वित्त मंत्री के नाम पर वायरल वीडियो फेक, पीआईबी फैक्ट चेक ने किया खंडन
वित्त मंत्री के नाम पर वायरल वीडियो फेक, पीआईबी फैक्ट चेक ने किया खंडन
सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस वीडियो का खंडन किया है जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन को जल्द आर्थिक लाभ का वादा करने वाली एक योजना का प्रचार करते हुए दिखाया गया है। पत्र सूचना कार्यालय-पीआईबी की तथ्य जांच इकाई ने बताया कि यह वीडियो फर्जी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई द्वारा बनाया गया है। इकाई ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री ने ऐसी किसी योजना का समर्थन नहीं किया है। पीआईबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे दावों की पुष्टि सरकारी आधिकारिक सूत्रों से करें और ऐसी योजनाओं के झांसे में न आयें।
22,000 लगाओ और पाओ ₹5.5 लाख! क्या है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के वायरल वीडियो की हकीकत?
PIB Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कथित तौर पर एक खास निवेश योजना का प्रचार करते हुए दिखाया जा रहा है. इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अगर कोई शख्स 22,000 रुपये का शुरुआती निवेश करता है, तो उसे महज एक हफ्ते में 5,50,000 रुपये तक का मुनाफा मिल सकता है. हालांकि सरकार की एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फेक AI जनरेटेड वीडियो वायरल
PIB Fact Check: सोशल मीडिया के इस दौर में सूचना जितनी तेजी से फैलती है, उतनी ही तेजी से भ्रामक खबरें और डीपफेक वीडियो भी लोगों को गुमराह कर रहे हैं. हाल ही में भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक आकर्षक निवेश योजना का दावा किया गया है. लेकिन पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने इस वीडियो की सच्चाई बताते हुए देशवासियों को अलर्ट किया है.
इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अगर कोई शख्स शुरुआती निवेश के तौर पर 22,000 रुपये जमा करता है, तो उसे मात्र एक हफ्ते के भीतर 5.5 लाख रुपये का रिटर्न मिलेगा।.वीडियो में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कथित तौर पर इस योजना को बढ़ावा देते और लोगों को इसमें निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए दिखाया गया है. भारी मुनाफे के लालच में कई लोग इसे सच मानकर शेयर कर रहे हैं.
PIB फैक्ट चेक की जांच और खुलासा
सरकारी संस्था पीआईबी फैक्ट चेक ने इस वीडियो की बारीकी से जांच की और इसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया है. पीआईबी के अनुसार, यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है, जिसे ‘डीपफेक’ कहा जाता है. पीआईबी ने साफ किया है कि केंद्र सरकार या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऐसी किसी भी निवेश योजना का समर्थन नहीं कर रहे हैं.
सावधान रहना क्यों जरूरी है?
आजकल जालसाज नई तकनीक का सहारा लेकर मशहूर हस्तियों और राजनेताओं के चेहरे का इस्तेमाल कर रहे हैं. इनका मकसद भोले-भले लोगों को कम समय में अमीर बनने का सपना दिखाकर उनकी मेहनत की कमाई को लूटना है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑफिशियल सोर्स पर भरोसा करें. किसी भी सरकारी योजना की जानकारी के लिए हमेशा सरकारी वेबसाइटों या आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल की जांच करें.
