हाईकोर्ट का पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को स्पोर्टस यूनि. VC पद छोड़ने के निर्देश
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- पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को लेकर बड़ी खबर, वीसी पद से जल्द देंगे इस्तीफा, जानिए वजह
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति को तीन सप्ताह में इस्तीफा देने और यूजीसी नियमों से नई नियुक्ति के निर्देश दिए.
पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को लेकर बड़ी खबर, वीसी पद से जल्द देंगे त्यागपत्र
उत्तराखंड पूर्व डीजीपी अशोक कुमार
देहरादून/चंडीगढ 02 अक्टूबर 2026। पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को लेकर बड़ी खबर है. अशोक कुमार को हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति पद से इस्तीफा देना होगा. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद ये फैसला हुआ है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में
अशोक कुमार की हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में नियुक्ति को चुनौती दी गई थी. जिसका अब इस्तीफे के फैसले के साथ निस्तारण हो गया है.
बता दें, उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार रिटायरमेंट के बाद हरियाणा की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में कुलपति बने. जिसके बाद कई लोगों ने उनकी नियुक्ति को चुनौती दी. जिसके लिए डॉक्टर डी एस मोर उर्फ देवेंद्र सिंह मोर और एक अन्य याचिकाकर्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की.
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार की हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में नियुक्ति गैरकानूनी है. जिसके लिए याचिका में कई कारण बताये गये. साथ ही कुलपति के वेतन निर्धारण से जुड़े पत्र को भी चुनौती दी गई. जिसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की.
जिस पर फैसला सुनाते हुये हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया. हाईकोर्ट ने अशोक कुमार को तीन सप्ताह के भीतर त्यागपत्र देने के आदेश दिये. साथ ही राज्य सरकार के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किये गये. कुलपति के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ डीन से अंतरिम तौर पर कुलपति के कर्तव्यों का पालन करने को कहा गया है.
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति की नियुक्ति में यूजीसी 2018 के नियमों का पालन करना अनिवार्य है. साथ ही हाईकोर्ट ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के डॉक्टर एस. मोहन बनाम सेक्रेटरी टू द चांसलर, पुडुचेरी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी एवं एक अन्य मामले में 2026 में दिए फैसले को भी ध्यान में लाने को कहा है.पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर तक इस मामले में चल रही कार्रवाई को पूरा करने के निर्देश दिये हैं.
वहीं, इस मामले पर उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार का बयान भी सामने आया है. अशोक कुमार ने कहा कि उन्होंने पारिवारिक कारणों से ख़ुद ही पद छोड़ने का मन बनाया था.वे अब फैमली को समय देना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इसे लेकर उन्होंने सरकार को भी बता दिया था. उन्होंने बताया कि उनका कार्यकाल दिसंबर 2025 तक था.
अशोक कुमार के बारे में जानिए
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- अशोक कुमार का जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ.
- अशोक कुमार ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक (मैकेनिकल)
- दिल्ली से ही एमटेक (थर्मल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की.
- अशोक कुमार संयुक्त उत्तर प्रदेश में, फिर उत्तराखंड में विभिन्न पदों पर रहे.
- इसमें ASP, SP, DIG, IG, ADG, DG Law & Order/CID आदि पर शामिल हैं.
- अशोक कुमार यूएन मिशन (कोसोवो), CRPF और BSF में भी डेपुटेशन पर रहे.
- अशोक कुमार नवंबर 2020 से नवंबर 2023 तक उत्तराखंड के डीजीपी रहे.
- अशोक कुमार ने कोविड, चारधाम यात्रा, कांवड़, महाकुंभ आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
- ऑपरेशन प्रहार, ऑपरेशन स्माइल, ऑपरेशन मर्यादा, ड्रग्स फ्री देवभूमि आदि उनके मुख्य अभियान हैं.
- अशोक कुमार को 2006 में पुलिस मेडल , 2013 में प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल , यूएन मेडल भी मिला है.
- रिटायरमेंट के बाद अशोक कुमार फरवरी 2024 में हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में कुलपति बने
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पूर्व डीजीपी अशोक कुमार झटका

