नेमप्लेट: ढाबे वाला गोपाल तो तजम्मुल निकला, मुजफ्फरनगर पैंट उतार चेकिंग औवेसी को थी पहलगाम

Muzaffarnagar Dhaba Row: Gopal Turns Out To Be tazammul, jihadis depicted pahalgam
ढाबे वाला गोपाल तो तजम्मुल निकला, मुजफ्फरनगर में पैंट उतार चेकिंग के आरोप पर ओवैसी ने खोला था मोर्चा
मुजफ्फरनगर में एक ढाबे पर धार्मिक पहचान को लेकर विवाद गहरा गया है। ‘गोपाल’ बताकर पैंट उतारने का आरोप लगाने वाला कर्मचारी असल में ‘तजम्मुल’ निकला। उसने बताया कि उसे गोपाल बताने के लिए कहा गया था।

मुजफ्फरनगर 03 जुलाई2025 : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक ढाबे पर धार्मिक पहचान के मामले में अहम मोड़ आया है। ढाबे के जिस कर्मचारी ने खुद को ‘गोपाल’ बताते हुए पैंट उतारकर चेकिंग करने का आरोप लगाया था, वह ‘तजम्मुल’ निकला है। पीड़ित के गोपाल होने को लेकर असदुद्दीन ओवैसी तक ने निशाना साधा था। अब उसने खुद अपनी असल पहचान उजागर की है।
हमने ढाबा कर्मचारी से बात की। पहले घटना के बाद खुद को गोपाल बताने वाले ने अब तजम्मुल के रूप में असल पहचान उजागर की है। उसका आधार कार्ड भी सामने आया है। तजम्मुल ने बताया कि उसे खुद को गोपाल बताने को कहा गया था। नेमप्लेट विवाद को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।

कांवड़ यात्रा को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे-58 पर ढाबों और होटलों के नाम को लेकर तनातनी शुरू हो गई है। योग साधना यशवीर आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने मार्ग पर स्थित ढाबों की पहचान स्पष्ट करने के लिए “नेम प्लेट” लगाने का अभियान शुरू किया है, जिसके तहत हर ढाबे पर मालिक और स्टाफ की धार्मिक पहचान स्पष्ट की जा रही है।

विवाद तब और गहरा गया जब स्वामी यशवीर की टीम ने एक ढाबे पर पहुंचकर संचालक की धार्मिक पहचान को लेकर सवाल उठाए। आरोप है कि “पंडित जी वैष्णो ढाबा” नामक होटल में अधिकांश कर्मचारी मुस्लिम थे और वे स्वयं को हिंदू बताकर काम कर रहे थे। जांच के दौरान एक कर्मचारी की पहचान को लेकर कथित तौर पर उसका पैंट उतारने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

इस घटना की निंदा करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और सपा के पूर्व सांसद एस.टी. हसन ने स्वामी यशवीर को घेरा और इसे धार्मिक असहिष्णुता की मिसाल बताया। ओवैसी ने इस घटना की तुलना कश्मीर के पहलगाम जैसी घटनाओं से की।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद की फायरब्रांड नेत्री साध्वी प्राची खुलकर स्वामी यशवीर के पक्ष में उतर आईं। उन्होंने कहा कि “अगर मुस्लिम लोगों को हिंदू नाम और देवी-देवताओं से इतना लगाव है, तो वे खुले तौर पर सनातन धर्म अपना लें।” साध्वी ने यह भी कहा कि हर ढाबे पर स्पष्ट नेम प्लेट होनी चाहिए ताकि कांवड़ यात्रा जैसे पवित्र अवसर पर कोई भ्रम या धोखा न फैले।

साध्वी प्राची ने असदुद्दीन ओवैसी और एसटी हसन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “इन लोगों को तमीज नहीं है। यह देश में गंदी सोच और सांप्रदायिक विष फैलाना चाहते हैं। इनकी भी जांच होनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि पहले भी हिंदुओं के नाम पूछकर उनकी हत्याएं की गईं और बहनों की मांग उजाड़ी गई, लेकिन अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे कड़े कदमों से इसका जवाब मिलना शुरू हो गया है।

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