कॉकरोच धर्मेन्द्र प्रधान के त्यागपत्र से हटे पीछे?
Sonam Wangchuk And Cjp Does Not Insist On Dharmendra Pradhan Resignation Now Like Earlier
CJP Jantar Mantar Protest: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हटे सोनम वांगचुक, CJP का भी शर्त से किनारा
कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक ने संसद मार्च शुरू होने से पहले ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर अपने सुर नरम कर लिए हैं। अब सिर्फ सरकार से उनकी जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है, इस्तीफे की मांग का जिक्र नहीं है।
नई दिल्ली 20 जुलाई 2026 : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे की प्राथमिक मांग से सोनम वांगचुक पीछे हट गए हैं। उन्होंने आज सुबह अपना अनशन खत्म करने और संसद तक प्रस्तावित मार्च से पहे तीन शर्तें जारी की हैं, उनमें यह शर्त कहीं नहीं है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। इसी तरह से कॉकरोच जनता पार्टी भी अब सिर्फ उनकी जवाबदेही तय करने की बात कहकर स्टैंड को सॉफ्ट कर लिया है।
त्यागपत्र की जगह धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की बात
20 जुलाई, 2026 (सोमवार) तड़के ढाई बजे सबसे पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बयान जारी किया। इसमें लिखा गया –
सरकार से कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों में बदलाव नहीं हुआ है। आत्महत्या के द्वारा 20 से ज्यादा स्टूडेंट की मौत को लेकर हम धर्मेंद्र प्रधान से जवाबदेही चाहते हैं और उनके परिवारों में से प्रत्येक के लिए 1 करोड़ रुपये की सहायता चाहते हैं। हमारा आंदोलन तबतक नहीं रुकेगा, जबतक हमें न्याय नहीं मिल जाता।
कॉकरोच जनता पार्टी
प्रधानमंत्री मोदी के त्यागपत्र की भी शुरू कर दी थी मांग
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र को लेकर ही एक महीने पहले यह आंदोलन शुरू किया था। सोनम वांगचुक के अस्पताल ले जाने के बाद तो इसके चीफ अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से त्यागपत्र की मांग शुरू कर दी थी।
सोनम वांगचुक का बयान
सोनम वांगचुक की शर्तों में भी त्यागपत्र की मांग नहीं
इससे पहले रविवार (19 जुलाई, 2026) को अस्पताल से हाथ से लिखे सोनम वांगचुक की जिस चिट्ठी को उनके एक्स हैंडल से सुबह करीब साढ़े 6 बजे जारी किया गया, उसमें उन्होंने तीन शर्तों में से किसी एक के मान लिए जाने के बाद अनशन तोड़ने की बात लिखी है। लेकिन, इसमें भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से वे पीछे हट चुके हैं। उन्होंने लिखा है,’आपमें से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना उपवास कब तोड़ूंगा। जैसा कि समर्थकों को पहले भी कह चुका हूं, 20 जुलाई को मैं अपना उपवास तोड़ दूंगा, यदि..’
यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक आदि में हालिया नाकामी की जवाबदेही ले लेती है या…
अगर मैं और सीजेपी नेतृत्व संसद के द्वार तक पहुंचते हैं, वहां विभिन्न दलों के सांसदों और नेताओं द्वारा हमें भरोसा दिया जाए कि आगे से अब वह मु्द्दे को संसद में उठाएंगे या…
अगर मेरी सेहत या अन्य चीजें इसकी इजाजत नहीं देतीं, तब भिन्न दलों के सांसद और नेता इस अस्पताल में आएं और यही आश्वासन दें।
सीजेपी का पहली बार सरकार की ओर से संपर्क का दावा
इस बीच अनुसार सोमवार को प्रस्तावित संसद मार्च से पहले सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास की ओर से एक बड़ा दावा किया गया है कि पहली बार सरकार ने प्रदर्शन को लेकर उनसे संपर्क किया है। हालांकि, इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की सीजेपी की मांग के समर्थन में सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों पर भूख हड़ताल पर हैं।
शनिवार को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है।
रविवार को उनकी पत्नी डॉक्टर गीतांजलि जे आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की कि उन्हें निजी अस्पताल में ले जाने की अनुमति दी जाए, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली।


