लोनी का जो सीसीटीवी फुटेज मिला था, उसमें कमरुद्दीन की ही तस्वीरें थीं. इन तस्वीरों में कमरुद्दीन हाथ में जो पैकेट लेकर जाता हुआ दिखा, वो असल में जहरीले लड्डुओं का पैकेट था.

कमरुद्दीन के गिरफ्त में आने के साथ ही उसके तंत्र-मंत्र का पूरा जाल-बट्टा भी पुलिस के सामने आ गया. पता चला कि कमरुद्दीन लोगों को इलाज का झांसा देकर फांसता और फिर उन्हें धनवर्षा की कहानियां सुना कर ठग लेता. उसके साथ कुछ और भी लोग जुड़े हुए थे, जिन्होंने इसी तरह की एक कम्युनिटी बना रखी थी, जो ठगी का कारोबार करते थे.

दिल्ली पुलिस अभी कमरुद्दीन के नए-नए किए धरे की जांच कर ही रही थी कि उसे इस ढोंगी तांत्रिक के बारे में कुछ ऐसा पता चला जो बेहद चौंकानेवाला था. कमरुद्दीन ने ऐसा पहली बार नहीं किया था. इससे पहले उसने इसी तरह धनवर्षा के नाम पर लोगों को लालच देकर उन्हें लूटा था और उनकी हत्याएं की थी. उसने अपने गृह जिले यानी यूपी के फिरोजाबाद में दो लोगों की हत्याएं की थीं, जबकि राजस्थान के धौलपुर में भी एक शख्स की जान ली थी. इस लिहाज से देखा जाए तो कमरुद्दीन कोई मामूली कातिल नहीं बल्कि एक सीरियल किलर है.

कमरुद्दीन के पापों का हिसाब-किताब करने हमारी टीम उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद भी पहुंची, जहां उसने पहले दो हत्याएं की थीं. वहां भी कमरुद्दीन ने अपने शिकारों को गड़ा धन मिलने का झांसा दे उनकी जान ली थी.  पड़ताल करते टीम कमरुद्दीन के उस ठिकाने तक भी पहुंची जहां बैठ कर वो ठगी की दुकान चलाता था. वहां हमें एक मजार के साथ-साथ झाडफूंक के साजो-सामान भी दिखे।.

फिलहाल, पुलिस मामला खोल काले जादू के आमिल कमरुद्दीन तो दबोच उसके दूसरे साथियों का पता लगाने में जुटी है. वो पता करने की कोशिश में है कि क्या इस षड्यंत्र में किसी और ने भी उसका साथ दिया ? लेकिन आज के जमाने में धनवर्षा जैसी कहानी और अंधविश्वास में फंस कर जैसे 6 लोगों की मौत हो गई, उस कहानी पर यकीन करना भी मुश्किल  है.

पिछले साल डबल मर्डर, इस साल ट्रिपल…, दिल्ली के इस ‘तांत्रिक’ ने पहले भी लोगों को खिलाए हैं जहरीले लड्डू
पीरागढ़ी में कार से मिले तीन शवों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, ‘धनवर्षा’ का झांसा देकर 72 वर्षीय तांत्रिक ने जहरीले लड्डू खिलाकर तीनों की हत्या की. आरोपी पहले भी दोहरे हत्याकांड में नामजद रह चुका है. लूट के इरादे से रची गई साजिश ने अंधविश्वास के खतरनाक जाल को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

तांत्रिक ने किया ट्रिपल मर्डर (Photo: itg)

दिल्ली के पीरागढ़ी में कार से मिली तीन लाशों की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई. पुलिस जांच में सामने आया कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि सोचा-समझा षड्यंत्र था. ‘धनवर्षा’ के नाम पर लालच देकर एक स्वयंभू तांत्रिक ने तीनों को जाल में फंसाया. लोनी से लौटते वक्त जहरीले लड्डू खिलाकर उनकी हत्या कर दी गई.

कार के अंदर मिले थे तीन शव

गौरतलब है कि पश्चिम विहार ईस्ट इलाके में कार के अंदर तीन शव मिलने के सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस ने 72 वर्षीय तांत्रिक कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने लूट के इरादे से जहरीले लड्डू खिलाकर तीनों की हत्या करने की बात कबूल की है. पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या और लूट की धाराएं बढ़ा दी हैं. डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, रविवार को पीरागढ़ी के पास खड़ी एक कार से तीन शव बरामद हुए थे. मृतकों की रणधीर ,शिव नरेश और लक्ष्मी के रूप में हुई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित ने तंत्र-मंत्र के नाम पर विश्वास में लेकर तीनों को जहरीला पदार्थ खिलाया थी, जिससे तीनों की मौत हो गई. जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तांत्रिक कमरुद्दीन का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है.

Tantrik Kamruddin Arrested in Piragarhi Triple Murder
लालच, जहरीले लड्डू और साजिश… ऐसे खुला कार में मिली तीन लाशों का राज

पहले से दर्ज है दोहरे हत्याकांड का मुकदमा

दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ फिरोजाबाद जिले के थाना मक्खनपुर में भी दोहरी हत्या का मुकदमा दर्ज है. 13 मई 2025 को अपराध संख्या 105/2025 में कमरुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इस मुकदमे के वादी राम सिंह पुत्र जगजीवन निवासी ग्राम नगला गोकुल, थाना मक्खनपुर हैं. प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि उनके रिश्तेदार रामनाथ और पुरन कुछ समय से कमरुद्दीन के संपर्क में थे. आरोपी झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का काम करता था. उसने उन लोगों को भी जमीन में गड़ा धन निकालने का झांसा देकर अपने प्रभाव में लिया था.

9 मई 2025 मिले थे दो शव

बताया गया कि 8 मई 2025 को आरोपी दोनों को अपने घर ले गया और तांत्रिक क्रिया से समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया. आरोप है कि इसी दौरान उन्हें जहरीला पदार्थ दिया गया. 9 मई 2025 की सुबह फारूकी ग्लास फैक्ट्री के सामने एक गली में दोनों के शव मिले थे. मौके से गिलास, लड्डू और अन्य सामग्री बरामद हुई थी. इस मामले में नामजद आरोपी कमरुद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था. बाद में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी.

मैरिज होम का मालिक है कमरुद्दीन

फिरोजाबाद के आकाशवाणी रोड पर ही बिस्मिल्ला मैरिज होम है जिसका संचालन कमरुद्दीन करता था है. लेकिन वहां के बाशिंदे बताते हैं कि कमरुद्दीन दिल्ली में रहते हैं. वह क्या करते हैं यह उन्हें नहीं मालूम फिरोजाबाद के अपर पुलिस अधीक्षक देहात अनुज चौधरी कहते हैं कि फिरोजाबाद में कमरुद्दीन का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है जो भी तथ्य निकाल कर आएंगे वह हम मीडिया से साझा करेंगे.

लड़कियों की तस्वीरें, तंत्र-मंत्र और धन वर्षा का झांसा… कमरुद्दीन के पास मिले चौंकाने वाले पन्ने
लड़कियों की तस्वीरें, तंत्र-मंत्र, जिन्न और जादू से धन वर्षा की कहानी… दिल्ली के पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में जब पुलिस ने आरोपी कमरुद्दीन के ठिकाने से कुछ पन्ने बरामद किए, तो सनसनीखेज कहानी से पर्दा उठ गया. इस मामले से जुड़ा एक नया सीसीटीवी सामने आया है, जो कमरुद्दीन के घर के पास लोनी का है. इसमें गाड़ी से उतरकर तीन लोग जाते नजर आए हैं.
कमरुद्दीन के पास मिले चौंकाने वाले पन्ने. (Photo: ITG)

बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में सामने आया ट्रिपल मर्डर केस एक तांत्रिक जाल की कहानी बन चुका है. इस मामले में अब ढोंग, अंधविश्वास, लालच और साजिश की परतें खुल रही हैं. इस केस के आरोपी कमरुद्दीन के पास से कुछ पन्ने बरामद हुए हैं. इन पन्नों से पूरी साजिश का ऐसा राज खुला है, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं.

जांच में सामने आया कि कमरुद्दीन खुद को तांत्रिक बताकर लोगों को धन वर्षा का सपना दिखाता था. उसके पास से मिले दस्तावेजों में अलग-अलग लड़कियों की तस्वीरें, उनके फीचर्स की डिटेल और अजीबोगरीब तांत्रिक नोट्स लिखे मिले. वह दावा करता था कि खास चेहरे-मोहरे वाली लड़कियों पर ही धन की वर्षा हो सकती है.

वह पहले रैंडम लड़कियों की तस्वीरें मंगवाता, फिर उनके चेहरे और हाव-भाव देखकर कहता- इसी पर बरसेगा धन. इसके बाद शुरू होता तंत्र-मंत्र का खेल. लड़कियों को बताया जाता कि एक ‘जिन्न’ आएगा, जो उनके साथ संबंध बनाएगा, लेकिन उन्हें पता नहीं चलेगा. दावा किया जाता कि जैसे ही जिन्न संबंध बनाएगा, पैसे की बरसात हो जाएगी.

पुलिस के मुताबिक, कमरुद्दीन डर और लालच दोनों का इस्तेमाल करता था. जिन लोगों ने उस पर शक जताया या पैसे देने से इंकार किया, उनके घर के बाहर तांत्रिक सामान रखकर डराने की कोशिश की जाती थी. कई पीड़ितों ने बताया कि इलाज और धन वर्षा के नाम पर एक मुलाकात के 7 हजार रुपये तक वसूले जाते थे.

delhi peeragarhi triple murder kamruddin tantra mantra Money rain

अब इस केस में एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. यह फुटेज कमरुद्दीन के घर के पास लोनी इलाके का है, जिसमें रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी को कार से उतरते देखा गया. पुलिस को कॉल मिलने से करीब आधा घंटा पहले आरोपी कार छोड़कर निकल गया था. जब पुलिस उसे पकड़ने घर पहुंची, तो उसने गेट नहीं खोला और बच्चों की तबीयत खराब होने का बहाना बनाया. बाद में वह 15 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश करता पकड़ा गया.

मामले को लेकर बाहरी दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा था कि आरोपित के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. जांच में खुलासा हुआ कि सल्फास, नींद की गोलियां और कोल्ड ड्रिंक को लड्डू में मिलाकर घातक मिश्रण तैयार किया गया था. यही मिश्रण पीड़ितों को दिया गया, जिससे वे कार से बाहर नहीं निकल सके.

पुलिस को लक्ष्मी के मोबाइल से कई और लड़कियों की तस्वीरें मिलीं, जिनमें वे यंत्र-तंत्र के साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं. अलग-अलग नंबरों से तस्वीरें आती थीं और उन्हें आगे भेजा जाता था.

कमरुद्दीन की ठगी के तरीके भी हैरान करने वाले थे. एक मामले में उसने दावा किया कि उसने किसी व्यक्ति के पेट से हाथ डालकर किडनी का स्टोन निकाल दिया. खून बहने का नाटक किया गया, लेकिन बाद में पता चला कि उसके हाथों में पहले से सिंदूर लगा था.

दिल्ली पुलिस अब उसकी पूरी क्राइम कुंडली खंगाल रही है. उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस से भी संपर्क किया गया है, ताकि उसके पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा सके.

क्या था पूरा मामला?

कमरुद्दीन तंत्र-मंत्र और धन दोगुना करने के नाम पर लोगों को फंसाता था. 9 मई 2025 को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के मक्खनपुर इलाके में बंद पड़ी फारूकी ग्लास फैक्ट्री के पास बाउंड्रीवाल के भीतर दो लोगों रामनाथ और पूरन के शव मिले थे. शवों के पास पूजा की सामग्री और लड्डू पड़े थे, जिससे मामला शुरू में रहस्यमय लगा. आरोप है कि कमरुद्दीन ने धन दोगुना करने का लालच देकर दोनों को बुलाया और लड्डुओं में जहरीला पदार्थ मिलाकर उनकी हत्या कर दी।

दिल्ली के पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में भी जांच एजेंसियों को यही पैटर्न मिला. पुलिस के मुताबिक, लोनी से लौटते समय तीन लोगों को जहरीले लड्डू खिलाए गए, जिससे उनकी मौत हो गई. 72 साल के कमरुद्दीन को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने लूट के इरादे से जहरीले लड्डू खिलाकर हत्या करने की बात कबूल की. जांच में यह भी सामने आया कि उसने 2010 में यूपी में तंत्र-मंत्र सीखा था और बेसन के लड्डू व अंडों से झाड़-फूंक कर लोगों को फंसाता था.

पुलिस को कार से गिलास, शराब की बोतल और आईडी कार्ड समेत कई सामान मिले हैं. वह फिरोजाबाद जहर कांड में भी आरोपित है और अब तक तीन मामलों में संलिप्तता स्वीकार कर चुका है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि उसके शिकारों की संख्या और भी हो सकती है.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *