उत्तराखंड में अब तक 116 भ्रष्टाचारियों को जेल, 3 साल में विजिलेंस को मिली 9.5 हजार शिकायतें
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार में अब तक 116 लोगों को जेल, 3 साल में विजिलेंस को मिली साढ़े 9 हजार शिकायतें
उत्तराखंड विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन 1064 पर पिछले 3 सालों में किस तरह कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी विजिलेंस डायरेक्टर ने दी है.
Vigilance Establishment Uttarakhand
सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखंड
देहरादून: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाने को शुरू हुई भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन 1064 की समीक्षा की गई. समीक्षा बैठक के बाद साल 2022 से 2025 तक टोल फ्री नंबर 1064 पर दर्ज शिकायत और उनके निराकरण को लेकर की गई कार्रवाई की जानकारी विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने दी. उन्होंने बताया कि इन 3 सालों में भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन से मिली शिकायतों पर 71 प्रतिशत सक्सेस रेट से कार्रवाई की गई है.
अप्रैल 2022 से सितंबर 2025 तक मिली 9,424 शिकायतें: आज 9 सितंबर को पुलिस मुख्यालय से विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए बताया कि अप्रैल 2022 से सितंबर 2025 तक टोल फ्री नंबर 1064 पर कुल 9,424 शिकायतें मिली. इन शिकायतों में से नॉन विजिलेंस एंगल की 8,005 शिकायत थी तो वहीं विजिलेंस एंगल की 1,421 शिकायतें शामिल थी.
विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने बताया कि नॉन विजिलेंस एंगल की शिकायतों को संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया तो वहीं, विजिलेंस एंगल की 1,421 शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई की गई. जिसमें 62 शिकायतों में ट्रैप से और अन्य सभी शिकायतों में जांच की कार्रवाई शुरू की गई है.
जानकारी देते विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन.
उन्होंने बताया कि जैसे ही एंटी करप्शन डिपार्टमेंट को रिश्वत मांगे जाने की शिकायत टोल फ्री नंबर 1064 से मिलती है तो नियमानुसार संबंधित के खिलाफ ट्रैप की कार्रवाई होती है. वी मुरुगेशन ने बताया कि इस साल 2025 में टोल फ्री नंबर 1064 से मिली 331 शिकायत में अग्रिम कार्रवाई करते हुए 12 ट्रैप आपरेशन हुए हैं.
हर विभाग से एंटी करप्शन में शिकायतें: विजिलेंस डायरेक्टर वी मुरुगेशन ने बताया कि साल 2023 से लेकर अब तक विजिलेंस के पास एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064 में आई शिकायतों में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, वन विभाग, शहरी विकास विभाग, आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रहे.
इसके अलावा हाउसिंग परिषद, खाद्य आपूर्ति विभाग, लघु सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग, वित्त विभाग, सैनिक कल्याण विभाग, समाज कल्याण, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास, विभाग वित्त विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है.
भ्रष्टाचार में अब तक जेल गए 116 कार्मिक, इनमें 20 गजेटेड ऑफिसर भी शामिल: इन शिकायतों में अब तक 79 ट्रैप की कार्रवाई की गई है. जिसमें 92 कर्मचारी पकड़ कर जेल भेजे गयै हैं. इन 92 कर्मचारियों में 13 राजपत्रित अधिकारी और 79 अराजपत्रित अधिकारी शामिल है. वहीं, इसके अलावा इन 3 सालों में ट्रैप के अलावा अनियमित संबंधित प्रकरणों में कुल 24 लोग गिरफ्तार किये गये है जिसमें से 7 राजपत्रित और 17 अराजपत्रित अधिकारी कर्मचारी जेल भेजे गये हैं.
यानी अब तक कुल मिलाकर 28 खुली जांच, 18 इन्वेस्टिगेशन और 76 ट्रैप मामलों में कार्रवाई की गई है. इतना ही नहीं, विजिलेंस इन मामलों को लेकर कोर्ट में भी गई है. जहां पर अब तक 37 में से 28 प्रकरणों में दोषी को सजा दी जा चुकी है. इस तरह सक्सेस रेट 71% रहा है. वहीं, आए दिन कई अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत के साथ गिरफ्तार हो रहे हैं. जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
CBI की तरह काम करेगी उत्तराखंड विजिलेंस:
विजिलेंस ने सीबीआई की तरह मुकदमा दर्ज करने की शुरुआत कर दी है. इसे भ्रष्टाचार पर कड़े प्रहार के रूप में माना जा रहा है.
इसके पहले सर्तकर्ता अधिष्ठान (विजिलेंस) निदेशक डॉक्टर वी मुरुगेशन ने 22 अगस्त को हल्द्वानी में पत्रकार सम्मेलनमें बताया था कि अब उत्तराखंड विजिलेंस विभाग सीबीआईकी कार्यविधि अपना रहा है. उन्होंने कुमाऊं मंडल सतर्कता विभाग ने हल्द्वानी कार्यालय में भ्रष्टाचार निवारण को लेकर विशेष समीक्षा बैठक की.इसमें विजिलेंस निदेशक डॉक्टर वी मुरुगेशन ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर लापरवाही सहन नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि अब विजिलेंस भी ट्रैप से पहले मुकदमा लिखकर कार्रवाई करेगी.
विजिलेंस निदेशक डॉक्टर वी मुरुगेशन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ मिशन में टोल फ्री नंबर 1064 पर आये 124 शिकायती प्रकरणों में ट्रैप कार्यवाही की गई. इस वर्ष कुल आठ आरोपित गिरफ्तार कर जेल भेजे गये जिनमें दो राजपत्रित अधिकारी और छह कर्मचारी शामिल थे. विभाग ने जनता से अपील की है कि किसी भी भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत कौ 24 घंटे टोल फ्री नंबर 1064 पर संपर्क कर शिकायत लिखा सकते हैं.
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
निदेशक विजिलेंस वी मुरुगेशन ने कहा कि अब सीबीआई की ही तरह विजिलेंस भी अपनी कार्यप्रणाली बना रही है. उन्होंने बताया कि पहले रिश्वतखोरों को पकड़ने के बाद मुकदमा लिखा जाता था, लेकिन अब विजिलेंस शिकायत मिलने के बाद पहले रिश्वतखोरों पर मुकदमा लिखेगी. उसके बाद गिरफ्तारी होगी. बताया जा रहा है कि रिश्वत की शिकायत के बाद तुरंत मुकदमा लिख सीबीआई जैसी कार्यप्रणाली अपनाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है. विजिलेंस और सीबीआई की कार्यवाही लगभग एक जैसी हैं, मगर दोनों में बड़ा अंतर ये है कि सीबीआई रिश्वतखोर को पकड़ने से पहले मुकदमा लिखती है जबकि विजिलेंस रिश्वतखोर को पकड़ने के बाद मुकदमा लिखती आई है. विजिलेंस ने अब अपना काम कक तरीका बदला है. सीबीआई की तरह मुकदमा लिखना शुरु कर दिया है. इससे यह रास्ता साफ हो गया है कि मुकदमा लिखते ही रिश्वतखोर का चेहरा बेनकाब होगा.
उल्लेखनीय है कि एक व्यक्ति की शिकायत पर विजिलेंस ट्रैप टीम गठित करती है. इंस्पेक्टर की अगुवाई में टीम घटनास्थल पहुंच गुप्त जांच करती है. स्टाफ व अन्य लोगों से अधिकारी के बारे में इनपुट जुटाया जाता है. रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर नई टीम बनती है. ट्रैप टीम के बताने पर शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम पर रंग लगाकर पहुंचता है. रिश्वत लेते ही विजिलेंस आरोपित को रंगेहाथ पकड़ा जाता है. इसके बाद मुकदमा किया जाता है. अब इस अंतिम प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है. अब शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले मुकदमा लिखा जायेगा ।
TAGGED:
VIGILANCE ACTION IN UTTARAKHAND
DEHRADUN BRIBE TAKER ARREST
भ्रष्टाचार निवारण हेल्पलाइन 1064
उत्तराखंड विजिलेंस
विजिलेंस निदेशक वी मुरुगेशन
VIGILANCE DIRECTOR V MURUGESHAN
UTTARAKHAND VIGILANCE
