वर्चुअल समीक्षा: शिक्षा-तकनीकी शिक्षा में हों समेकित गुणात्मक सुधार:धामी
*मुख्यमंत्री धामी ने दिए शिक्षा में गुणात्मक सुधार के निर्देश*
*बालिका शिक्षा और स्मार्ट स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाए*
*मुख्यमंत्री ने की शिक्षा विभाग की समीक्षा*
देहरादून/नई दिल्ली 15 जुलाई 2025। ”शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक सुधार को समेकित प्रयास करें। पहली, छठी तथा नवीं कक्षा में विद्यार्थियों के अधिकाधिक प्रवेश सुनिश्चित करने को प्रवेशोत्सव पर विशेष ध्यान दें। विद्यालयों से बालिकाओं का ड्रॉपआउट कम करने को प्रभावी प्रयास हों। ड्रॉपआउट होने वाली बालिकाओं को शिक्षा की धारा से पुनः जोड़ने के प्रयास हों। इसको व्यापक स्तर पर जनजागरुकता भी हो।”
ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की वर्चुअल समीक्षा में अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। नवाचार की दिशा में नियमित कार्य हो। सुनिश्चित किया जाए कि छात्र-छात्राओं को किताबें, नोटबुक और स्कूल ड्रेस समय पर मिले। उन्होंने अधिकारियों को कठोर निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग की जो परिसंपत्तियां उपयोग में नहीं हैं, उनका सदुपयोग किया जाए। विद्यालयों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालयों और सेनेटरी पैड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्कूल भवनों के सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में किताबी ज्ञान के साथ ही कला, रंगमंच, खेलकूद की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। फिट इंडिया के बारे में बच्चों को जागरूक किया जाय। परीक्षा प्रणाली के सुधार की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद जल्द भरे जाएऐं।
बैठक में जानकारी दी गई कि भारत दर्शन योजना में 156 टॉपर्स को दिल्ली, हिमाचल, पंजाब और हरियाणा भेजा गया। छात्रों ने आईआईटी, आईआईएम और अन्य संस्थानों का भ्रमण किया। इस साल 1082 टॉपर्स को भारत दर्शन भ्रमण पर भेजा जाएगा। राज्य के 559 क्लस्टर विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाया जाएगा, जिसमें 4019 स्मार्ट क्लास संचालित होंगी।
बैठक में शिक्षा मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
*तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता और रोजगारपरकता को प्राथमिकता दें- मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तकनीकी शिक्षा विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य के युवाओं को औद्योगिक संस्थानों की मांग के अनुरूप विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दें। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स जैसे अत्याधुनिक विषयों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दें। सुनिश्चित किया जाए कि अधिकाधिक प्रशिक्षणार्थियों को कैम्पस प्लेसमेंट से रोजगार के अवसर प्राप्त हों। साथ ही, छात्रों को उद्योगों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाए, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि तकनीकी संस्थानों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता और बेहतर बनाने को आईआईटी रूड़की से सहयोग लें। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, रूड़की का उपयोग राज्य के युवाओं के हित में अधिकतम रूप से कैसे किया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने को नियमित रोजगार मेलों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, योजनाएं बनाते समय आउटकम इंडिकेटर्स (परिणाम सूचकांकों) को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाए, जिससे योजनाओं का वास्तविक प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में अग्रसर करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति को युवाओं को तकनीकी कौशल, सॉफ्ट स्किल्स, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेसमेंट पोर्टल, कैरियर मार्गदर्शन, संकाय उन्नयन, इंटर्नशिप और विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल राज्य में बल्कि विदेशों में भी रोजगार एवं उच्च शिक्षा के अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव तकनीकी शिक्षा रंजीत सिन्हा, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

