दिल्ली दंगे:

अंकित शर्मा हत्याकांड के दोषी ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास सुनाया गया है. पुलिस ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बताया था.

ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास

नई दिल्ली 31 जुलाई 2026: दिल्ली दंगों में आईबी अफसर अंकित शर्मा की हत्या के दोषी ताहिर हुसैन को दिल्ली की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. IB अधिकारी की हत्या के मामले में कड़कड़डुमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपित को  आजीवन कारावास  की सजा सुनाई है. कोर्ट ने 13 जुलाई, 2026 को ताहिर हुसैन, नजीम , कासिम, अनस और जावेद को दोषी बताया था. एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने ये आदेश दिया. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस का यह तर्क निरस्त कर दिया कि दोषियों को फांसी की सजा दी जाए. कोर्ट ने कहा कि दोषियों में सुधार आ सकता है. वहीं ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगी. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने माना है कि ताहिर हुसैन का इस पूरे हत्याकांड में डायरेक्ट इंवॉल्वमेंट नहीं है और ना ही उनका पहले कोई आपराधिक रिकार्ड रहा है.

पुलिस ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बताया था. शुक्रवार (31 जुलाई) को सजा की घोषणा करने से पहले जज ने कहा कि यह बहुत गंभीर घटना थी. अंकित शर्मा की निर्मम हत्या की गई. उनकी बॉडी जानवर की तरह काट कर छोड़ दी गयी थी. कोर्ट ने कहा कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली थी. जिस तरह से यह पूरी घटना हुई उसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया. अदालत ने कहा कि अपराध का तरीका अत्यंत क्रूर था.

ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला
पांच आरोपित छोड दिये गये थे : इससे पहले, कोर्ट ने 13 जुलाई को पाचों को दोषी बताते हुए इस मामले के छह आरोपितों को छोडने का आदेश दिया था. कोर्ट ने इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा जिन आरोपितों को दोषी बताया था उनमें नाजिम, कासिम, अनस और जावेद शामिल हैं. कोर्ट ने जिन आरोपितों को छोडने का आदेश दिया उनमें हसीन ऊर्फ मुल्लाजी ऊर्फ सलमान, समीर खान, फिरोज, गुल्फाम, शोएब आलम ऊर्फ बॉबी और मुंतजिम ऊर्फ मुसा शामिल हैं.

ये था पूरा मामला: बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 3 जून, 2020 को इस मामले में आरोपपत्र दिया था. क्राइम ब्रांच के आरोपपत्र में कहा गया था कि 24 और 25 फरवरी 2020 को ताहिर हुसैन ने अपने घर और चांद बाग पुलिया के पास मस्जिद से भीड़ का नेतृत्व किया और उसे मजहबी  बनाया. आरोपपत्र में कहा गया था कि अंकित शर्मा हत्या को षडयंत्र रचा गया था. अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के नेतृत्व में भीड़ ने विशेष रूप से टारगेट किया. खजूरी खास इलाके में ताहिर हुसैन के घर के बाहर हत्या हुई. शर्मा की हत्‍या के बाद भीड़ ने एक नाले में लाश फेंक दी. पुलिस के अनुसार कुछ लोग लाश नाले में फेंक रहे थे. अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्‍टरों ने पाया था कि तेज धार वाले हथियार से 51 वार के निशान हैं. ताहिर हुसैन ने ही चांद बाग इलाके में भीड़ उकसायी. आरोपपत्र में ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया था.

कौन है ताहिर हुसैन: ताहिर हुसैन आम आदमी पार्टी (आप) का पूर्व पार्षद रह चुका हैं, जिसे दिल्ली दंगों और इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत ने दोषी पाया था. दंगे के मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया था. वह एआईएमआईएम (AIMIM) से पार्टी के टिकट पर भी चुनाव लड़ चुका है.

 

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