विपक्ष के बल्लेबाज Y S कुरैशी की हुई मिट्टीपलीद, कंवल सिब्बल,कंचन गुप्ता,खेमका ने लगाई क्लास
‘तो मैं खुद को सौभाग्यशाली समझूं?’: पूर्व CEC एसवाई कुरैशी के सवाल पर पूर्व विदेश सचिव ने दिया मुंहतोड़ जवाब
चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया पर विदेश में दिए इंटरव्यू को लेकर पूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी और पूर्व विदेश सचिव में तीखी बहस हुई है। कंवल सिब्बल ने कुरैशी से कहा है कि भारत ने उन्हें बहुत प्रतिष्ठा दी ही उसके प्रति आभारी रहें।
‘पूर्व विदेश सचिव के ट्रोल करने पर भाग्यशाली समझूं?’
भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने शुक्रवार को ही एसवाई कुरैशी के इंटरव्यू पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लंदन के एक पत्रकार को दिए इंटरव्यू पर कहा था कि इससे उनकी मंशा का पता चलता है। बाद में कुरैशी ने जर्मनी में रहने वाले सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी वही सबकुछ कहा था। धारा 370 और सीईसी ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति तक पर टिप्पणी की थी। बाद में उन्होंने खुद से सवाल पूछने वालों में कंवल सिब्बल को देखकर उन्हें टैग करते हुए उनकी तुलना दो रुपये के ट्रोल से कर दी।
‘आप अपनी ही प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे’
इसपर कंवल सिब्बल ने उनपर पलटवार करते हुए कहा है कि वह उन्हें ट्रोल नहीं कर रहे हैं, बल्कि ऐसा करके वे अपनी खुद की प्रतिष्ठा को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं। सिब्बल ने कहा, ‘सीईसी के खिलाफ आप आक्रामक रुख अपनाए हैं। यह व्यक्तिगत लगता है। आप क्या हित साधना चाहते हैं यह आपका मामला है। लेकिन, जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो अपने आप से निश्चित फैसले पर मत पहुंचिए और न ही उसे फैलाइए।’
‘भारत ने आपको बहुत कुछ दिया, उसका आभारी रहिए’
कंवल सिब्बल ने एसवाई कुरैशी से कहा है, ‘आपको ज्यादा जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। भारत ने आपको जीवन में बेहतरीन अवसर और प्रतिष्ठा दी है। एसवाई कुरैशी उसके प्रति आभारी रहें।’
बता दें कि हरियाणा कैडर के चर्चित रिटायर्ड आईएएस अशोक खेमका भी एसवाई कुरैशी के बयानों पर कड़ी आपत्ति जता चुके हैं और उनके विदेश में दिए इस तरह के इंटरव्यू पर सवाल कर चुके हैं।
Former Cec S Y Quraishi Made It Easier For Bangladeshi Muslims To Get Their Names Major Claim By Kanchan Gupta Advisor To The Goi
एस.वाई. कुरैशी ने बांग्लादेशी मुसलमानों के लिए नाम जुड़वाना आसान बना दिया था, भारत सरकार के सलाहकार का बड़ा दावा
एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी लगातार सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर हैं। एस वाई कुरैशी ने फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं और उन्होंने इसे कानूनी रूप से गलत बताया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसला लेने का आरोप लगाया है।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई. कुरैशी इन दिनों मुख्य रूप से मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया पर दिए गए अपनी तीखी प्रतिक्रिया और बेबाक बयानों के कारण चर्चा में हैं। हाल में उन्होंने मीडिया इंटरव्यू में वर्तमान में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग के फैसलों में अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां किनारे कर एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एसआईआर में 13 करोड़ नाम काटे गए जिनमें केवल 150 बांग्लादेशी थे। वहीं, अब एस.वाई कुरैशी के बयान पर सरकार की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
S Y Quraishi and Kanchan Gupta
भारत सरकार के सलाहकार और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी
इसी क्रम में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने एस. वाई. कुरैशी के बयान पर करारा जवाब दिया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया कि झूठे और शर्मनाक एस.वाई. कुरैशी से यह पूछा जाना चाहिए था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) रहते उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने का नियम कैसे बदल बांग्लादेशी मुसलमानों का नाम जुड़वाना आसान बना दिया और एक बार नाम जुड़ जाने के बाद, उन्हें हटाना लगभग असंभव कर दिया।
Kanchan Gupta
फॉर्म-6 में बदलाव पर भी जताई थी आपत्ति
एस वाई कुरैशी ने चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों से दोबारा फॉर्म-6 भरवाने के निर्देश की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 केवल नए मतदाताओं के लिए होता है, और गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं से इसे जबरन भरवाना और उनसे डिक्लेरेशन लेना कानूनी रूप से गलत है। इसमें 1 साल तक की जेल हो सकती है।
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डॉ. एस. वाई. कुरैशी कौन हैं
बता दें कि डॉ. एस. वाई. कुरैशी भारत के 17वें मुख्य चुनाव आयुक्त रहे हैं। वह 30 जुलाई 2010 से 10 जून 2012 तक मुख्य चुनाव आयुक्त और भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने वाले पहले मुस्लिम हैं। वह 1971 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अधिकारी हैं।


