मोदी के क्षमादान पर रुचिका की माफी-“उनके” कहने पर दी थी PM को गाली
‘मुझसे बड़ी गलती हुई, देश माफ करे’, पीएम मोदी को अपशब्द कहने वाली छात्रा रुचिका का माफीनामे वाला वीडियो वायरल
Ruchika Singh apology video: जंतर मंतर पर 23 जुलाई के प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपशब्द बोलने की आरोपित रुचिका सिंह ने एक वायरल वीडियो में माफी मांगी है और खुद को 15 साल की बताया है. यह वीडियो प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने छात्रों को माफ करने की बात कही थी. रुचिका के खिलाफ नोएडा में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी जो अब दिल्ली पुलिस को भेजी जा चुकी है.
जंतर-मंतर मामले में रुचिका सिंह का माफी वाला वीडियो वायरल
नई दिल्ली,01 अगस्त 2026,दिल्ली के जंतर मंतर पर 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने की आरोपित रुचिका सिंह का एक माफी वाला वीडियो सामने आया है.वायरल वीडियो में वह खुद को 15 साल की बताते हुए हाथ जोड़कर माफी मांग रही है. उसका कहना है कि वह कनॉट प्लेस घूमने के बाद दोस्तों के साथ प्रदर्शन में गई थी और वहां मौजूद लोगों के प्रभाव में आकर उसने ऐसी बातें कहीं. वीडियो की सत्यता की हम स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकते।
वीडियो में रुचिका कहती है कि वह “उन लोगों” के प्रभाव में आ गई थी और उसने जो कुछ भी कहा वह माफी के लायक नहीं था. उसने इसे अपनी पहली और आखिरी गलती बताते हुए पूरे देश से माफी मांगी और कहा कि उसे खुद पर शर्म आ रही है.
यह वीडियो प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के कुछ घंटों बाद सामने आया जिसमें उन्होंने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर कहा था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उन्हें गाली देने वाले छात्रों को माफ कर दिया है. मोदी ने कहा कि उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्द उन्हें परेशान करने वाले थे, लेकिन युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने का मौका मिलना चाहिए.
इससे पहले 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में रुचिका सिंह के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी. आरोप है कि उसने पीएम के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल कर संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसे बाद में दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने भेज दिया गया.
जानकारी के अनुसार रुचिका अपनी मां के साथ नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में रहती थी. उसका फ्लैट फिलहाल बंद है और सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक वह प्रदर्शन के बाद से वापस नहीं लौटी है. पुलिस भी सोसाइटी पहुंचकर वहां के लोगों से पूछताछ कर चुकी है.
इस एफआईआर पर प्रदर्शन आयोजित करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने आपत्ति जताई है. पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि आपत्तिजनक भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन ऐसी बातों पर आपराधिक मुकदमा चलाने से बोलने की आजादी पर बुरा असर पड़ सकता है. उनका सुझाव था कि पीड़ित पक्ष को मानहानि का मामला दर्ज कराना चाहिए, आपराधिक कार्रवाई का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए.

