तीन लाख कि.मी. चल चुकी UK की 108 ऐंबुलेंस बदली जायें:मुस आनंद बर्द्धन
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
पुरानी एवं बार-बार खराब होती 108 एम्बुलेंस वाहन तत्काल बदले जाए: मुख्य सचिव
एम्बुलेंस की मॉनिटरिंग को विभाग में बनेगा मैकेनिज्म
देहरादून 22 अक्टूबर, 2026 (सू. ब्यूरो) । मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में 108 एम्बुलेंस सेवा से सम्बन्धित व्यय वित्त समिति की बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एम्बुलेंस सेवा अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं जनोपयोगी बनाने को विभिन्न दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा सीधे लोगों के जीवन से जुड़ी है। इसलिए निर्धारित मानकों के अनुरूप एम्बुलेंस अद्यतन रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुरानी और निर्धारित अवधि पूरी कर चुकी गाड़ियों को तत्काल बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने तीन लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी लगभग 50 एम्बुलेंस (108) वाहनो तत्काल बदले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस चरणबद्ध तरीके से बदली जाए, लेकिन इसमें अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने एम्बुलेंस सेवा की प्रभावी निगरानी को विभागीय स्तर पर भी मॉनिटरिंग मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अलग- अलग स्तर पर साप्ताहिक और मासिक आधार पर निगरानी की जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में इसको एक डेडिकेटेड टीम गठित किया जाए, जो सेवा के विभिन्न पहलुओं की नियमित निगरानी एवं विश्लेषण करे, ताकि किसी भी प्रकार की कमी या असामान्य स्थिति सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि एम्बुलेंस के पहुँचने के समय का आकलन केवल एवरेज रिस्पांस टाइम के आधार पर न किया जाए, बल्कि प्रत्येक मामले में एम्बुलेंस के पहुँचने में लगे वास्तविक समय का विश्लेषण किया जाए। इससे देरी वाले मामलों की पहचान कर उनके कारणों का पता लगाया जा सकेगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगें। उन्होंने एम्बुलेंस में उपलब्ध जीवनरक्षक उपकरणों की प्रत्येक माह अनिवार्य जाँच सुनिश्चित करने एवं इसको सम्बन्धित अधिकारियों एवं कार्मिकों की जिम्मेदारी निर्धारित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि एम्बुलेंस सेवा के लिए एक मोबाइल ऐप भी शीघ्र तैयार किया जाए, जिससे रोगी की स्थिति एवं स्थान की जानकारी के आधार पर एम्बुलेंस की आवाजाही और सेवा की निगरानी अधिक सुगमता से की जा सके। उन्होंने सरकारी एम्बुलेंसों को भी आवश्यक सुविधाओं युक्त करते हुए इस व्यवस्था में शामिल करने पर जोर दिया। इससे उपलब्ध एम्बुलेंस की संख्या एवं सेवा की क्षमता बढ़ेगी और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 272 एम्बुलेंस, 108 सेवा के अंतर्गत प्रदेश में संचालित हैं, इसके साथ ही लगभग 250 से अधिक सरकारी एम्बुलेंस भी विभाग से संचालित की जा रही हैं।
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, रोहित मीणा एवं महानिदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर सुनीता टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


