TCS गर्लफ्रेंड

TCS केस नास‍िक: रजा रफीक ने भेजा मैसेज-‘तुम मुझे पसंद हो, मेरी GF बन जाओ’ मोबाइल ने उगला सच

TCS Nashik Case: नासिक में टीसीएस से जुड़े यौन उत्पीड़न और कथित दबाव के मामले में आरोपी के मोबाइल से “गर्लफ्रेंड बन जाओ” वाला मैसेज सामने आया है. पुलिस डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है.

नासिक स्थित टीसीएस यूनिट में आरोपी रजा रफीक शेख ने पीड़िता को बार-बार गर्लफ्रेंड बनने का मैसेज भेजा थापुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसमें से डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच तेज कर दी हैपीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी उसकी इच्छा के खिलाफ अश्लील टिप्पणियां करता था और मानसिक रूप से परेशान किया

TCS Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) यूनिट से जुड़े इस मामले में जांच अब डिजिटल सबूतों पर केंद्रित हो गई है. पुलिस के हाथ लगे मोबाइल फोन ने केस में एक नया एंगल सामने ला दिया है.

जांच के दौरान आरोपी रजा रफीक शेख के फोन से ऐसी चैटिंग सामने आई है, जिसमें उसने पीड़िता को “तुम मुझे बहुत पसंद हो, मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ” जैसा मैसेज भेजा था. पुलिस का मानना है कि आरोपी लगातार संपर्क कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था.

पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता, जो TCS में कार्यरत बताई जा रही है, ने शिकायत में कहा कि आरोपी उसकी इच्छा के खिलाफ बार-बार संपर्क करता था. वह निजी जीवन में दखल देता था और शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणियां करता था. इन हरकतों से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई, जिसके बाद मामला दर्ज कराया गया.

कोर्ट में क्या हुआ?
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और उसमें से अहम डिजिटल सबूत मिले हैं. अभी और तकनीकी जांच बाकी है, इसी कारण कस्टडी बढ़ाने की मांग की गई थी. अदालत ने फिलहाल दोनों आरोपियों को 20 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

कौन हैं आरोपी?
रजा रफीक मेमन (35 वर्ष)
पता: हरिआनंद सोसायटी, पखाल रोड, नासिक
शफी भिकन शेख (36 वर्ष)
पता: इंदिरानगर, नासिक
पहले से भी दर्ज हैं मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी महिलाओं से छेड़छाड़ और पीछा करने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. इसी वजह से पुलिस इस केस को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है. इस मामले में दोनों को 15 अप्रैल 2026 की रात गिरफ्तार किया गया था और सेंट्रल जेल, नासिक से पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला केवल छेड़छाड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डिजिटल स्टॉकिंग और लगातार दबाव बनाने के पहलू भी शामिल हैं. अब जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं. आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे होने की संभावना है.

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