किच्छा
किच्छा पालिका चुनाव में बवाल, विवाद के दौरान विधायक बेहड़ को जड़ा थप्पड़, देर रात मतपेटियां जमा करने पर फिर हंगामा
किच्छा। नगर पालिका चुनाव के दौरान सोमवार को किच्छा में बवाल हो गया। मंडी समिति में बने स्ट्रांग रूम में मौजूद विधायक तिलकराज बेहड़ और प्रत्याशी के साथ पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की भिड़ंत हो गई। देर शाम यह मामला शांत होने के बाद एक बार फिर देर रात को मतपेटियां जमा करने के दौरान फिर हंगामा हो गया।
इससे पहले दोपहर में मतदान के दौरान शुक्ला और बेहड़ में जमकर कहासुनी हो गई। इसी दौरान पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के साथ मौजूद उनके समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। उसके बाद जमकर धक्का मुक्की हुई। मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिस ने बीच बचाव कर दिया।
घटना के विरोध में विधायक बेहड़ धरने पर बैठ गए। इधर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। पुलिस ने तत्काल राजेश शुक्ला को हिरासत में लेकर सिडकुल चौकी पहुंचाया। वहीं, विधायक बेहड़ को भी हिरासत में लेकर कोतवाली किच्छा में बैठा दिया। देर शाम इनको छोड़ दिया गया।
मंगलवार को किच्छा और सिरौलीकलां में नगर पालिका चुनाव में मतदान था। सुबह आठ बजे से ही मतदान शुरू हुआ। सुबह तेज गति से मतदान के बाद दोपहर में धीमी गति से वोट पड़े वहीं करीब दो बजे से फिर तेजी आई।
वोटिंग के दौरान कई बार बूथों पर वोट डालने के दौरान मतदाताओं को रोकने आदि के आरोपों को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह और पुलिस अधिकाइयों के बीच झड़प भी हुई।
हल्की नोंकझोंक और तनातनी के बीच चल रहे चुनाव के दौरान शाम करीब चार बजे विधायक तिलकराज बेहड़ और प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह मंडी समिति में बने स्ट्रांग रूम पहुंचे।
यहां उन्होंने मतदान वाले वॉक्स रखने के दौरान परदे लगाने का विरोध किया। इस दौरान अधिकारियों और विधायक के बीच कई बार कहासुनी हो गई।
विधायक बेहड ने कहा कि पर्दे लगने से पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। इसी बीच कुछ देर में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ मंडी समिति आ धमके और सीधे विधायक बेहड़ से कहासुनी शुरू हो गई।
दोनों में भिड़ंत के दौरान राजेश शुक्ला के साथ मौजूद एक युवक ने विधायक बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। इससे माहौल गर्म हो गया। दोनों और से तनातनी के बीच विधायक बेहड़ समर्थकों संग धरने पर बैठ गए।
जवाब में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी अपने समर्थकों संग धरने पर बैठ गए। पुलिस ने बिगड़ती स्थिति के बीच पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को पहले हिरासत में ले लिया और उन्हें सिडकुल चौकी पहुंचा दिया। इधर धरने पर बैठे विधायक तिलकराज बेहड़ बेहोश हो गए।
कार्यकर्ताओं ने उन्हें जैसे तैसे ठीक किया। उनके होश में आते ही पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले जाकर बैठा दिया। मामला अभी तक तनावपूर्ण बना हुआ है।
मुझे थप्पड़ मारा गया है, मैं तहरीर दूंगा : बेहड़
विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा है कि वे वहां अपनी बात रखने गए थे। अधिकारियों के समक्ष बात को रख भी दिया। इसी बीच पूर्व विधायक राकेश शुक्ला समर्थकों संग पहुंचे और नाराज होते हुए सीधे उनसे आकर भिड़ गए। इसी दौरान उन्हें धक्का और थप्पड़ मारा गया। वे पुलिस को तहरीर देंगे।
देर रात मतपेटियां जमा करने के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी को बाहर निकालने पर हंगामा
विधायक और पूर्व विधायक को हिरासत में लेने के बाद शांत हुआ माहौल एक बार फिर गर्मा गया। कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने स्ट्रांग रूम में मतपेटियां जमा करने के दौरान बिना स्ट्रांग रूम बंद किए उनको बाहर करने का आरोप लगाया।
पूर्व विधायक रुद्रपुर राजकुमार ठुकराल व कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के हंगामे के बाद पुलिस ने उनको बाहर धकेल दिया। जिसके बाद मतगणना स्थल पर गहमा गहमी मा बन गया।
राजेश प्रताप सिंह ने प्रशासन पर मतपेटियां बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा भाजपा पुलिस का इस्तेमाल कर मतपेटियां बदल रही है। पुलिस ने हंगामा कर रहे कांग्रेस प्रत्याशी को हटाने का प्रयास किया परंतु वह वहां से नहीं उठे।
उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मतपेटियां बदलने की बात कही। जिससे मतगणना स्थल का माहौल देर रात तक गरमाया रहा।
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किच्छा नगर पालिका चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम के बाहर विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच जमकर बवाल हुआ।
नगर पालिका चुनाव में हुआ बवाल किच्छा के दामन पर जीवन भर का दाग तो लगा ही गया, मर्यादएं भी तार- तार हो गईं। रविवार को प्रचार समाप्त होने के साथ ही विधायक तिलक राज बेहड़ व पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच बन रहे वैक्यूम को संभाल पाने में प्रशासन विफल रहा। जिसके चलते नगर पालिका चुनाव हंमामे की भेंट चढ़ गया।
नगर पालिका चुनाव में जिस बात का अंदेशा था मतदान के अंतिम समय वही हो भी गया। स्ट्रांग रूम के बाहर पर्दे लगाने का विरोध कर रहे विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आमने-सामने आ गए। कहासुनी, धक्का-मुक्की और फिर हाथापायी हो गई। इस दौरान पूर्व विधायक शुक्ला के समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हमला कर उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।
अधिकारियों के बीचबचाव के बाद विधायक बेहड़ मंडी परिसर में धरने पर बैठे गए तो पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी दूसरी तरफ धरना देने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने लाठियां फटकारी व शुक्ला को हिरासत में लेकर सिडकुल चौकी पहुंचा दिया। विधायक बेहड़ धरनास्थल पर बेहोश हो गए। कुछ देर बाद होश में आने पर पुलिस ने उनको भी हिरासत में कोतवाली पहुंचा दिया। करीब एक घंटे बाद दोनों को छोड़ा गया।
मंगलवार को नगर पालिका चुनाव के लिए मतदान चल रहा था। सुबह धीमी गति से मतदान शुरू हुआ। दोपहर तक तेजी के बाद फिर हल्का रहा लेकिन शाम से मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गईं। मतदान के दौरान कुछ बूथों पर मतदाताओं को अनावश्यक पूछताछ के नाम पर रोकने आदि को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाए और पुलिस से कहासुनी भी हुई।
भाजपा ने भी कांग्रेस विधायक बेहड़ पर एक बूथ पर कुर्सी डालकर बैठने और मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। शाम करीब चार बजे के दौरान अचानक विधायक बेहड़ को स्ट्रांग रूम के बाहर पढ़ें लगाने की सूचना मिली तो वह प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह के साथ मंडी समिति पहुंच गए। विरोध करने पर बेहड़ की आरओ हिमांशु कफल्टिया से तीखी नोकझोंक हो गई।
आरओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सबको मतगणना स्थल से बाहर होने को कह दिया। विधायक बेहड़ स्ट्रांग रूम के बाहर आ गए और कुर्सी डालकर बैठ गए। इधर, एसपी काशीपुर, सीओ काशीपुर सहित भारी फोर्स वहां तैनात कर दिया गया। विधायक बेहड़ के स्ट्रांग रूम पर मौजूद होने की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजेश शुक्ला भी समर्थकों संग कहां पहुंच गए। वह कार से उतरते ही भड़कते हुए मौके पर पहुंचे और बेहड़ की मौजूदगी का विरोध जताते हुए हंगामा कर दिया। पूर्व विधायक के आक्रामक रवैए के चलते दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए।
धक्का-मुक्की हुई तो अधिकारी और पुलिसकर्मी बीच-बचाव में जुट गए। इसी बीच पूर्व विधायक शुक्ला के समर्थक ने विधायक बेहड़ पर हाथ छोड़ दिया। इससे दोनों पारों के बीच तनातनी हो गई।
रविवार शाम को विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेस कांफ्रेस कर स्ट्रांग रूम में मतपेटिया रखे जाने पर उसकी सुरक्षा काे लेकर अपनी मांग रखी थी। उसके बाद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की भी प्रतिक्रिया सामने आ गई। रविवार शाम से ही दोनों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर प्रारंभ हो गया था। जिसके चलते टकराव की आशंका दिखने लगी थी।
मतदान के दौरान दोपहर एक बजे कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह का पुलिस से टकराव हुआ। इधर, भाजपा कार्यकर्ताआें ने भी एक बूथ पर कांग्रेस विधायक बेहड़ की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। उसके बाद दोपहर करीब तीन बजे अचानक स्ट्रांग रूम के सामने पर्दे लगा आड़ किए जाने की जानकारी मिलने पर विधायक बेहड़ मंडी समिति पहुंच गए। वहां पहुंच कर अपनी आपत्ति जता दी थी। जिसके बाद पर्दे तो हट गए लेकिन वहां फिर से पर्दे लगाए जाने की आशंका पर विधायक बेहड़ स्ट्रांग रूम के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए। इसकी जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के वहां पहुंचने से माहौल गर्मा गया।
इन सब गतिविधियों के बीच प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मतदान प्रक्रिया देखने के लिए बूथों पर पहुंचे तो थे लेकिन दोनों के बीच की तल्खी को नहीं समझ सके। पुलिस ने समय रहते वहां पर ऐहतियातन कदम उठाया होता तो सख्ती बरती होती तो माहौल इतना खराब नहीं होता।
पूर्व विधायक जिस आक्रामक तरीके से स्ट्रांग रूम पर पहुंचे थे, अगर पुलिस ने उनको ही अंदर आने से रोक लिया होता तो यह घटनाक्रम बवाल में तब्दील नहीं होता और दोनों पक्ष अलग -अलग अपनी बात करते रहते। न रोक पाने का परिणाम पूर्व विधायक शुक्ला की आड़ में समर्थक द्वारा विधायक बेहड़ को थप्पड़ मारने की घटना के रूप में सामने आ गया। प्रशासन लगातार दोनों के बीच चल रहे वाक युद्ध का आंकलन कर अपना होमवर्क करता तो शायद इस टकराव से बचाया जा सकता था और जो दाग किच्छा पर लगा उसे रोका जा सकता था।
किच्छा में बेहड़-शुक्ला की सियासी अदावत फिर गरमाई, 2011 की घटना दोहराई, नया नहीं है दोनों के बीच थप्पड़ कांड
किच्छा नगर पालिका चुनाव में मतदान के दौरान विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच थप्पड़ मारने जैसी घटना सामने आई है। यह घटना 2011 में रामलीला मैदान विवाद के दौरान हुई ऐसी ही एक पुरानी राजनीतिक अदावत की याद दिलाती है।
नगर पालिका परिषद किच्छा और सिरौलीकलां के हुए मतदान में मंगलवार को जिस तरह बवाल हुआ है, उसने एक बार फिर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच चली आ रही पुरानी सियासी अदावत को सुर्खियों में ला दिया है।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 में रामलीला मैदान के विवाद को लेकर दोनों आमने -सामने आ गए थे। उस वक्त आरोप था कि बेहड़ ने राजेश शुक्ला के थप्पड़ जड़ दिया था। उस समय यह प्रकरण पूरे प्रदेश की राजनीतिक में चर्चा का केंद्र विंदु बन गया था।
किच्छा विधानसभा की राजनीति विधायक बेहड़ और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के इर्द- गिर्द घूमती रही है। अक्सर दोनों के बीच किसी न किसी मुद्दे को लेकर तनातनी रहती है। कई बार तो टकराहट भाषाई मर्यादा भी लांघ जाती है।
मंगलवार को निकाय चुनाव के मतदान के दौरान शाम को एकाएक जो घटनाक्रम हुआ और विधायक के थप्पड़ जड़ने जैसी हैरान करने वाली घटना सामने आई, उसने राजनीतिक गलियारों में वर्ष 2011 की घटना को भी चर्चा में ला दिया।
पुराने लोग बताते हैं कि वर्ष 2011 में रुद्रपुर के भदईपुरा में श्रीरामलीला मैदान को लेकर कोई विवाद हुआ था। इसको लेकर विधायक तिलकराज बेहड़ और राजेश शुक्ला में काफी कहासुनी हो गई थी।
उस वक्त आरोप था कि इसी बीच गुस्से में तिलक राज बेहड़ ने राजेश शुक्ला को थप्पड़ मार दिया था। उसके 15 साल बाद अब किच्छा नगर पालिका चुनाव में मंगलवार को थप्पड़ मारने जैसी घटना सामने आई है।
मंडी समिति में हिरासत में लेकर जब पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को लेकर पुलिस सिडकुल चौकी ले गई तो वे समर्थकों संग वहां धरने पर बैठ गए। जहां राजेश शुक्ला ने भी वर्ष 2011 में इस घटना को दोहराया।

