दिल्ली से खरीदे Spy चश्मे से की रिकॉर्डिंग,आगरा धर्म परिवर्तन गिरोह का यूं फूटा भांडा
agra Ghanshyam Hemlani Recorded Agra Conversion Gang Activity With Spy Cam Lens
आगरा में रहने वाले घनश्याम हेमलानी ने धर्म परिवर्तन का खुलासा करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उनको भी गिरोह के लोगों ने धर्म बदलने का लालच दिया था।
आगरा 04 सितंबर 2025 : ताजनगरी आगरा में हिंदू से ईसाई बनाने वाले गिरोह का खुलासा कैसे हुआ, इसकी कहानी बड़ी दिलचस्प है। केदार नगर में रहने वाले घनश्यामी हेमलानी ने सनातन धर्म को बचाने के लिए जासूस बन गए। वे दिल्ली से स्पाई कैमरा खरीद कर ले आए। ये चश्मा लगाकर वह धर्मांतरण गिरोह के प्रार्थन सभा में गए और सारी रिकॉर्डिंग कैद कर ली। हेमलानी ने सबूत पुलिस को सौंप दिए। इसके बाद पुलिस ने राजकुमार लालवानी समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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आगरा में धर्म परिवर्तन गिरोह
घनश्याम हेमलानी ने बताया कि आरोपियों ने पहले उनका धर्म परिवर्तन का प्रयास किया था। ये लोग प्रार्थना सभाओं में लोगों को बुलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। ऐसा करने पर बीमारी और गरीबी दूर करने का झांसा देते थे। हेमलानी ने खुद को तो इस गिरोह के चंगुल में आने से बचाया ही, सनातन धर्म को बचाने के लिए भी प्रयास किया। हेमलानी का कहना है कि उन्हें लगा कि ये गैंग सैकड़ों गरीब हिंदू परिवारों को शिकार बना रहा है। इसलिए उन्होंने इनका भंडाफोड़ करने का प्रण लिया।
‘पत्नी के हाथ से कलावा कटवा दिया’
हेमलानी ने बताया कि इस साल मई में कुछ महिलाएं उनकी पत्नी को बहलाकर कीर्तन में बीमारी दूर करने के बहाने से ले गईं। वहां उनके हाथ से कलावा काट दिया। कहा कि घर से देवी देवताओं की प्रतिमा भी फेंक दो। तभी बेटी की शादी में मदद और मकान मिल पाएगा।
कमर में मोबाइल फोन छिपाकर ले गए थे
पत्नी ने घर आकर पति को सारी बात बताई। इस पर हेमलानी जुलाई में को अपने साथ शाहगंज निवासी समाजसेवी सुनील कर्मचंदानी को इलाज के लिए लेकर गए। वहां दोनों के हाथ के कलावा और टीका हटा दिया। अंदर मोबाइल ले जाने से मना कर दिया। आरोपियों ने जल्द बीमारी दूर करने का आश्वासन दिया। सभा में मोबाइल लेकर जाने की इजाजत नहीं थी। 13 जुलाई को वह कमर में मोबाइल छिपाकर ले गए। कीर्तन के बाद मौन करने के दौरान थोड़ा सा वीडियो बनाया पर डर से मोबाइल अंदर रख लिया। उन्हें डर था कि आरोपितों ने पकड़ लिया तो जाने से मार देंगे।
नौकरी दिलाने के नाम पर देता था झांसा
गिरफ्तार आरोपी राजकुमार लालवानी चार साल पहले उल्लहास नगर, महाराष्ट्र गया था। यहां पर हिंदू से ईसाई बन गया। अपने घर आने के बाद धर्म परिवर्तन कराने लगा। लोगों को विश्वास में लेकर बीमारी ठीक करने के नाम पर यीशु का स्मरण कराता था। इसके बाद बाइबल पढ़ने को कहता था। इसी के नाम पर पैसा भी लेता था। बच्चों की अच्छी पढ़ाई व किसी क्रिश्चियन मिशनरी में नौकरी दिलाने की बात करता था। इससे लोग झांसे में आ जाते थे।
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सिंधी समाज में धर्मांतरण कांड का भंडाफोड़, बाल पकड़कर क्यों घुमाता था लालवानी? विदेश तक निकला कनेक्शन
आगरा पुलिस ने धर्म परिवर्तन गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। गिरोह को राजकुमार लालवानी नामक व्यक्ति शाहगंज के केदारनगर से संचालित कर रहा था। आरोपी लालवानी 4 साल पहले (सिंधी) हिन्दू धर्म को छोड़कर ईसाई बन गया था। इसके बाद उसने आगरा में अपना रैकेट बना लिया।
उत्तर प्रदेश आगरा की दो सगी बहनों के मुस्लिम बनने के बाद मंगलवार को एक नए रैकेट का पता चला है। आगरा पुलिस ने इस गिरोह के 8 जनें पकड़े है जिनमें 3 महिलाएं हैं। गिरोह राजकुमार लालवानी शाहगंज के केदारनगर से चला रहा था। आरोपित लालवानी 4 साल पहले (सिंधी) हिन्दू धर्म को छोड़कर ईसाई बना था। तब उसने आगरा में अपना रैकेट बनाया जिसमें वह लोगों को क्रिश्चियन स्कूलों में नौकरी,बच्चों की पढ़ाई और बीमारियां ठीक करने का प्रलोभन देता था। राजकुमार लालवानी ने पुलिस को बताया कि इसके लिए उसे पैसे मिलते थे। पुलिस ने उसके ठिकाने से बाइबिल,ईसाई धर्म की किताबें और अन्य सामग्री पाई है।
थाना शाहगंज की केदार नगर कॉलोनी के राजकुमार लालवानी ने पुलिस को बताया कि वह महाराष्ट्र के उल्लासनगर से 4 साल पूर्व अपना धर्म बदल आगरा आया और यहां अपना नेटवर्क बनाया। शहर में अन्य लोग जोड़ै। हर रविवार उसके घर बीमार और आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों की भीड़ आती थी। वह उनकी परेशानियां ठीक करने का नाटक करता। उन्हें घर में रखे देवी देवताओं के मंदिरों हटाने को कहता। बाइबिल पढने और ईसा मसीह की प्रार्थना करने को बोलता था। साथ ही लोगों को हिन्दू धर्म से क्रिश्चिन बनने को प्रलोभन देता था। पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने बताया कि आरोपित राजकुमार लालवानी ने कई लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया है। पंजाब और महाराष्ट्र के लोगों से संपर्क कर अपने घर में धर्म परिवर्तन गैंग चला रहा था। शाहगंज पुलिस ने 8 जनें पकड़े है जिसमें 3 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गिरोह से जुड़े पूरे कनेक्शन की पड़ताल हो रही है। जांच में विदेशी नेटवर्क की भी जानकारियां सामने आई हैं।
बाल पकड़कर आधे घंटे तक घूमता था
शाहगंज के सुनील करमचंदानी ने बताया कि उनकी तबियत खराब रहती है। 2 बार वे अपना पथरी का ऑपरेशन करवा चुके हैं। तब भी पेट में परेशानी थख। उनके एक मित्र ने उन्हें बताया कि इस बीमारी का इलाज राजकुमार लालवानी कर सकते हैं। तुम उसके पास चलो। वे तैयार हो गए। जब वे लालवानी के पास गए तो इसने उनके बाल पकड़कर आधे घंटे घुमाया और कहा कि तुम ठीक हो जाओगे। बस अपने घर में रखे हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां हटानी पड़ेंगी। हाथ से कलावा और माथे से टीका भी हटाना पड़ेगा। उसे ईसाईयत की कविताएं सुनाई,बाइबिल का पाठ करवाया। कहा कि हिन्दू धर्म छोड़ ईसाई धर्म अपना लो। सब बीमारी सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। वह समझ गए और कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से इसकी शिकायत कर दी।
बीमार बनकर जाती थीं 2 महिला कांस्टेबल
पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने बताया कि शिकायत के बाद रैकेट का पता करने में उन्हें 2 महीने लग गए। उन्होंने दो महिला कांस्टेबल राजकुमार लालवानी के घर भेजी थी जो खुद को बीमार दिखाती थीं। लालवानी ने महिला कांस्टेबल के बाल पकड़कर उन्हें आधे घंटे घुमाया। इसके बाद कहा कि ठीक होना है तो हिन्दू धर्म छोड़ ईसाई बन जाओ सब समस्याएं ठीक हो जाएंगी। दोनों महिला कांस्टेबल पक्के साक्ष्य जुटाने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने 2 महीने तक राजकुमार लालवानी के घर जाती रही थीं।
बिजली मिस्त्री से बन गया धर्म का प्रचारक
आरोपित राजकुमार लालवानी की कॉलोनी के घनश्याम हेमलानी ने बताया कि राजकुमार लालवानी पहले बिजली मिस्त्री का काम करता था। उसकी कुछ खास इनकम नहीं थी। 4 साल पहले वह महाराष्ट्र के उल्लासनग रिश्तेदार के घर गया। वहां से क्रिश्चिन बनकर लौटा। इसके बाद उसने लोगों के धर्म परिवर्तन कराए। आज उसने आलीशान मकान बनवा लिया है और घर में गाड़ियां भी आ गई। देखते ही देखते उसके ठाठ हो गए ।
सोशल मीडिया पर करता है धर्म का प्रचार
डीपी सिटी ने बताया कि राजकुमार लालवानी के साथ पंचशील कॉलोनी देवरेठा के निवासी अनूप कुमार, दयालबाग के कमल कुंडलानी, शास्त्रीपुरम सिकंदरा राधे हाइट्स के जयकुमार, बाराखंबा शाहगंज के अरुण कुमार समेत तीन महिलाएं गिरफ्तार की गई हैं। आरोपियों के खिलाफ धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
उन्होंने बताया कि राजकुमार लालवानी मोबाइल पर 86 मेंबरों का व्हाट्सएप चर्च आफ गॉड आगरा नाम से वॉट्सऐप ग्रुप चलाता था । इसके अलावा यूट्यूब पर चर्च आफ गॉड आगरा चैनल भी चलाता है।
Agra conversion case: Christian conversion gang was exposed by special spectacles
‘तभी होगी बेटी की शादी…’, चश्मे ने किया धर्मांतरण गिरोह बेनकाब, वीडियो देख पुलिस भी रह गई हैरान
आगरा में शाहगंज पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी और तीन महिलाओं सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपी प्रार्थनासभा में लोगों को बहाने से बुलाते थे। गैंग के पर्दाफाश के बाद अब चाैंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
आगरा के केदार नगर में हिंदू से ईसाई धर्मांतरण कराने वाले आठ लोगों की गिरफ्तारी में क्षेत्र के रहने वाले घनश्याम हेमलानी ने अहम भूमिका निभाई। आरोपी राजकुमार लालवानी ने उनका भी धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया था। इस पर उन्हें लगा कि इस तरह से सैकड़ों परिवार को शिकार बनाया जा रहा है। इसलिए उन्होंने सनातन धर्म को बचाने के लिए जासूस की तरह काम किया। दिल्ली से कैमरे वाला चश्मा खरीदकर लाए। बिना मोबाइल के प्रार्थना सभा में गए। चश्मे में लगे कैमरे से रिकाॅर्डिंग कर पुलिस के पास तक पहुंचा दी। इससे सारा सच सामने आ गया।
