पुलिस और महिला आयोग ने दून महिलाओं के लिए असुरक्षित बताने वाले से 3 दिन में मांगे आँकडे,भेजा नोटिस

महिला सुरक्षा सर्वे पर विवाद, देहरादून पुलिस ने कंपनी को भेजा नोटिस; दिया तीन दिन का टाइम

देहरादून को महिलाओं के लिए असुरक्षित बताने वाली सर्वे कंपनी पी वैल्यू एनालिटिक्स को पुलिस ने नोटिस भेजा है।  पुलिस ने तथ्यात्मक आंकड़े मांगे हैं। राज्य महिला आयोग ने भी कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा और राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र भेजा है। आरोप है कि कंपनी ने देहरादून की छवि खराब करने की कोशिश की है।

कंपनी के निदेशक को पुलिस का नोटिस
सर्वे में देहरादून असुरक्षित शहरों में शामिल
राज्य महिला आयोग ने भी कंपनी और राष्ट्रीय आयोग को लिखा

देहरादून 03 सितंबर2025 । शहर में महिला सुरक्षा को लेकर सनसनी मचाने वाली निजी सर्वे /डेटा साइंस कंपनी पी वैल्यू एनालिटिक्स को पुलिस ने नोटिस भेजा है।

कंपनी संस्थापक/कार्यकारी निदेशक प्रहलात राउत को तीन दिन में सर्वे के सारे तथ्यात्मक आंकड़ों के साथ बुलाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने मामले की जांच ऋषिकेश पुलिस अधीक्षक जया बलोनी को सौंपी है। आंकड़ा परीक्षण बाद कंपनी के विरुद्ध मुकदमा हो सकता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि कंपनी ने नेशनल एनुअल रिपोर्ट इंडेक्स एंड इंडेक्स आन विमेन सेफ्टी की ””नारी-2025”” शीर्षक से एक सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें महिलाओं के दृष्टि से देहरादून को देश के 10 असुरक्षित शहरों में बताया है। जबकि यह सर्वेक्षण न तो राष्ट्रीय महिला आयोग और न ही राज्य महिला आयोग ने किया है।

किसी अन्य सरकारी सर्वेक्षण संस्थान की ओर से भी यह नहीं कराया गया। कंपनी ने स्वयं कंम्प्यूटर आस्टिेड टेलीफोनिक इंटरव्यू व कंम्प्यूटर आस्टिेड पर्सनल इंटरव्यू से यह सर्वे किया है। कंपनी ने स्वयं शहर की मात्र 12,770 महिलाओं से भौतिक सीधा संवाद न कर टेलीफोनिक आधारित वार्ता कर रिपाेर्ट तैयार की है।

देहरादून के साथ 30 अन्य शहरों में भी कंपनी ने सर्वे किया है। देहरादून में महिला जनसंख्या लगभग नौ लाख है जिसके सापेक्ष कंपनी ने सिर्फ 0.04 प्रतिशत महिलाओं से वार्ता कर रिपोर्ट तैयार कर ली ।

राज्य महिला आयोग ने राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजा पत्र
राज्य महिला आयोग ने भी कंपनी की जारी ””नारी- 2025””  रिपोर्ट पर कार्रवाई में कंपनी को नोटिस जारी कर आठ सितंबर को देहरादून पहुंचकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुुसुम कंडवाल ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई करने को राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र भेजा है।

रिपोर्ट एक निजी कंपनी का आयोजन है। इसका केंद्र सरकार या राष्ट्रीय व राज्य महिला आयोग से कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी ने बिना अधिकारिक डेटा इस्तेमाल किए एक छोटे से सैम्पल सर्वे से यह रिपोर्ट जारी की है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहाटकर इस रिपोर्ट को जारी किए जाने वाले कार्यक्रम में मौजूद जरूर थीं, लेकिन यह रिपोर्ट या सर्वे आयोग ने तैयार नहीं किया है। जबकि इस रिपोर्ट को राष्ट्रीय महिला आयोग का नाम लेकर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे देहरादून की छवि राष्ट्रीय स्तर पर खराब करने का प्रयास हुआ है। जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार देहरादून सहित पूरे प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है।

देहरादून वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नकारी ‘नारी’ की रिपोर्ट, बोले – ‘दून में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित’

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह ने नारी संस्था की रिपोर्ट गलत बतायी है जिसमें देहरादून को महिलाओं के लिए असुरक्षित बताया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि संस्था ने केवल 400 महिलाओं से फोन वार्ता से रिपोर्ट बनाई जो अनुचित है। राज्य महिला आयोग ने भी रिपोर्ट नकार दी और कहा कि देहरादून में महिलाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

एसएसपी ने नारी संस्था की रिपोर्ट को नकारा
देहरादून महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित
संस्था को भेजा जाएगा कानूनी नोटिस

देहरादून शहर महिलाओं के असुरक्षित होने का दावा करने वाली गैर सरकारी संस्था नेशनल एनुअल रिपोर्ट इंडेक्स (नारी) का दावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने न सिर्फ तथ्यों से नकारा, बल्कि संस्था पर कानूनी जवाबतलबी की तैयारी भी कर ली है।

संस्था को कानूनी नोटिस जारी करने से पहले स्पष्टीकरण मांगा है. राज्य महिला आयोग ने भी रिपोर्ट सिरे से नकार दी । कहा है कि देहरादून में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। संस्था ने टेलीफोन से केवल 400 महिलाओं से बात कर यह रिपोर्ट बना दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह ने बताया कि एक निजी सर्वे कंपनी/डेटा साइंस कंपनी ‘पी वेल्यू एनालिटिक्स’ ने ‘नारी-2025’ शीर्षक से एक सर्वे रिपोर्ट प्रकाशित की है जिसमें देहरादून को देश के 10 असुरक्षित शहरों में दर्शाया है।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट के अध्ययन से स्पष्ट है कि सर्वेक्षण देश के 31 शहरों में किया गया है,जोकि कंप्यूटर अस्टिेड टेलीफोनिक इंटरव्यू व कंप्यूटर अस्टिेड पर्सनल इंटरव्यू आधारित है। सर्वेक्षण कंपनी ने महिलाओं से भौतिक रूप से सीधा संवाद नहीं किया।

मात्र 12,770 महिलाओं से टेलीफोनिक वार्ता के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। देहरादून में महिलाओं की लगभग नौ लाख की आबादी के सापेक्ष केवल 400 यानि 0.04 प्रतिशत महिलाओं के सैंपल साइज आधार पर इलेक्ट्रानिकली कनेक्ट करके निष्कर्ष निकाला जाना प्रतीत हो रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, मात्र चार प्रतिशत महिलाय् एप अथवा तकनीक का उपयोग कर रही है,जबकि महिला सुरक्षा को बनाए गए गौरा शक्ति एप में महिलाओं के 1.25 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं जिसमें से 16,649 रजिस्ट्रेशन मात्र देहरादून जनपद के हैं। इसके अलावा डायल 112,उत्तराखंड पुलिस एप,सीएम हेल्पलाइन,उत्तराखंड पुलिस वेबसाइट के सिटीजन पोर्टल का महिलायें नियमित रूप से प्रयोग कर रहा है।

पुलिस पेट्रोलिंग में भी कोहिमा से ऊपर है देहरादून
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सर्वेक्षण के मानकों में पुलिस से संबंधित दो बिंदु हैं, इसमें पुलिस पेट्रोलिंग व क्राइम रेट। पुलिस पेट्रोलिंग में सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक सुरक्षित शहर कोहिमा का स्कोर 11 प्रतिशत है, जबकि देहरादून का स्कोर 33 प्रतिशत है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि देहरादून पेट्रोलिंग के आधार पर सर्वाधिक सुरक्षित शहर कोहिमा से भी ऊपर है। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न शीर्षक में पूरे देश का स्कोर सात प्रतिशत है, जबकि देहरादून का छह प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि देहरादून में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाएं अन्य शहरों की तुलना में खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं।

अगस्त में डायल 112 को छेड़खानी की केवल 11 शिकायतें मिलीं
अगस्त में जनपद देहरादून में डायल 112 से कुल 12,354 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से मात्र 2,287 (18 प्रतिशत) शिकायतें महिलाओं से संबंधित हैं। इन 2,287 शिकायतों में से भी 1,664 शिकायतें घरेलू विवादों से संबंधित हैं। शेष 623 शिकायतों में से भी मात्र 11 शिकायतें छेडखानी से संबंधित हैं। स्पष्ट है कि महिला संबंधी कुल शिकायतों में से छेड़छाड़ की शिकायतों का औसत एक प्रतिशत से भी कम है।

दून में अन्य प्रदेशों के 70 हजार छात्र-छात्राएं कर रहे पढ़ाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि वर्तमान में देहरादून में अन्य प्रदेशों के लगभग 70 हजार छात्र व छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं जिनमें से 43 प्रतिशत संख्या छात्राओं की है। छात्र-छात्राओं में बड़ी संख्या में विदेशी भी शामिल हैं।

वहीं, देहरादून शहर में स्मार्ट सिटी के एकीकृत कंट्रोल रूम के 536, पुलिस कंट्रोल रूम के 216 सीसीटीवी कैमरों के साथ लगभग 14,000 सीसीटीवी कैमरे कार्यशील हैं, जिनकी सहायता से पुलिस निरंतर अपराध एवं अपराधियों पर नजर रख रही है। सभी कैमरों की गूगल मैपिंग की जा चुकी है।

ये सवाल भी उठाए
सर्वेक्षण में किन लोगों को शामिल किया गया, यह स्पष्ट नहीं है। सर्वेक्षण में भाग लेने वालों की आयु, शिक्षा, रोजगार स्थिति के संबंध में स्पष्टता नहीं है। प्रतिभागी स्थानीय निवासी थे अथवा पर्यटक, यह भी साफ नहीं है, क्योंकि सुरक्षा की धारणा आयु तथा जीवनशैली के आधार पर भिन्न होती है। जहां किशोरियां एक ओर रात्रि में असुरक्षित महसूस कर सकती हैं, वहीं कामकाजी महिलाएं अलग अनुभव रख सकती हैं।

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