अंधविश्वास,लोभ,काला जादू: सीरियल किलर कमरुद्दीन ने ली रणधीर, शिव और लक्ष्मी की जान

जहरीले लड्डू, खूनी अंडे और मौत का खेल… दिल दहला देगी पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर के आमिल की कहानी
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास कार में मिली तीन लाशों की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. ‘धनवर्षा’ के नाम पर जहरीले लड्डू खिलाकर काले जादू के आमिल कमरुद्दीन ने तीन लोगों की हत्या की थी. कमरुद्दीन सीरियल किलर निकला, जो पहले भी पांच हत्यायें कर चुका. पकड़े गए आमिल ने पहले भी ऐसे कांड किए हैं
नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026,दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के नीचे रविवार 8 फरवरी की शाम मिली टाटा टिगोर कार नंबर – डीएल 7 सीयू 6492 में तीन निष्प्राण शरीर. न खून का निशान, न संघर्ष संकेत. फिर उन तीन लोगों की मौत कैसे? यही सबके दिमाग में. शुरुआत में दुर्घटना या आत्महत्या लगी, लेकिन सच्चाई थी भयावह. प्रॉपर्टी डीलरों को ‘धनवर्षा’ का सपना दिखा जहरीले लड्डू प्रसाद ने तीन जिंदगियां निगल लीं.  रहस्य की डोर जुड़ी लोनी के कालाजादू कर्ता से, जो सीरियल किलर निकला. ट्रिपल मर्डर की होश उडाती कथा.

बाहरी दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी की ट्रिपल डेथ मिस्ट्री की जांच में अपराध स्थल के निरीक्षण के साथ-साथ कार का चप्पा-चप्पा छाना. किसी जोर जबरदस्ती के निशान नहीं, पुलिस ने डिजिटल इनवेस्टिगेशन शुरु की. मृतक तीनों लोगों की पहचान हुई तो ये 76 वर्षीय रणधीर,  47 वर्षीय शिव नरेश और  40 वर्षीय लक्ष्मी बाहरी दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रवासी प्रॉपर्टी डीलर निकले. तीनों का परिचय सूत्र भी प्रॉपर्टी कारोबार था. तीनों के घरवालों ने पुलिस को बताया कि रविवार सुबह तीनों किसी डील को घर से निकले और शाम तक घर लौटने की जगह उनकी मौत की खबर मिली.

पुलिस ने सबके मोबाइल नंबर निकलवा उनकी सीडीआर जांची. कार की ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट खाली और महिला, पुरुष पीछे मिलने से भी संदेह गहराया. लगा कि कार में कोई चौथा भी जरूर था, जो षड्यंत्रकारी होगा. पुलिस ने सीसीटीवी में कार फुटेज रिवर्स सर्च की । इसमें कुछेक जगह एक वृद्ध कार में ड्राइविंग सीट के बगल में  दिखा. उधर, सीडीआर जांच में उभरे नंबर की लोकेशन गाजियाबाद का लोनी इलाका निकला।अब पुलिस को मामले की लीड मिली.  पुलिस ने इसी लीड से चौथे जन का पता किया. ये चौथा कोई और नहीं बल्कि लोनी का ही हर मर्ज के इलाज का दम भरने वाला आमिल कमरुद्दीन मियां था।

सात साल से लोनी में कमरुद्दीन, घर में मजार; पुलिस ने सबूत जुटाए

तीन लोगों के हत्यारे लोनी के अशोक विहार कॉलोनी के कमरूद्दीन को दिल्ली पुलिस उसके घर लेकर पहुंची। घर से सबूत एकत्र किए। घर में बनी मजार जांच वापस दिल्ली पहुंची।

पडोसियों ने पुलिस को बताया कि कमरूद्दीन मूलत: फिरोजाबाद का है। सात साल से लोनी की अशोक विहार कॉलोनी में था। उसने घर में ही मजार बनाई हुई थी। दो बेटे राजू और अमरूद्दीन पत्नी शायरा के साथ फिरोजाबाद में रहते हैं।

दिल्ली पुलिस कमरूद्दीन लोनी के अशोक विहार कॉलोनी उसके घर लाई। टीम ने घर व उसमें मजार की सघन तलाशी ले साक्ष्य जुटाए। टीम ने दो मकान व तीन प्लाट का निरीक्षण किया। कमरुद्दीन ने धनवर्षा के नाम पर लालच देकर तीनों की जहरीले लड्डू खिलाकर हत्या व उनके दो लाख रुपये हड़पना माना।
कमरुद्दीन को कोई पछतावा नहीं
पुलिस सूत्रों के अनुसार कमरुद्दीन को हत्याओं का कोई पछतावा नहीं है। कमरुद्दीन पुलिस से बचने को कीपैड फोन इस्तेमाल करता और किसी का नंबर सेव नहीं करता। उसके दूसरे फोन की तलाश हो रही है।

जादू टोने से ठगी और हत्या 

कमरुद्दीन ने बताया कि वह 2010 में उत्तर प्रदेश में अपने उस्ताद से जादू-टोने की ठगी सीखता था। उसका पहला शिकार राजस्थान का निसंतान दंपत्ती था और संतान को उससे मिला था। पति ने उसके कहने पत्नी मार डाली थी। पुलिस कमरुद्दीन की आर्थिक स्थिति की भी जांच कर रही है।

कमरुद्दीन खुद को काले इल्म का माहिर बता इलाज के साथ-साथ धनवर्षा से धन डबल-ट्रिपल करने का झांसा देता था. मौत से पहले ये तीनों ही उसके संपर्क में थे.

कार में मरी मिली लक्ष्मी सबसे पहले कमरुद्दीन से महीनों पहले अपने बीमार पति के इलाज को मिली। कमरुद्दीन ने उसे काला जादू दिखा शीशे में उतार लिया. कमरुद्दीन ने शॉल से ढेर सारे रुपये निकालने का करतब दिखा महिला से कहा कि अगर वो 2-3 लाख रुपये लाये, तो वो धनवर्षा हुनर से उन्हे करोड़ों रुपये में बदल देगा।

धनवर्षा ठगी के सिवा कुछ और नहीं थी. 8 फरवरी को लक्ष्मी   रणधीर और शिव नरेश को लेकर लोनी में कमरुद्दीन के ठिकाने पर पहुंची, तो कमरुद्दीन काले जादू का नाटक कर अपने साथ पॉलीथिन के पैकेट में जहरीले लड्डुओं का पैकेट लेकर तीनों के साथ उनकी गाड़ी में बैठ गया. तीनों को बातों में उलझा प्रसाद बता लड्डू खिला दिए.  तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी. जब कमरुद्दीन को लगा कि किसी भी समय तीनों मर जाऐंगे, मौका देख कार से उतर गया.

केस से जुड़ी दूसरी फुटेज सीसीटीवी की तस्वीर दिल्ली के पीरागढ़ी से 30 किलोमीटर गाजियाबाद के लोनी की है.  तस्वीर भी रविवार 8 फरवरी की है. सीसीटीवी कैमरे की घड़ी में दोपहर के 1 बज कर 13 मिनट बजे हैं. खाली दिखती गली से एक वृद्ध  पॉलीथिन पैकेट लिए पैदल चला जा रहा है. वो चलते-चलते कैमरे से बाहर चला जाता है.

सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीर में ऐसा कोई एक्शन नहीं, जिसे देख कर इसका कनेक्शन दिल्ली की ट्रिपल डेथ मिस्ट्री से जुड पाये. लेकिन दिल्ली पुलिस की पड़ताल आगे बढ़ी, तो ना सिर्फ सीसीटीवी फुटेज से कार में मिले तीन शवों का कनेक्शन जुड़ता है, इसी फुटेज से तीनों का कातिल भी पकड़ा जाता है.

कमरुद्दीन के ठिकाने से मिला जादू का सामान 
अब आप समझ ही गए होंगे कि कार में जो तीन शव मिले थे उनकी मौत यूं ही नहीं हुई. बल्कि उनकी हत्या हुई लेकिन आखिर इस ट्रिपल मर्डर के पीछे मोटिव क्या था? हत्या कैसे और किसने की ? कहानी को सिलसिलेवार  समझने को एक बार फिर पीरागढ़ी की उसी लोकेशन चलना पडेगा, जहां कार से वो तीन शव मिले थे।

पीरागढ़ी में जब लोगों की नजर कार पर पड़ी, तो अंदर तीन लोग थे. तीनों बेसुध. 75-76 साल का एक वृद्ध ड्राइविंग सीट पर, 40-45 वर्षीय महिला और पुरुष पीछे सीट पर. ये लोग कौन थे? कहां से आए? भीड़ भरी सड़क पर कार में तीनों एकाएक बेहोश कैसे हो गए?सवाल लोगों के दिमाग में थे.

लोगों ने कार में तीन लोग बेहोश देख कर पुलिस को खबर दी. आनन-फानन पहले पुलिस कंट्रोल रूम टीम और दिल्ली के पश्चिमी विहार थाना पुलिस हत्यास्थल पहुंची. कार में बेहोश तीनों लोग किसी तरह बाहर निकाल पास के संजय गांधी अस्पताल ले जाये गये, अस्पताल में डॉक्टरों ने तीनों को मरा बताया.

तीन लोगों के ऐसे कार में मारे जाने का रहस्य अब गहरा हो चुका था. कार में ना तो खून का कोई कतरा था, ना किसी हथियार के निशान और ना ही कोई जोर जबरदस्ती के सबूत. अलबत्ता शराब की बोतलें, डिस्पोज्बल ग्लासेज और कुछ खाने-पीने की चीजें जरूर थीं. यह देख आशंका थी कि तीनों की मौत खाने-पीने में फूड प्वाइजनिंग से हुई या फिर तीनों ने एक राय हो जहर चीज खा लिया था. आत्महत्या. मगर पहेली ये भी थी कि  पुलिस को ना कोई सुसाइड नोट मिला और ना ही मृतकों के मोबाइल फोन से ऐसी कोई बात पता चली, जिससे सुसाइड पर मुहर लगती. उधर, मरने वालों के घर वाले सीधे-सीधे षडयंत्र मान रहे थे. उनके मुताबिक ये केस सुसाइड का हो ही नहीं सकता था.

कमरुद्दीन गाड़ी से उतर भागा और उधर तीनों ने छटपटाते कार में ही दम तोड़ दिया. पुलिस को कार से 2 लाख रुपये भी मिले, जिन्हें तीनों धनवर्षा से दुगने कराने कमरुद्दीन के पास पहुंचे थे. कमरुद्दीन इन्हीं रुपयों की लालच में उनके साथ पीरागढ़ी तक गया , पुलिस जांच में लोनी के सीसीटीवी फुटेज में कमरुद्दीन की ही तस्वीरें थीं. तस्वीरों में कमरुद्दीन जहरीले लड्डुओं का पैकेट लिये था.

कमरुद्दीन के पकडे जाते ही उसकी ठगी का पूरा जाल-बट्टा पुलिस के सामने था. कमरुद्दीन लोगों को इलाज का झांसा देकर फांसता और फिर उन्हें धनवर्षा की कहानियां सुना ठग लेता. उसके साथ कुछ और भी लोग जुड़े थे, जिन्होंने ठगी के धंधे की  कम्युनिटी बना रखी थी.

दिल्ली पुलिस कमरुद्दीन का किया धरा जांच ही रही थी कि उसे इस ढोंगी का कुछ ऐसा पता चला जो बेहद चौंका गया. कमरुद्दीन ने ऐसा पहली बार नहीं किया था. पहले भी उसने इसी तरह धनवर्षा के नाम लोगों को ललचा कर  लूटा और हत्याएं की थी. उसने फिरोजाबाद में दो लोगों की हत्याएं की थीं, जबकि राजस्थान के धौलपुर में भी एक जान ली थी. ऐसे कमरुद्दीन  सीरियल किलर निकला.

कमरुद्दीन ने उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में दो हत्याएं की थीं. वहां भी कमरुद्दीन ने शिकारों को गड़ा धन मिलने का झांसा दे उनकी जान ली थी.   कमरुद्दीन के ठिकाने पर एक मजार के साथ-साथ झाडफूंक के साजो-सामान भी दिखे।.

पुलिस  काले जादू के आमिल कमरुद्दीन को दबोच उसके दूसरे साथियों का पता लगाने में जुटी है कि क्या षड्यंत्र में किसी और ने भी उसका साथ दिया ? आज के जमाने में धनवर्षा जैसे अंधविश्वास में फंस कर आठ लोगों के जान गंवाने पर यकीन करना भी मुश्किल  है.

तांत्रिक ने किया ट्रिपल मर्डर (Photo: itg)

दिल्ली के पीरागढ़ी में कार से मिली तीन लाशों की  पुलिस जांच में सामने आया कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि सोचा-समझा षड्यंत्र था. ‘धनवर्षा’ के नाम पर लालच देकर स्वयंभू आमिल ने तीनों को जाल में फंसा लोनी से लौटते जहरीले लड्डू खिलाकर उनकी हत्या कर दी गई.

कार में मिले तीन शव

डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, मृतक रणधीर ,शिव नरेश और लक्ष्मी थे. कमरुद्दीन ने काले जादू के नाम पर विश्वास में ले तीनों को जहरीला पदार्थ खिलाया, जिससे तीनों की मौत हो गई. जांच में  गिरफ्तार आमिल कमरुद्दीन का आपराधिक इतिहास निकला । वह पहले भी हत्या में जेल जा चुका।

पहले से दोहरे हत्याकांड का मुकदमा

कमरुद्दीन पर फिरोजाबाद जिले के थाना मक्खनपुर में भी दोहरी हत्या का मुकदमा है . 13 मई 2025 को अपराध संख्या 105/2025 में कमरुद्दीन पर मुकदमा हुआ जिसमें वादी राम सिंह (पुत्र जगजीवन निवासी ग्राम नगला गोकुल, थाना मक्खनपुर) हैं. प्रार्थना पत्र के अनुसार उनके रिश्तेदार रामनाथ और पुरन कुछ समय से कमरुद्दीन के संपर्क में थे. कमरुद्दीन झाड़-फूंक करता था. उसने उन लोगों को भी जमीन में गड़ा धन निकालने का झांसा देकर अपने प्रभाव में लिया था.

9 मई 2025 मिले थे दो शव

बताया गया कि 8 मई 2025 को कमरुद्दीन दोनों को अपने घर ले गया और झाडफूंक से खजाने का भरोसा दिलाया. तभी उन्हें जहर दिया गया. 9 मई 2025 की सुबह फारूकी ग्लास फैक्ट्री के सामने गली में दोनों शव मिले. मौके से गिलास, लड्डू और झाडफूंक का सामान मिला. मामले में नामांकित कमरुद्दीन को पुलिस ने जेल भेजा था. बाद में उसे हाईकोर्ट से जमानत मिली थी.

मैरिज होम का मालिक है कमरुद्दीन

फिरोजाबाद के आकाशवाणी रोड पर ही बिस्मिल्ला मैरिज होम है जिसका संचालन कमरुद्दीन करता था है. लेकिन वहां के बाशिंदे बताते हैं कि कमरुद्दीन दिल्ली में रहते हैं. वह क्या करते हैं यह उन्हें नहीं मालूम फिरोजाबाद के अपर पुलिस अधीक्षक देहात अनुज चौधरी कहते हैं कि फिरोजाबाद में कमरुद्दीन का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है जो भी तथ्य निकाल कर आएंगे वह हम मीडिया से साझा करेंगे.

लड़कियों की तस्वीरें, तंत्र-मंत्र और धन वर्षा का झांसा… कमरुद्दीन के पास मिले चौंकाने वाले पन्ने
लड़कियों की तस्वीरें, तंत्र-मंत्र, जिन्न और जादू से धन वर्षा की कहानी… दिल्ली के पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में जब पुलिस ने  कमरुद्दीन के ठिकाने से कुछ पन्ने बरामद किए, तो सनसनीखेज कहानी से पर्दा उठ गया. मामले से जुड़ा एक नया सीसीटीवी सामने आया है, जो कमरुद्दीन के घर के पास लोनी का है. इसमें गाड़ी से उतरकर तीन लोग जाते नजर आए हैं.
कमरुद्दीन के पास मिले चौंकाने वाले पन्ने.

बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में सामने आया ट्रिपल मर्डर केस काले इल्म की कहानी  है. मामले में अब ढोंग, अंधविश्वास, लालच और षड्यंत्र खुल रहा हैं.  कमरुद्दीन से कुछ पन्ने मिले हैं. इनसे रोंगटे खड़ करने वाला षड्यंत्र सामने आया है. आमिल  कमरुद्दीन लोगों को धन वर्षा का सपना दिखाता था. उससे  अलग-अलग लड़कियों की तस्वीरें, उनके फीचर्स की डिटेल और अजीबोगरीब काला इल्म लिखा मिला कि खास चेहरे-मोहरे वाली लड़कियों पर ही धन वर्षा होती है.

पहले रैंडम लड़कियों की तस्वीरें मंगवा उनके चेहरे और हाव-भाव देख बताता- इसी पर बरसेगा धन. तब शुरू होता काले जादू का खेल. लड़कियों को बताता कि एक ‘जिन्न’ आएगा, जो उनसे संभोग करेगा, लेकिन उन्हें पता नहीं चलेगा. जैसे ही जिन्न संबंध बनाएगा, पैसे की बरसात होगी.

कमरुद्दीन डर और लालच दोनों इस्तेमाल करता था. जिन्होने संदेह कर पैसे देने से इंकार किया, उनके घर के बाहर डरावने सामान रखता.

केस में एक सीसीटीवी फुटेज कमरुद्दीन के घर के पास लोनी का है, जिसमें रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी को कार से उतरते देखा गया. पुलिस कॉल से आधा घंटा पहले कमरुद्दीन कार छोड़कर निकल गया. पुलिस उसे पकड़ने पहुंची, तो गेट नहीं खोला । बच्चे बीमार होने का बहाना बनाया. वह 15 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश करता पकड़ा गया.

बाहरी दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा था कि आरोपित के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा किया है. जांच में खुलासा हुआ कि लड्डू में सल्फास, नींद की गोलियां और कोल्ड ड्रिंक मिलाकर शिकारों को दिया गया, जिससे वे कार से बाहर नहीं निकल सके.

पुलिस को लक्ष्मी के मोबाइल से कई और लड़कियों की तस्वीरें मिलीं, जिनमें वे यंत्र-तंत्र के साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं. अलग-अलग नंबरों से तस्वीरें आती थीं और उन्हें आगे भेजा जाता था.

कमरुद्दीन की ठगी के तरीके हैरान करते हैं. एक मामले में उसने किसी व्यक्ति के पेट से हाथ डालकर किडनी का स्टोन निकाल दिया. खून बहना दिखाया, बाद में पता चला कि उसके हाथों में पहले से सिंदूर लगा था.

दिल्ली पुलिस ने उसकी पूरी क्राइम कुंडली खंगालने को उत्तर प्रदेश और राजस्थान पुलिस से भी संपर्क किया है।

क्या था पूरा मामला?

कमरुद्दीन काले जादू और धन दोगुना करने का लोभ दे लोगों को फंसाता था. 9 मई 2025 को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के मक्खनपुर में बंद पड़ी फारूकी ग्लास फैक्ट्री की बाउंड्रीवाल में रामनाथ और पूरन के शव मिले थे. शवों के पास पूजा सामग्री और लड्डू पड़े थे, मामला शुरू में रहस्यमय लगा. कमरुद्दीन ने धन दोगुना करने का लालच देकर बुलाया और जहरीले लड्डुओं से उनकी हत्या कर दी।

दिल्ली के पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर केस में भी जांच एजेंसियों को यही पैटर्न मिला. लोनी से लौटते तीन लोगों को जहरीले लड्डू खिलाए , जिससे उनकी मौत हो गई. 72 वर्षीय कमरुद्दीन को पकड़कर पूछताछ हुई, उसने लूट को जहरीले लड्डू खिलाकर हत्या करना माना. जांच में यह भी आया कि उसने 2010 में उत्तर प्रदेश में बेसन के लड्डू व अंडों से झाड़-फूंक कर लोगों को फंसा लूटना सीखा.

कार से गिलास, शराब और आईडी कार्ड आदि सामान मिले. उसने फिरोजाबाद में भी जहर दे हत्या की । वह अब तक तीन मामले स्वीकार कर चुका है. जांचकर्ताओं को आशंका है कि उसके शिकारों की संख्या और भी है.

शिकार बने  आठों हिंदू
मर्डर केस का मास्‍टरमाइंड कमरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद एक बड़ी चौंकानेवाली बात सामने आई है कि उसके निशाने पर हिंदू रहते थे. कमरुद्दीन ने जितने भी लोग टारगेट कियै, वे सभी हिंदू थे. पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास मारे गए तीनों लोग भी हिंदू हैं।

टारगेट पर रहते थे हिंदू
कमरुद्दीन पकड़ा तो चौकानेवाली जानकारी मिली कि उसके शिकार हिंदू रहते थे. कमरुद्दीन ने जितने भी शिकार किये, सभी हिंदू थे. पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास तीनों मृतक भी हिंदू थे।

17 फीट की दीवार फांदकर भागा कमरुद्दीन
पुलिस ने बताया, ‘सीसीटीवी से कमरुद्दीन का गाड़ी में होना प्रमाणित है. पुलिस को कॉल मिलने से आधा घंटे पहले कमरुद्दीन कार से निकला. लक्ष्मी ने शिव नरेश को कमरुद्दीन के घर की लोकेशन भेजी थी. रात ही कमरुद्दीन के घर गए, तो  उसने गेट नहीं खोला. बोला- बच्चे बीमार है. कमरुद्दीन 17 फीट की दीवार फांद भागा लेकिन पकड़ा गया.

...तो एक दिन पहले ही हो जाती तीनों की हत्‍या!
पुलिस के अनुसार फिरोजाबाद में भी कई लोग यही काम कर रहे थे. कमरुद्दीन ने पीरागढ़ी पर तीन लोगों को सल्फास और नींद की गोलियों को कोल्ड ड्रिंक में मिला लड्डू खिलाया. इस डेडली कॉम्बिनेशन से कोई गाड़ी से बाहर नहीं निकल पाया. रणधीर, लक्ष्मी और शिव नरेश एक दिन पहले भी कमरुद्दीन के साथ थे. लेकिन 2 लाख रुपए नहीं लाये तो कमरुद्दीन ने इन्हें वापस भेज दिया.

बड़ा खिलाड़ी कमरुद्दीन, अलग-अलग तरीकों से ठगी
कमरुद्दीन ठगी का बहुत पुराना उस्‍ताद है. पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन से अब तक 8 हत्याओं के प्रमाण मिले हैं, उसने अब तक ठगी से काफी पैसे कमाए हैं, वह एक मीटिंग के 7 हजार रुपये इलाज के नाम पर लेता था. उसने एक के पेट में हाथ डालकर किडनी से स्टोन निकालने ढोंग किया था. पता चला कि उसने हाथों में सिंदूर लगा लोगों को इसे खून बताकर बेवकूफ बनाया. शिव नरेश के पर्स से जिन्न आमंत्रण टोटका मिला है. झाडफूंक करते कमरुद्दीन लोगों के वीडियो फ्लाइट मोड पर करवा लेता था. उसकी कई संपत्तियां भी  मिली है.

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