उत्तराखंड SIR: 24 लाख में से 19 लाख नोटिस BLO से वोटर तक
SIR Uttarakhand Inquiry initiated after a voter raised objections regarding more than five votes
पांच से अधिक वोटों पर आपत्ति जताई तो होगी जांच, प्रदेशभर में 19 लाख मतदाताओं को मिले नोटिस
देहरादून 06 अगस्त 2026। एक मतदाता ने पांच से अधिक वोटों पर आपत्ति जताई तो जांच होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से एसआईआर का फीडबैक लिया। अब तक 19 लाख मतदाताओं को नोटिस दिया जा चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि अगर एक मतदाता पांच से अधिक मतदाताओं के वोट पर आपत्ति दर्ज कराएगा तो ईआरओ स्वयं इसकी जांच करेंगे। राजनीतिक दलों से एसआईआर का फीडबैक लेते हुए उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेशभर में 19 लाख मतदाताओं को नोटिस सौंपे जा चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर पुरुषोत्तम ने बैठक में बताया कि एसआईआर के दौरान किसी नागरिक को परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। वर्तमान में 24 लाख के सापेक्ष 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। नए वोट बनवाने के लिए 93 हजार से अधिक ने फॉर्म-6 भरा है जबकि वोट हटाने के लिए 1.39 लाख फॉर्म-7 और वोटर में त्रुटि सुधार के लिए 40 हजार फॉर्म-8 भरे गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर पुरुषोत्तम ने बताया कि दावे एवं आपत्तियों के चरण में एक मतदाता अधिकतम पांच मामलों में दावे एवं आपत्तियां कर सकता है। अगर किसी क्षेत्र में इससे इतर मामले आते हैं तो इसके लिए नियत प्रावधानों के अनुसार ईआरओ खुद अपने स्तर से विधिवत जांच एवं सत्यापन करेंगे। राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म प्रस्तुत कर सकते हैं।
पुनरीक्षण की अवधि में 30 फॉर्म प्रस्तुत करने पर ईआरओ की ओर से स्वयं अपने स्तर पर विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को निर्देश दिए हैं सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ दस्तावेज लेकर सत्यापित करते हुए अपने स्तर पर निस्तारण करें ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, उन पर विशेष फोकस करते हुए ईआरओ, एईआरओ स्तर पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बैठक में भाजपा से राजकुमार पुरोहित,कांग्रेस से सूर्यकांत धस्माना,अमेंद्र बिष्ट,बसपा से सतेंद्र चोपड़ा,जसपाल, सीपीआई एम से अनंत आकाश मौजूद रहे।
वृद्धों और दिव्यांगों का SIR होगा आसान, घर जाएंगे बीएलओ
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को नोटिस निस्तारण के लिए अब पोलिंग बूथ नहीं जाना पड़ेगा।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने को महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
इसमें अब 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को एसआइआर के तहत मिले नोटिस के निस्तारण को पाेलिंग बूथ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
बीएलओ उनके घर जाकर नोटिस पर सुनवाई के साथ ही आवश्यक कार्रवाई करेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डाॅक्टर बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बुधवार को गढ़वाल एवं कुमाऊं के मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि विसंगति वाले नोटिसों के मामलों में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को अनावश्यक बूथ पर न आना पड़े।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर पुरुषोत्तम ने सभी जिलों के डीईओ को अभियान के दौरान अभी तक प्राप्त फार्म-छह, सात व आठ के आवेदनों को नियमानुसार जांच कर इनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि दावे एवं आपत्तियों के चरण में कोई मतदाता पांच से अधिक मामलों में दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करता है तो इसके लिए नियत प्रावधानों के अनुसार ईआरओ स्वयं अपने स्तर से विधिवत जांच एवं सत्यापन की कार्रवाई करें।
डाॅक्टर पुरुषोत्तम ने मंडलायुक्त दीपक रावत (कुमाऊं) और आनंद स्वरूप (गढ़वाल) को अपने-अपने मंडलों के जिलों का दौरा कर एसआइआर प्रक्रिया का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में अधिक नोटिस जारी हुए हैं, वहां इनके निस्तारण को सहायक निर्वाचन अधिकारी उपलब्ध कराए गए हैैं। बीएलओ के साथ भी मैनपावर बढ़ाई गई है।
बैठक में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, दोनों मंडलायुक्त एवं सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

