लव जिहाद-लालच:दर्जनों धर्मांतरित मुस्लिम वापस हिंदू समाज में, विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने कराई ‘घर वापसी’

 धर्मांतरित मुस्लिम वापस हिंदू समाज में, विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने कराई ‘घर वापसी’,कौन है बहकाने वाला जलालुद्दीन

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने गोमती नगर के शिव मंदिर में इन दर्जनों लोगों को बुलाकर ‘घर वापसी’ कराई गई. इनको त्रिपुंड लगा भगवा वस्त्र पहना वैदिक मंत्रों के साथ हवन-पूजन कराया गया.

लखनऊ ,03 जुलाई 2025, राजधानी लखनऊ में मुस्लिम बने 12+ लोग वापस धर्म में लौट आए हैं. विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने गोमती नगर के शिव मंदिर में इन लोगों को बुलाकर ‘घर वापसी’ कराई . इसमें इनको त्रिपुंड लगा भगवा वस्त्र पहनाया गया और फिर वैदिक मंत्रों से हवन-पूजन कराया गया. पूरे विधि-विधान से इनकी हिंदू समाज में वापसी हुई.

दरअसल, जिन 12 लोगों ने इस्लाम अपनाया था, उनमें किसी को लव जिहाद में फंसाकर धर्मांतरण कराया गया था तो किसी को पैसों का लालच दिया गया था और  किसी को विदेश में नौकरी का झांसा दिया गया था. ब्लैकमेलिंग से तंग आये  ये लोग विश्व हिंदू रक्षा परिषद के संपर्क में आए. जिसके बाद आज इनकी ‘घर वापसी’

राजधानी लखनऊ में मुस्लिम बने 12+ लोगों की धर्म वापसी हो गई। शिव भोला मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में साधु-संतों ने वैदिक विधि- विधान से इन सभी लोगों का शुद्धिकरण किया् गया। इस दौरान छांगुर बाबा की करतूतें भी उजागर की गई।

गोमती नगर, विशाल खंड- एक स्थित शिव भोला मंदिर में साधु-संतों ने वैदिक विधि- विधान से इन सभी का शुद्धिकरण कर धर्म में वापसी की।  इन्हें इनके मूल हिंदूनाम फिर से दिए गए। इस दौरान छांगुर बाबा की करतूतें भी उजागर की। बताया गया कि इकलौती लड़कियों और बेसहारा को लालच देकर टारगेट किया जाता है।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के घर वापसी के कार्यक्रम में वापस धर्म में लौटने वाली सभी महिला और पुरुष काफी संतुष्ट दिखे। परिषद के लोगो ने शंखनाद कर खुशी जताई। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास भारी पुलिस बल मौजूद रहा। घर वापसी करने वालों में छह पुरुष और छह महिलाएं शामिल है।परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने बताया बलरामपुर के उतरौला मधुपुर गांव का रहने वाला छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन और इसके गुर्गे गरीब, बेसहारा, लाचार लोगों को कई तरह के प्रलोभान देकर हिंदू से मुसलमान बनवाते हैं। इन लोगों ने कई बच्चियों का निकाह तक करवा डाला।

गोपाल राय ने आरोप लगाया कि यूपी में गज़वा-ए-हिंद का मजबूत चेहरा है छांगुर पीर, मोहम्मद अहमद खान व अब्दुल माबूद रज़ा उर्फ आकिब है। इन लोगो ने देश व विदेश में लगभग तीन हजार हिंदुओं का धर्मांतरण कराया है। जिसकी रिपोर्ट गोमती नगर सहित उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में पंजीकृत है । उन्होंने आरोप लगाया की इन मामलों की जांच कर रही एजंसियों की भूमिका संदिग्ध है ।

बहला फुसलाकर उनकी संपत्ति भी कब्जा कर ली जाती
गोपाल राय बताते हैं कि  अपने मां – बाप की इकलौती संतान है या कमजोर वर्ग की लडकियों को  टारगेट किया जाता है। उनको बहला फुसलाकर उनकी संपत्ति भी कब्जा ली जाती है। उन्होंने बताया कि देश के कई प्रदेशों में धोखा धड़ी कर धर्म परिवर्तन कराने व सरकारी ज़मीनों, तालाब नजूल की जमीन पर कब्जा, फंडिग, घुसपैठ व कैंप बनाने को सैकड़ों करोड़ हवाला से विदेशी फंडिग हो रही है। इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कुलदीप मिश्रा , प्रदेश संगठन मंत्री हिमांशु धवल, प्रदेश अध्यक्ष शिखर गुप्ता, बाबी गुप्ता, राजेश वर्मा, संग्राम सिंह, राजेश गुप्ता, कृष्णा पाण्डेय, पी. के पाण्डेय, पंकज सिंह, पंकज प्रधान, विवेक सिंह एडवोकेट, सरोज पाल सिंह, प्रवीन सिंह आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहें |

गोपाल राय ने इस पूरे मामले की जांच कर जाने की मांग उठाई है। उनके अनुसार एसटीएफ समेत कई थानों में इन पर मुकदमें हैं। कहते हैं, विदेशी फंडिंग और तरह-तरह के जाल रच छांगुर पीर मोहम्मद ने तीन हजार को मुस्लिम बनाया है। उत्तर प्रदेश में कमलेश तिवारी और चंदन गुप्ता की हत्या से इनके तार जुड़े हुए

लखनऊ में लव जिहाद और पैसों के लालच में फंसकर हिंदू से मुस्लिम बने 15 लोगों का शुद्धीकरण कराया गया। विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने सभी को भगवा गमछा पहनाया और उनके माथे पर तिलक लगाया। इसके बाद सभी ने शनि देव मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

बलरामपुर के झांगुर बाबा ने इनमें से कई लोगों को पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया था। इसके अलावा मेराज अंसारी नामक युवक ने रुद्र शर्मा बनकर एक हिंदू लड़की से निकाह कर लिया था। जब लड़की को इसकी जानकारी हुई तो वह अपने माता-पिता के पास लौट आई।

इसके बाद मेराज ने उसके पिता को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल किया। धमकी दी कि अब उसकी छोटी बेटी से भी निकाह कराओ। बहरहाल, इस युवती सहित कई जिलों के 15 लोगों ने गुरुवार को लखनऊ में अपने धर्म में वापसी कर ली।

हवन-पूजन करते हुए मंत्रोच्चार के बीच हिंदू से मुस्लिम बने लोगों को वापस हिंदू बनवाया गया।
घर वापसी के दौरान विश्व हिंदू रक्षा परिषद के लोग धर्म-ध्वज लेकर जयश्रीराम के नारे लगाते रहे।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

‘पापा की शराब छुड़वाने के बहाने निकाह करवाया’

मानवी शर्मा ने कहा- रुद्र शर्मा हमें मिला। उसने मां से कहा था- झांगुर बाबा से मिलो। वह आपके पति की शराब छुड़वा देंगे। बाबा से हम मिले, उन्होंने ताबीज दी। रुद्र अगली बार 2024 में मिला। उसने बताया कि बाबा झांगुर कानपुर आए हैं, चलकर मिल लो। हम लोग गए तो वहां रुद्र शर्मा से ही जबरदस्ती मेरा निकाह करा दिया गया। पता चला कि रुद्र शर्मा नहीं, मेराज अंसारी था।

मेराज के सभी भाइयों ने हिंदू लड़कियों से ही शादी की है। मुझे उनके मुसलमान होने की जानकारी हुई तो मैं अपने मां-बाप के पास वापस आ गई। मेराज मेरे मम्मी-पापा के पास आया। उसने अपने साथ के मेरे वीडियो दिखाए।

ब्लैकमेल कर कहा कि अपनी छोटी बेटी से भी मेरी शादी कराओ। मैं दोनों को साथ रखूंगा। इस पर मेरे पापा ने उसे मार दिया तो वह बेसमेंट में गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या में मेरे मम्मी-पापा जेल में हैं। आज मैं अपने धर्म में वापस आ गई हूं।

झूठे मुकदमे करवाए, फिर जबरन धर्म बदलाया था

बलरामपुर के हरजीत ने कहा- झांगुर ने मेरे ऊपर धर्म बदलने का दबाव बनाया। नागपुर में सुपरवाइजर की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। मैं नहीं माना तो मेरे ऊपर 2-2 झूठे मुकदमे चलवा दिए। इसके बाद बाबा ने रात में तीन लोग भेजे। मैं उनके पास गया तो कहा- तुमको ढाई लाख रुपए मिलेंगे। मुकदमे भी वापस हो जाएंगे, तुम मुस्लिम बनो। मजबूरी में मैंने धर्म बदला।

झांगुर बाबा को विदेश से फंडिंग मिलती है’

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गोपाल राय कहा- बलरामपुर में गजवा-ए-हिंद का मजबूत चेहरा झांगुर पीर मोहम्मद अहमद खान और अब्दुल माबूद रजा लोगों पर दबाव बनाकर धर्मांतरण करवाते हैं। इन लोगों को विदेश से फंडिंग मिलती है। इस पर जांच होनी चाहिए।

एसटीएफ समेत कई थानों में इनके ऊपर मुकदमे हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। यूपी में चंदन गुप्ता और कमलेश तिवारी की जो हत्या हुई थी, उसमें भी इनके तार जुड़े हुए हैं। अब तक लगभग 500 करोड़ रुपए हवाले के माध्यम से इसने प्राप्त किया है।

मोहम्मद अहमद खान कहता है- बलरामपुर में झांगुर बाबा और यूपी में योगी बाबा। इसने अपनी दौलत और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लगभग 6000 लोगों का धर्म परिवर्तन कराया है।

‘साहबुद्दीन ने कहा- मुझे झांगुर बाबा ने धमकाया

घर वापसी से पहले शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में हिंदुओं के साथ मुसलमान भी शामिल हुए। इसमें शामिल साहबुद्दीन ने कहा- मेरे घर में कुछ आतंकवादी घुस आए थे। वे लोग मेरे घर का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। मुझे डर लगा तो मैं झांगुर बाबा के पास पहुंचा। वहां बाबा ने मुझे धमकाया कि तुम मुसलमान होकर ऐसी बातें करते हो। हमें हिंदुस्तान को मुस्लिम देश बनाना है।

सबकी अपनी कहानी है-

औरैया की मांडवी शर्मा को जैनब बनाया गया. पिता की शराब की लत ‘पीर बाबा’ से छुड़वाने के नाम पर मेराज अंसारी घर में रूद्र शर्मा बनाकर आने लगा. मेराज ने अपना नाम छिपाकर मांडवी से दोस्ती कर अपने प्रेम जाल में फंसाया, फिर उसे मुस्लिम जैनब नाम देकर निकाह कर लिया.

वहीं, सिर पर जालीदार टोपी हटाकर शिव मंदिर में हिंदू बने सहारनपुर के शहाबुद्दीन की अलग कहानी है. शहाबुद्दीन का घर  पडोसी मुस्लिमों ने कब्जा लिया था. किसी से मदद  नहीं मिली. शहाबुद्दीन को उम्मीद है ,शायद हिंदू  बनने पर फरियाद सुनी जाए. उसका कहना है ऐसे खोखले और दिखावे वाले धर्म का क्या करें जो अपने ही लोगों को परेशान करता हो.

धर्म परिवर्तन कर इन सभी ने सार्वजनिक घोषणा की कि वे अब पूरी तरह से सनातन परंपराओं के अनुसार जीवन बिताएंगे और धर्म पालन करेंगे। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के क्षेत्रीय संयोजक पंडित आदित्यनाथ मिश्रा ने बताया कि संगठन का उद्देश्य उन लोगों को धर्म में वापस लाना है, जो कभी परिस्थितिवश या प्रलोभन में दूसरे पंथ अपना बैठे थे।

उन्होंने कहा, यह सिर्फ धार्मिक परिवर्तन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण है। हिंदू धर्म कोई संकीर्णता नहीं सिखाता, बल्कि यह सहिष्णुता और ज्ञान का प्रतीक है। जो लौटना चाहते हैं, हम उनका स्वागत करते हैं।

मंदिर में की गई सामूहिक प्रार्थना

मंदिर में आयोजित इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने इन लोगों का स्वागत कर फूलों से सम्मान किया और उन्हें गले लगाया। हवन के बाद सभी को भगवत गीता भेंट की गई। इस अवसर पर पुनः हिंदू बने लोगों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अब अपने जीवन में शांति और आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।

उनका कहना था कि धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्हें जिस सम्मान और अपनापन की अपेक्षा थी, वह नहीं मिला, जबकि अब घर वापसी के बाद वे आत्मिक रूप से संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक प्रार्थना की गई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया। संगठन ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में ऐसे और लोगों की घर वापसी के लिए वे अभियान चलाएंगे और हर जिले में इस प्रकार के आयोजन किए जाएंगे।

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