एनयूजे-आई अयोध्या राष्ट्रीय परिषद में मीडिया आयोग और मीडिया काउंसिल की मांग
- एनयूजे – आई राष्ट्रीय परिषद की दो दिनी बैठक अयोध्या में संपन्न
- लोकतंत्र बचाने में पत्रकारों की महती भूमिका : भूपेन्द्र चौधरी
जनता में आज भी विश्वसनीय स्तंभ मीडिया ही है : सुरेश शर्मा
नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और जद एस अध्यक्ष ओंकार सिंह शामिल हुए

देहरादून/अयोध्या/नई दिल्ली, 07 अक्टूबर 2026।
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक अयोध्या के हनुमान बाग आश्रम में हुई जिसमें देश के 22 राज्यों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
इसमें पत्रकार हित में प्रस्ताव पारित हुए कि पत्रकारों को सर्वाधिक रोजगारप्रदाता प्रिंट मीडिया के प्रति उदारता बरतें,लोकतंत्र में मीडिया अपनी भूमिका की समीक्षा करे,वेज बोर्ड गठन,पत्रकार सुरक्षा कानून, मीडिया आयोग व मीडिया काउंसिल बनाई जाये ।
बैठक के शुभारंभ पर उत्तर प्रदेश सरकार में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र रक्षा में पत्रकारों की बड़ी भूमिका है। पत्रकारिता की तुलना में राजनीति उतनी विश्वसनीय नहीं है। उन्होंने योगी सरकार के कामकाज का विस्तृत विवरण भी दिया।
श्री चौधरी ने कहा कि मीडिया ही समाज को जागरूक करने के साथ सरकार को राह दिखाता है और सच से अवगत कराता है। उसकी समाज में आज भी सबसे अधिक विश्वसनीयता है। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डिजिटल व सोशल मीडिया से समय-समय पर पत्रकारिता प्रभावित होती रही है। ऐसे में प्रिंट मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी अधिक बढ़ी है।
चौधरी ने उत्तर प्रदेश की विकास गाथा बताते हुए कहा कि 500 वर्षों के कड़े संघर्ष और आंदोलन के बाद आस्था के प्रतीक भव्य राम मंदिर निर्माण हुआ है। इसमें पत्रकारों के सहयोग ने जनांदोलन खड़ा हुआ ।

मंत्री भूपेंद्र चौधरी कहा कि भाजपा का कोई हिडन एजेंडा नहीं है। हमने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार काशी में विश्वनाथ बाबा विंध्यवासिनी देवी का कॉरिडोर, अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर और मथुरा का पर्यटन रूप में विकास किया जो देश के प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भगीरथ प्रयास के स्मारक हैं । अयोध्या, काशी, मथुरा और विंध्याचल में लाखों लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं। इसका धार्मिक अनुष्ठान के साथ आर्थिक विकास में भी बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार पत्रकारों के लिए हित के लिए समुचित काम कर रही है। जो बातें यहां एनयूजे आई बैठक में रखी गई हैं उनके लिए वे मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
एनयूजे-आई अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि आज भी जनता में सर्वाधिक विश्वसनीयता मीडिया की ही है।उन्होने उत्तरे प्रदेश ईकाई के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश में मिल रही बीस हजार की श्रद्धानिधि की जानकारी दी। अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि देश के 24 राज्यों में संगठन का काम है। बैठक में 22 राज्यों के 200 प्रतिनिधि आए हैं। सुदूर केरल, तमिलनाडु और दक्षिण के अन्य राज्यों आंध्र और तेलंगाना,पूर्वोत्तर के बिहार, उड़ीसा, झारखंड, पश्चिम के राज्यों में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान और हिमाचल, पंजाब-हरियाणा, दिल्ली आदी राज्यों का प्रतिनिधित्व हुआ है। सुरेश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र के चार स्तंभों में से मीडिया ही ऐसा एकमात्र स्तंभ है जिसकी सबसे अधिक विश्वसनीयता है क्योंकि उसे जन मान्यता है। प्रिंट मीडिया आज भी जनसरोकार की पत्रकारिता करता है। जबकि इलेक्ट्रानिक मीडिया में मुर्गे लड़ाने से समूचे मीडिया की साख प्रभावित हुई है। डिजिटल मीडिया में जब तक तथ्य, सत्य और कथ्य सही रहेगा उसका विश्वास बना रहेगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को पत्रकारिता के साथ टैग करने से मीडिया की साख प्रभावित हुई है। यह योजनाबद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि हनुमान रूपी पत्रकारिता के उच्च मानदंडों को एनयूजे-आई जामवंत की भूमिका निर्वहन करेगी। जब अन्य संगठन विवाद में उलझे हैं, हमने खुद को पत्रकार हित रक्षा को केन्द्रीत किया हुआ है। हम अपने लक्ष्य को समर्पित रहेंगें। उन्होने मध्यप्रदेश में बीस हजार की श्रद्धानिधि की जानकारी दी।
जद एस प्रदेश अध्यक्ष औंकार सिंह ने समाजवाद और पत्रकारिता का तालमेल बताया। नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने मीडिया की समाज जागरण भूमिका सराहते हुए अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों से हुआ कायाकल्प विस्तार से बताया ।
आयोजक एनयूजे आई महासचिव त्रियुग नारायण तिवारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एनयूजे-आई पत्रकारों की दिशा और दशा बदलेगी।
नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या को विश्व की सर्वोत्तम नगरी बनाने का सपना साकार कर इसे पर्यटन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक हब बना दिया है। विकसित उत्तर प्रदेश के विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने राम मंदिर बनाने में पत्रकारों एवं समाज के दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की चर्चा की।
इसके बाद बैठक में पत्रकार हित संरक्षण को कई प्रस्ताव स्वीकार हुए। विस्तृत चर्चा और सुझावों के बाद स्वीकार किए गए प्रस्तावों में पूर्व में पारित प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की गई। कर्मचारियों का वेतन आयोग गठित हो गया लेकिन पत्रकार वेज बोर्ड की मांग अभी लंबित है। उसे जल्द पूरा करने का आग्रह किया गया। मीडिया आयोग बनाकर कर जल्द प्रेस काउंसिल के स्थान पर मीडिया काउंसिल बनाने की मांग दोहरायी गयी। बैठक में रोष प्रकट किया गया कि प्रिंट मीडिया के प्रति विज्ञापन नीति में भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। जबकि पत्रकारों को आज भी सबसे अधिक रोजगार वहीं मिलता है। आज के संदर्भ में लोकतंत्र में मीडिया अपना किस प्रकार का रोल निभा रहा है इसकी समीक्षा वह खुद करे। आत्मावलोकन करे कि भविष्य की पत्रकारिता को किस रास्ते छोडना चाहते हैं। लोकतंत्र केवल राजनीति के भरोसे नहीं छाेड़ा जा सकता है। हम अपनी भूमिका निर्धारित कर लोकतंत्र के लिए अपनी भूमिका का निर्वहन करें।
बैठक में राज्यों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं और संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। केन्द्रीय संगठन से इस पर साथ देने का आग्रह किया।
जिलाधिकारी अयोध्या शशांक त्रिपाठी ने अयोध्या के विकास और श्रीराम मंदिर की व्यवस्थाओं और जिले के कार्यों की जानकारी दी। त्रिपाठी ने आयोजन में सहयोग और दर्शन सुगम बनाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने जिले में विकास कार्यों में पत्रकाराें की भूमिका की सराहना की और कहा कि मीडिया से हमें वह बातें मालूम चलती है जो सामान्यत: सुनाई नहीं देती। देश भर में अयोध्या की रचनात्मक जानकारी देने का उन्होंने आग्रह किया। आयोजन में सर्वाधिक योगदान हनुमान बाग के महंत श्री जगदीश दास महाराज का रहा। एनयूजे पदाधिकारियों ने उनका आभार ज्ञापित किया।
समापन में पूर्व अध्यक्ष अशोक मलिक ने कहा कि हम परस्पर सहयोग और विश्वास से इसी प्रकार आगे बढ़ते रहे। पत्रकारिता को रचनात्मक सहयोग देने में एनयूजे आई की भूमिका सबसे बेहतर है।
एनयूजे आई उपाध्यक्ष उमेश चतुर्वेदी, कविता राज, बड़े प्रभाकर, सचिव अदीप सोनी, भवानी जोशी संगठन सचिव पुरुषोत्तम नागरौनी, उत्तर प्रदेश के राजीव शुक्ला और सर्वेश कुमार सिंह , रवींद्र वाजपेयी मध्यप्रदेश, राकेश प्रवीर बिहार, कैलाश नायक उड़ीसा, हरजिंदर सिंह लाल पंजाब, दीपक वशिष्ठ चंडीगढ़, बलदेव शर्मा झारखंड, टी. अनिल कुमार तेलंगाना, संभाद्री कृष्णा आंध्रा, श्याम मारू राजस्थान, बीरबल शर्मा और बलबीर ठाकुर हिमाचल, बलजीत सिंह हरियाणा, कवीन्द्र सिंह दिल्ली आदि ने समय-समय पर चर्चा में हस्तक्षेप किया ।


