राजकीय आयुर्वेद डॉक्टरों का आंदोलन समाप्त,दो मांगें तत्काल स्वीकार,पांच पर अधिकारियों को निर्देश
देहरादून 17 जून 2026। आयुष मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक के बाद मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि आज राज्य के राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखण्ड से उनकी मांगों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि संघ की 07 मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रूख अपनाते हुए कुछ मांगें स्वीकार की हैं तथा कुछ मांगों पर विचार-विमर्श करते हुए उचित कार्यवाही हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
आयुष मंत्री कौशिक ने कहा कि संघ चिकित्सा संवर्ग हेतु विभागीय अपर निदेशक पद पर पदोन्नति की मांग कर रहा था जिस पर निर्णय लेते हुए निस्तारण को डेढ़ माह का समय सुनिश्चित किया गया है। वहीं वार्षिक गोपनीय प्रविष्टयों को समय पर पूर्ण करने संबंधी निर्णय लेते हुए एक माह में इस तरह के प्रकरण निस्तारित किये जायेंगें।
मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय ढांचे के पुनर्गठन एवं पदोन्नति अवसरों में वृद्धि संबंधी मांग को लेकर अधिकारियों को उचित कार्यवाही करते हुए यथाशीघ्र मांग के अनुरूप कार्यवाही करने के निर्देश दिये। आयुष मंत्री कौशिक ने मोबाईल ऐप आधारित उपस्थिति एवं आधार आधारित बायोमैट्रिक व्यवस्था से उत्पन्न समस्याओं के निराकरण हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
आयुष मंत्री कौशिक ने कहा कि संघ अपनी मांगों पर हुई वार्ता से संतुष्ट हो हड़ताल वापस ले रहा है। उन्होंने कहा कि 21 जून 2026 योग दिवस के अवसर पर सभी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करेंगें ताकि पूरे प्रदेश में योग दिवस को लेकर उत्तम वातावरण तैयार हो सके। इसके लिए राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखण्ड ने प्रतिबद्धता जताई है।
इस अवसर पर डाॅक्टर नीरज कोहली अध्यक्ष राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखण्ड, डाॅक्टर हरदेव सिंह रावत महासचिव, डॉक्टर रामकिशोर भट्ट वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डॉक्टर एच एस धामी तथा डॉक्टर एच एम त्रिपाठी के अतिरिक्त विभागीय सचिव रंजना राजगुरू ,अपर सचिव डॉक्टर विजय कुमार जोगदण्डे,उप सचिव हनुमत प्रसाद तिवारी तथा
अनुभाग अधिकारी शैलजा सिंह भी उपस्थित थीं।
Ayurveda doctors to launch agitation for pending demands
-आठ से 10 जून तक काली पट्टी बांध कर सांकेतिक विरोध
-13 जून को ओपीडी का बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन
उत्तराखंड राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ का चिकित्साधिकारी संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन चल रहा था। आठ से 10 जून को आयुर्वेद डॉक्टर काली पट्टी बांध कर सांकेतिक विरोध और 13 जून को ओपीडी बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन हुआ।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉक्टर नीरज कोहली, महासचिव डॉक्टर हरदेव सिंह रावत के अनुसार शासन व विभागीय अधिकारियों के समक्ष अनेक बार लंबित मांगों पर वार्ता के बाद भी सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ। आयुष विभाग में कार्यरत चिकित्साधिकारी वर्षों से विभागीय उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। संघ का आरोप है कि विभागीय निदेशक की नियुक्ति, एसीपी के लंबित प्रकरण, डीएसीपी का लाभ, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन, पदोन्नति के अवसरों का विस्तार, अध्ययन अवकाश संबंधी विसंगतियां, स्थायीकरण व आधार आधारित बायोमीट्रिक, मोबाइल एप आधारित उपस्थिति व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं लगातार लंबित हैं। आयुर्वेद डॉक्टर राज्य के पर्वतीय, सीमांत व दुर्गम क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसके बावजूद सेवा हितों से जुड़े मामलों की लगातार अनदेखी हो रही है।
वर्ष 2022 में कैबिनेट से स्वीकृत डीएसीपी लाभ देने पर शासनादेश जारी हुआ है। प्रदेश के अधिकांश आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालय पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्टिविटी व तकनीकी संसाधनों की गंभीर समस्याएं रहती हैं। ऐसी परिस्थितियों में मोबाइल एप आधारित उपस्थिति व आधार आधारित बायोमीट्रिक व्यवस्था को वेतन आहरण से जोड़ना अव्यवहारिक है। संघ ने निर्णय लिया कि 11 व 12 जून 2026 को ओपीडी सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन विरोध स्वरूप आंदोलनात्मक गतिविधियां संचालित होंगी। 15 जून से प्रदेशभर में आयुर्वेद डॉक्टर पूर्ण कार्य बहिष्कार कर आयुर्वेद निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। संघ ने आंदोलन के संबंध में आयुष सचिव को पत्र भेजा था ।
Ayurveda and Unani doctors submitted a memorandum to the minister Pradeep Btara regarding their pending demands
आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सकों ने लंबित मांगों को मंत्री प्रदीप बतरा को सौंपा ज्ञापन
राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ की ओर से सात सूत्री मांगों को रुड़की राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के कार्यालय पहुंचकर आयुष विभाग के नाम सौंपे ज्ञापन में चिकित्सकों ने वर्षों से लंबित सेवा संबंधी समस्याओं, विभागीय विसंगतियों और पदोन्नति मामलों के जल्द समाधान की मांग उठाई।
चिकित्सकों ने कहा कि वह लंबे समय से शासन और विभागीय स्तर पर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं। कई दौर की वार्ता और आश्वासनों के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। इससे चिकित्सकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि संघ हमेशा सकारात्मक संवाद और समाधान आधारित वार्ता का पक्षधर रहा है लेकिन उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण संगठन को आंदोलन को मजबूर होना पड़ा ।
चिकित्सकों ने प्रमुख मांगों में चिकित्सा अधिकारियों को समयबद्ध पदोन्नति एवं डीएसीपी का लाभ देने, विशेषज्ञ और प्रशासनिक पदों पर लंबित पदोन्नतियों का शीघ्र निस्तारण करने और आयुष चिकित्साधिकारियों को एलोपैथिक चिकित्सकों के समान सेवा लाभ देने आदि शामिल हैं। संघ के चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा। ज्ञापन दाताओं में डॉक्टर प्रदीप कुमार, डॉक्टर मनीष कुमार, डॉक्टर अनीता कौशल, डॉक्टर जयेंद्र प्रताप, डॉक्टर सतीश कुमार, डॉक्टर सुजाता, डॉक्टर शयानी आदि समस्त स्टॉफ आदि मौजूद रहा।

