कथावाचक कांड में अब तक:

कल SSP को योगी की फटकार, आज कथावाचक मुकुट मणि पर केस, कथावाचक मामले ने लिया राजनीतिक रंग…इटावा से निकलकर देवरिया और बिहार तक पहुंचा मसला
कानपुर के रहने वाले कथावाचक मुकट मणि, संत सिंह यादव मुकुट और उनके साथियों ने ब्राह्मणों पर मारपीट और अमानवीय हरकत करने का आरोप लगाया ।
इटावा में कथावाचकों की चोटी काटने का मामला बढ़ता जा रहा है.पुलिस ने कथावाचकों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उन्‍हें सम्‍मानित भी किया है.मामले का असर देवरिया, औरेया, कौशांबी और बिहार तक देखा जा रहा है.

लखनऊ:
इटावा में कथावाचकों की चोटी काटे जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. कानपुर के रहने वाले कथावाचक मुकुट मणि, संत सिंह यादव और उनके साथियों ने ब्राह्मणों पर मारपीट और अमानवीय हरकत करने का आरोप लगाया था. यह मामला इटावा के दादरपुर गांव में 22 जून को घटित हुआ था. इस मामले में इटावा पुलिस ने दोनों कथा वाचकों पर एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में दोनों पर धोखाधड़ी जालसाजी करने का आरोप लगाया गया है. वहीं अब इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है.

इटावा में आज हुए पथराव के मामले में पुलिस ने 19 लोगों को गिरफ्तार किया है और इसी सिलसिले में 13 गाड़िया भी ज़ब्त की गई हैं.
महिला के बयान से आया नया रंग
इस पूरे एपिसोड में भागवत कथा की परीक्षित महिला रेनू तिवारी ने बयान दिया. उन्‍होंने कथावाचकों पर छेड़खानी का आरोप लगाया है. रेनू तिवारी ने मीडिया का आभार जताते हुए कहा की वो सब मीडिया की वजह से ही सुरक्षित हैं जिन्‍होंने उनकी बात सीएम योगी आदित्‍यनाथ तक पहुंचाई. रेनू तिवारी ने बताया कि गुरुवार को यदुवंशियों ने हमला भी किया है और पुलिस की गाड़ियां भी तोड़ी है. उनका कहना था कि उन्‍हें भी धमकियां मिल रही हैं .

रेनू तिवारी का आरोप मुकुट मणि यादव के पास दो आधार कार्ड
रेनू तिवारी ने आरोप लगाया था कि मुकुट मणि यादव के पास दो आधार कार्ड मिले थे. उन्‍होंने कहा कि मुकुट मणि पर एक ही फोटो और एक ही पते पर दो आधार कार्ड बनवाने का आरोप है. एक में उसका नाम मुकुट मणि अग्निहोत्री दर्ज है. इसी नाम से ब्राह्मण बता कर मुकुट मणि कथा करने गए थे. इसके बाद ही उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी. मुकुट मणि और उनके साथी संत सिंह यादव पर इटावा के थाना बकेवर में मुकदमा दर्ज कराया गया है. इस मामले में दादरपुर निवासी जयप्रकाश तिवारी की शिकायत पर दर्ज किया गया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299,318(4),319(2),336(3), 338 व 340(2) में एफआईआर दर्ज की है.शिकायतकर्ता ने दोनों कथा वाचकों पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं.

एफआईआर दर्ज होते ही भड़के लोग, इटावा में प्रदर्शन, कौशांबी में भी असर
इटावा के बकेवर थाने मे कथवाचकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही यादव समाज लामबंद हो गया. अहीर रेजिमेंट के 500 से 1000 यादव समाज के युवकों ने गुरुवार को थाने का घेराव किया. पुलिस की ओर से खदेड़े जाने के बाद सैंकड़ो की संख्या मे यादव समाज के लोग नेशनल हाईवे होते हुए दांदरपुर गांव पहुंच गए जहां पुलिस ने उन्हें खदेड़ा. घटना की संवेदनशीलता और बवाल की आशंका को देखते हुए इटावा के जिलाधिकारी शुभरान्त कुमार शुक्ल और एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव बकेवर थाने पहुंच गए.

बुधवार को स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी और 12 थानों की फोर्स बुलानी पड़ गई. प्रदर्शनकारियों ने आगरा-कानपुर नेशनल हाइवे पर चक्‍का जाम कर दिया था. औरया और कौशांबी में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. वहीं बिहार में राष्‍ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने भी अब इसे एक बड़ा मुद्दा बना लिया है.

मुख्यमंत्री योगी ने एसएसपी को फटकारा
इस बीच बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इटावा के एसएसपी ब्रजेश श्रीवास्तव को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि कुछ लोग यूपी में जातीय हिंसा करना चाहते हैं और पुलिस इसे रोक नहीं पा रही है. उन्होंने औरैया और कौशांबी जिलों के एसपी को भी फटकारा है. इन दोनों जिलों में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं. प्रदेश के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक में सीएम योगी ने कहा कि जिस जिले में ऐसी घटनाएं होंगी, वहां अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

अखिलेश यादव ने कथावाचकों को सम्मानित करके मामले को दिया नया रंग
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में पार्टी के दफ्तर में यादव कथावाचकों को सम्‍मानित करके मामले को एक नया रंग दे दिया है. अखिलेश ने कथावाचकों को 51-51 हजार रुपये की राशि भी दी. इसके बाद से ही देवरिया के ब्राह्मण समाज में काफी नाराजगी है. देवरिया में ब्राह्मण समाज के लोग गुरुवार को काफी संख्या में धोती कुर्ता पहन कर कलेक्ट्रेट पहुंचे. आचार्य दुर्गेश पांडेय ने यहां पर उन्‍होंने राज्यपाल को संबोधित करते हुए एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है.

समाज की तरफ से जमकर नारेबाजी की गई और सपा मुखिया की तरफ से कथावाचकों का सम्‍मानित किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी. देवरिया में ब्राह्मण समाज से सुधांशु मिश्रा ने बताया कि यादव बिरादरी के लोग अपनी जाति छिपा कर धर्म के नाम पर शोषण कर रहे हैं और पाखंड रच रहे हैं और हम इसका विरोध करते हैं. उनका कहना था कि कथा कोई भी करे, उनसे विरोध नहीं है. हमारा विरोध सिर्फ इतना है कि कथा कहने वाले जजमान से अपना नाम बताएं और जाति न छिपाएं. ब्राह्मण समाज यह बर्दाश्त नहीं करेगा की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी ऐसे घृणित लोगों को सपा ऑफिस में बुलाकर सम्मानित कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला
पूरा मामला यह है कि इटावा के दादरपुर गांव में 22 जून को ब्राह्मणों ने एक कथावाचक और उनके साथियों से मारपीट की थी. कानपुर के रहने वाले मुकुट मणि सिंह के मुताबिक, ब्राह्मणों ने पहले उनकी जाति पूछी. जब उन्होंने बताया कि वे यादव बिरादरी से हैं, तो उन पर दलित होने का आरोप लगाते हुए उन्हें धमकाया गया.उन्होंने बताया है कि उन्हें कहा गया कि ब्राह्मणों के गांव में भागवत पाठ करने की हिम्मत कैसे की. इसके बाद उनकी चोटी काट दी गई और सिर मुंडवा दिया गया. एक महिला के पैर पर नाक रगड़वाई गई. उनके साथियों के साथ भी मारपीट की गई. उनका भी सिर मुंडवाया गया और उनके साजो-सामान तोड़ दिए गए.

कथावाचक ने 23 जून को इटावा के सपा सांसद जितेंद्र दोहरे के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात की. एसएसपी के आदेश पर कोतवाली में चार नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी से 10 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

कथावाचक मामले को ब्राह्मण बनाम यादव की जंग न बनाएं… अखिलेश से खफा संत क्या बोले?

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि कथावाचक मामले में समाजवादी पार्टी की अचानक सक्रियता दिखाती है कि इनका इरादा उत्तर प्रदेश को जातिवाद की आग में झोंकने का है. वहीं रामदास महाराज ने कहा कि जातिवाद ही करना है तो सारे यादव इकट्ठा होकर कृष्ण जन्मभूमि का मंदिर क्यों नहीं बनवाते?

कथावाचकों पर हमले के मामले को ब्राह्मण बनाम यादव के रूप में तूल दिया जा रहा है.स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने इसे समाजवादी पार्टी के षड्यंत्र के संकेत बताया है.रामदास महाराज बोले, जातिवाद करना है तो यादव इकट्ठा होकर कृष्ण जन्मभूमि बनवाएं.संत समाज ने योगी आदित्यनाथ से मामले में जांच करके कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

इटावा में कथावाचकों की चोटी काटने और बदसलूकी के मामले को अब ब्राह्मण बनाम यादव की तरह तूल दिया जा रहा है. इस प्रकरण पर संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि समाजवादी पार्टी जिस तरह इस मामले को तूल दे रही है, वह बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है. वहीं अयोध्या के धर्म गुरु रामदास महाराज ने कहा कि अगर जातिवाद ही करना है तो सारे यादव इकट्ठा होकर कृष्ण जन्मभूमि का मंदिर क्यों नहीं बनवाते?

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि इटावा के व्यावर में कथावाचकों को अगर जाति पूछकर मारा-पीटा गया है तो आरोपियों की गिरफ्तारी जरूर होनी चाहिए. लेकिन इसका दूसरा पहलू ये है कि कथा वाचन के रूप में एक नया व्यवसाय फल-फूल रहा है.

उन्होंने कहा कि पहले वो सज्जन (कथावाचक) बौद्ध कथा कहते थे, बाद में भागवत की कथा करने लगे. उनमें एक यादव और दूसरा जाटव है. इनको अपना नाम छिपाने की क्या जरूरत थी? क्या इस देश ने गैर ब्राह्मण कथावाचकों को स्वीकार नहीं किया है? बड़े-बड़े संत, रैदास से लेकर कबीरदास तक, वाल्मीकि से लेकर वेद व्यास तक सभी गैर ब्राह्मण थे और उन्हें समाज ने स्वीकार किया है.

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि इस समय सैकड़ों कथावाचक गैर ब्राह्मण हैं और मर्यादा में रहकर कथा कर रहे हैं, लेकिन ये कथावाचक मर्यादा तोड़कर और षड्यंत्र के तहत गए थे. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जिस व्यक्ति ने इन कथावाचकों को बुलाया था, उसे पता नहीं था कि ये गैर ब्राह्मण हैं? ऐसे में निश्चित रूप से दोनों पक्ष उत्तर प्रदेश जातिगत साजिश की आग में झोंकने के लिए आमादा हैं.

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कौशांबी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले में ब्राह्मण बनाम पाल का मुद्दा बना था और दोनों पक्षों में समाजवादी पार्टी खड़ी थी. इस मामले में भी अचानक समाजवादी पार्टी का सक्रिय हो जाना दिखाता है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इनका इरादा यूपी को जातिवाद की आग में झोंकने का है. योगी आदित्यनाथ इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कराएं. जो भी दोषी मिले, चाहे किसी भी पक्ष का हो, किसी भी जाति का हो, उसे बख्शा न जाए.

वहीं अयोध्या के धर्म गुरु रामदास महाराज ने कहा कि इटावा के प्रकरण में जातिवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है. अगर जातिवाद ही करना है तो सारे यादव इकट्ठा होकर कृष्ण जन्मभूमि का मंदिर क्यों नहीं बनवाते? वो लोग मंदिर बनवाएं, फिर खूब कथा करें, उत्सव मनाएं. हम अखिलेश यादव से अनुरोध करते हैं कि यदुवंशी होने के नाते यदुवंश के नाथ भगवान श्री कृष्ण के लिए तो कदम उठाएं.

उन्होंने आगे कहा कि कथा के लिए किसी पर रोक नहीं है. लेकिन किसी अनुष्ठान से पहले एक संकल्प किया जाता है और पुराणों में बताया गया है कि ये संकल्प किसी ब्राह्मण के द्वारा ही किया जाना चाहिए. संत रामदास ने कहा कि अगर जाना ही था तो बोलकर जाते कि मैं यादव हूं. आजकल तो यादव, कुशवाह सब समाज के लोग कथा करने लगे हैं. ये अब व्यवसाय बन गया है.

 

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‘शादी-पूजा करना ब्राह्मणों का काम, अगर यादव इसे करेंगे तो…’ इटावा में कथावाचक से पिटाई के मामले पर बोले ओपी राजभर
ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग दो-दो आधार कार्ड बनवाकर दूसरों का अधिकार छीन रहे हैं. राजभर ने कहा, “यादवों को अपना काम करना चाहिए, और दूसरों के हिस्से में दखल नहीं देना चाहिए. यह सामाजिक संतुलन के लिए जरूरी है.”
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सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर
सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर
आशीष श्रीवास्तव
आशीष श्रीवास्तव
लखनऊ,
26 जून 2025,
(अपडेटेड 26 जून 2025, 7:04 PM IST)
उत्तर प्रदेश के के इटावा में यादव कथावाचकों के साथ मारपीट के मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और इस पर सियासत भी तेज हो गई है. गुरुवार को इसे लेकर बड़ी संख्या में ‘अहीर रेजिमेंट’ के लोगों ने दादरपुर गांव में घुसने की कोशिश की और इस दौरान पथराव होने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.

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कथावाचकों के साथ मारपीट के इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी है और इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए.

राजभर बोले- आधार कार्ड बनाकर छीन रहे हैं हक
ओम प्रकाश राजभर ने एक बयान देते हुए कहा कि समाज में हर वर्ग का एक तय काम होता है और उसी के अनुसार सबको चलना चाहिए. उन्होंने कहा, “वर्गों में जातियों को बांटा गया है. ब्राह्मणों का काम शादी-विवाह और पूजा-पाठ जैसे कार्य करना है. ऐसे में अगर यादव यह काम करते हैं तो यह दूसरे के हक पर कब्जा करना हुआ.”

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उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ लोग दो-दो आधार कार्ड बनवाकर दूसरों का अधिकार छीन रहे हैं. राजभर ने कहा, “यादवों को अपना काम करना चाहिए, और दूसरों के हिस्से में दखल नहीं देना चाहिए. यह सामाजिक संतुलन के लिए जरूरी है.”

क्या है मामला
आपको बता दें कि इटावा के दांदरपुर गांव में 21 जून को कथावाचक मुकुट मणि यादव और संत कुमार यादव के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना सामने आई थी. इस दौरान लोगों ने संत यादव का सिर भी मुड़वा दिया था. आरोप था कि उन्होंने जाति छिपाकर कथा की और एक महिला से छेड़छाड़ की.

वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने 23 जून को चार ब्राह्मण युवकों को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद कथा आयोजकों ने कथावाचकों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की. वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस मामले में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और पीड़ित कथावाचकों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया.

 

 

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