स्पेन में घुसी 60 हजार मोरक्कन भीड़ का तांड़व,घर-दुकानों में लूट,आगजनी,19 मौतें
स्पेन में घुसी मोरक्को की 60 हजार की भीड़ का तांड़व, घरों में जबरन घुसे, सड़क पर जला रहे गाड़ियां
स्पेन और मोरक्को जमीन के साथ-साथ पानी भी शेयर करते हैं तो ये सब सबसे नजदीकी समुद्री रास्ते के जरिए सेउटा में घुस आए. वहीं कई मेलिला में भी घुस गए. सेउटा में तो स्थिति ये है कि बीच से लेकर सड़क और पार्क तक इन अवैध तरीके से घुस आए लोगों से अटे पड़े हैं.
स्पेन में घुसी मोरक्को की 60 हजार की भीड़ का तांड़व, घरों में जबरन घुसे, सड़क पर जला रहे गाड़ियां , स्पेन के सेउटे में कोई भी अभी सुरक्षित नहीं है.
यूरोप के सुंदर से देश स्पेन में सड़कों पर हर ओर तांडव मचा है. पड़ोस के देश मोरक्को से आई 60 हजार की भीड़ कल रात से लोगों के घरों में जबरन घुस जा रही है. किसी को भूख लगती है तो घर पर हमला कर देता है. फिर जो चीज पसंद आई उठा लिया. भीड़ के चलते हर कोई बेबस है. सड़कों पर उन्मादी भीड़ गाड़ियां जला रही है. ये सब न तो किसी देश से भेजे गए हैं और न बुलाए गए हैं. ये अपनी जीवन को आनंद में भरने के लिए बिन-बुलाए स्पेन में घुस आए हैं. वो भी समंदर में तैरकर या खुद से बनाई नावों पर सवार होकर. कई की समंदर में डूबकर मौत भी हो गई. मगर जो बचे वो स्पेन में पहुंच गए. इन्हें उम्मीद है कि स्पेन उन्हें नागरिकता देगा और फिर उनकी जिंदगी बहुत आसान हो जाएगी.
देखिए कैसे समंदर से आने वालों की है भीड़

ये सब हुआ है स्पेन की सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद. दरअसल, स्पेन की सुप्रीम कोर्ट ने हाल में ये फैसला दिया कि अगर समंदर के रास्ते कोई स्पेन की सीमा में घुसता है तो उसे तुरंत पकड़कर वापस नहीं भेजा जा सकता. हां, जमीन के रास्ते कोई आता है तो जरूर उसे तुरंत भेज दें. कुल मिलाकर स्पेन की सुप्रीम ने मानवीयता के आधार पर ये फैसला दिया था, मगर यही फैसला यूरोप का निवासी बनने का सपना वर्षों से पाले अफ्रीका और मोरक्को के लोगों के लिए वरदान बन गया. उन्होंने समझा कि अगर वो एक बार तैरकर स्पेन पहुंच गए तो उन्हें स्पेन की नागरिकता मिल जाएगी. स्पेन यूरोपियन यूनियन का सदस्य है. मतलब अगर स्पेन ने नागरिकता दे दी या फिर वो वैसे भी स्पेन में घुस गए तो फिर यूरोप के किसी भी देश में जा सकते हैं. क्योंकि यूरोपिन यूनियन के सदस्य देश बगैर किसी वीजा या पासपोर्ट के एक से दूसरे देश जा सकते हैं.
चूंकि स्पेन और मोरक्को जमीन के साथ-साथ पानी भी शेयर करते हैं तो ये सब सबसे नजदीकी समुद्री रास्ते के जरिए सेउटा में घुस आए. वहीं कई मेलिला में भी घुस गए. सेउटा में तो स्थिति ये है कि बीच से लेकर सड़क और पार्क तक इन अवैध तरीके से घुस आए लोगों से अटे पड़े हैं. इन सबकी संख्या करीब 60,000 बताई जा रही है. कल रात से ही पहुंचने के बाद इन्होंने आस-पास के घरों पर धावा बोल दिया. जिन्होंने अपने घर आराम से खोल दिए, उनको तो नुकसान हुआ ही, जिन्होंने अपने घर नहीं खोले उनके घर के दरवाजे तोड़कर ये घुस गए. उसके बाद घरों में इन्होंने जमकर उत्पात मचाया. स्थिति ये हो गई है कि पुलिस से लेकर सेना सीमा पर और लोगों को स्पेन में घुसने से रोकने के काम में लगी हुई है. ऐसे में इन घुसपैठियों को रोकने के लिए बहुत थोड़ी मात्रा में ही पुलिस वाले ड्यूटी पर हैं.
सेउटे के दुकानदारों की और शामत है. भीड़ कहीं भी घुस जा रही है और जो मन कर रहा है लूट कर भाग खड़ी हो रही है. कई वीडियो में तो ये इमारतों पर चढ़े नजर आए. वो खिड़कियों को तोड़कर घर के अंदर घुसने की कोशिश करते या फिर एसी को गिराकर वहां से घुसने की कोशिश करते नजर आए.
मोरक्को से स्पेन पहुंचने वालों में ज्यादातर युवा हैं. ये शोर मचाते हुए और लोगों को डराते हुए गलियों से गुजर रहे हैं और जहां मौका मिल रहा है घुस जा रहे हैं. आलम ये है कि सरकारी से लेकर प्राइवेट कोई भी स्थान इनसे नहीं बच पाया है.

वहीं कई जगहों पर जहां ये एक-दो की संख्या में हो जा रहे हैं तो स्थानीय लोग इनकी जमकर पिटाई भी कर रहे हैं. स्पेन के लोग इसके लिए सीधे तौर पर मोरक्को के राजा और ट्रंप को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. उनका गुस्सा सोशल मीडिया पर निकल रहा है. स्पेन की विपक्षी पार्टी ने सरकार की खूब निंदा की है. वहीं इटली से लेकर फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने अपने बॉर्डर की सुरक्षा बढ़ा दी है.
‘इटली बॉर्डर बंद कर दूंगी’ स्पेन पर भड़कीं मेलोनी, शेंगेन समझौता खत्म करने की धमकी

स्पेन और मोरक्को के बॉर्डर पर ऐसा हंगामा मचा कि पूरा इलाका जंग जैसे हालात में बदल गया. यहां हुई अवैध घुसपैठ की गूंज अब पूरे यूरोप में सुनाई दे रही है.
स्पेन के शहर स्यूटा में अचानक मोरक्को से हजारों प्रवासियों के अवैध रूप से पहुंचने से पूरे यूरोप में हड़कंप मच गया है. इस घुसपैठ का वीडियो सामने आया है, लोग समंदर और जमीन, दोनों रास्ते से स्पेन में घुस गए हैं. 18 की मौत हो गई है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन के साथ खुले सीमा समझौते को भी रोकने की चेतावनी दे दी है. इटली का कहना है कि इस तरह अनियंत्रित और अवैध रूप से लोगों का आना यूरोप की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.
मेलोनी ने क्या कहा?
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने गुरुवार को कहा कि स्पेन में जो कुछ हुआ, उसे देखते हुए उनकी सरकार बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है. इनमें स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को अस्थायी रूप से रोकना भी शामिल हो सकता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में मेलोनी ने कहा कि स्यूटा से सामने आई तस्वीरें इस बात का “स्पष्ट सबूत” हैं कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है.
उन्होंने बताया कि उन्होंने इटली के गृह मंत्री मत्तेओ पियांतेदोसी से सीधे बात की है. साथ ही, सरकार की सुरक्षा एजेंसियों की बैठक बुलाई जा रही है, ताकि इस स्थिति पर आधिकारिक प्रतिक्रिया तय की जा सके. इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस संकट को चुपचाप नहीं देखेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्चस्तरीय बैठकों के फैसले के आधार पर इटली अपनी सीमाओं और लोगों की सुरक्षा के लिए असाधारण कदम उठाने के लिए तैयार है. उन्होंने खास तौर पर स्पेन के साथ खुले सीमा वाले शेंगेन समझौते को रोकने के विकल्प का भी जिक्र किया.
मेलोनी ने दोहराया कि उनकी सरकार अवैध प्रवासन के खिलाफ अपनी कठोर नीति पर कायम है. उनकी प्राथमिकता सीमाओं की सुरक्षा, मानव तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अवैध प्रवासियों को तेजी से वापस भेजना है. मेलोनी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब स्यूटा में सीमा संकट तेजी से बढ़ रहा है. स्यूटा स्पेन का एक स्वायत्त क्षेत्र है, जिसकी जमीनी सीमा मोरक्को से लगती है.
शेंगेन समझौता क्या है?
शेंगेन एरिया समझौता यूरोप के कई देशों के बीच एक व्यवस्था है, जिसमें सदस्य देशों के नागरिक और यात्री बिना बार-बार पासपोर्ट जांच के एक देश से दूसरे देश में जा सकते हैं. इस समझौते पर पहली बार 14 जून 1985 को लक्जमबर्ग के शेंगेन नाम के एक छोटे शहर में हस्ताक्षर किए गए थे. बाद में 1990 में इसके नियमों को और विस्तार दिया गया और 1995 से इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना है. आज शेंगेन क्षेत्र में 29 यूरोपीय देश शामिल हैं, हालांकि सभी यूरोपीय देश इसका हिस्सा नहीं हैं. इस समझौते का नाम उसी शहर शेंगेन के नाम पर रखा गया है, जहां इसे पहली बार मंजूरी मिली थी.
स्पेन में क्या हुआ
स्पेन के सरकारी टीवी चैनल टीवीई के अनुसार, गुरुवार को 2,000 से 3,000 लोग स्यूटा में दाखिल हुए. ज्यादातर लोग दोपहर से पहले ही सीमा पार करने में सफल रहे. यहां स्थिति कंट्रोल करने को सेना भेजनी पड़ी है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 19 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं.

मोरक्को से स्पेन के स्यूटा एन्क्लेव में हज़ारों की संख्या में आ रहे प्रवासियों पर यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “स्यूटा से आ रही तस्वीरें मंज़ूर करने लायक नहीं हैं. हम किसी को भी हमारे नियमों का पालन किए बिना हमारे यूनियन में आने की इजाज़त नहीं दे सकते.”
यूरोपियन यूनियन अध्यक्ष ने कहा, “ख़तरनाक रास्तों से आने-जाने का सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए. तस्करी करने वाले नेटवर्क को ख़त्म किया जाना चाहिए. और हमारे नियमों के मुताबिक़ लोगों की वापसी तेज़ी से होनी चाहिए.”
“मैंने हालात को काबू में लाने में मदद के लिए दो कमिश्नरों को काम सौंपा है. मुझे यकीन है कि मोरक्को के साथ हमारी करीबी साझेदारी से ठोस नतीजे मिलेंगे.”


