फर्जी वीडियो में मधु किश्वर को अग्रिम जमानत नही

PM का बता भ्रामक वीडियो वायरल करने वाली लेखिका को राहत नहीं; जमानत अर्जी खारिज, चंडीगढ़ में है केस

प्रसिद्ध लेखिका मधु किश्वर की अग्रिम जमानत याचिका चंडीगढ़ जिला अदालत ने निरस्त कर दी है। उन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बताकर फर्जी वीडियो वायरल करने का आरोप है। उनके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने मुकदमा लिखा है।

चंडीगड़ 09 मई 2026 । फर्जी वीडियो वायरल करने में  लेखिका मधु किश्वर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। मधु किश्वर पर चंडीगढ़ पुलिस ने पिछले महीने एफआईआर दर्ज की थी।

लेखिका पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बताकर एक फर्जी और भ्रामक वीडियो वायरल करने का आरोप है।

पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353, 356 और आईटी एक्ट में केस दायर किया था। उन्हें जांच में शामिल होने  चंडीगढ़ पुलिस कई बार नोटिस भी भेज चुकी है।

इसलिए उन्होंने गिरफ्तारी से बचने को अग्रिम जमानत आवेदन दिया और चंडीगढ़ जिला अदालत में याचिका दे एफआईआर की कापी मांगी थी। वहीं,  मामले में पुलिस ने हैदराबाद (तेलंगाना) से भी एक आरोपित पकड़ा है।

मुस्लिम पत्रकार गिरफ्तार

हैदराबाद के फ्रीलांस जर्नलिस्ट हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को पंजाब पुलिस ने पकड़  लिया. हसन पर यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर मधु किश्वर की एक पोस्ट रिपोस्ट करने में हुई है.

पंजाब पुलिस ने हैदराबाद के फ्रीलांस जर्नलिस्ट हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है. मोहिउद्दीन सिद्दीकी पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से मधु किश्वर की शेयर  एक वीडियो रिपोस्ट किया. पुलिस का कहना है कि यह वीडियो भ्रामक और गलत जानकारी फैलाता है. मधु किश्वर लेखिका और पत्रकार हैं।इससे पहले वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कट्टर समर्थक रही हैं. मधु किश्वर की पोस्ट को रिपोस्ट करने में हसन मोहिउद्दीन सिद्दीकी को चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाना पुलिस ने पकड 9 मई तक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

हसन ने जिस मैसेज को दोबारा रिपोस्ट किया, उसे मधु किश्वर ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पहले ट्विटर) पर शेयर किया था. हालांकि अब खुद मधु किश्वर वह मैसेज हटाया चुकी है.

पिछले महीने मामले में मधु किश्वर पर भी मुकदमा हुआ गया था. चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और इंफॉर्मेशन टेक्नॉलोजी एक्ट में एफआईआर हुई. इन धाराओं में धर्म, नस्ल और भाषा के आधार पर अलग-अलग समूहों में नफरत या दुश्मनी फैलाने की धारा 196, जालसाजी संबंधित धारा 336(1) और मानहानि की धारा 356 शामिल है.

पुलिस में एक चंडीगढ़वासी ने कराई थी FIR
मामले में शिकायत में आरोप था कि कई सोशल मीडिया यूजर्स अश्लील और अपमानजनक शब्दों में लगातार भ्रामक कंटेंट के साथ वीडियो मैसेज फैला रहे थे. शिकायतकर्ता के अनुसार वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की गलत पहचान बताकर कंटेंट शेयर किया जा रहा था.

शिकायत में यह भी है कि यह झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार करने की सुनियोजित कोशिश थी. शिकायतकर्ता के अनुसार कंटेंट शेयर करने वालों को यह जानकारी थी कि संदेश भ्रामक और गलत है, फिर भी उन्हें जानबूझकर फैलाया गया ताकि किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो का इस्तेमाल संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और समाज में शांति व्यवस्था बिगाड़ने को किया गया. इसी आधार पर मामले की जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है.

मधु किश्वर की अभी तक नहीं हुई गिरफ्तारी!
हालांकि, इसी मामले में मधु किश्वर पर भी एफआईआर है. चंडीगढ़ पुलिस ने ही मशहूर लेखिका और कभी प्रधानमंत्री मोदी की कट्टर समर्थक रहीं मधु किश्वर समेत दूसरे सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी केस  किया है. मामले में 19 अप्रैल 2026 के एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत की थी. पुलिस ने मधु किश्वर को पूछताछ को नोटिस भी जारी किया, लेकिन वह हाजिर नहीं हुईं.

PM मोदी का बताकर पोस्ट किया फर्जी वीडियो, लेखिका मधु किश्वर समेत कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर FIR

चंडीगढ़ पुलिस ने शिकायत के आधार पर लेखिका मधु किश्वर और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर सेक्टर-26 थाने में मुकदमा लिखा है. पुलिस पता लगाने की कोशिश में है कि फर्जी वीडियो-कंटेंट फैलाने में कौन-कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बताकर एक फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किया गया. इसे लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने लेखिका मधु किश्वर और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर मुकदमा किया है. पुलिस मामला जांच रही है.

दरअसल, 19 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दी कि कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स एक वीडियो क्लिप प्रधानमंत्री मोदी की पहचान के साथ वायरल कर रहे हैं. वीडियो के साथ अश्लील शब्द और आपत्तिजनक कंटेंट भी जोड़ा गया है, जिससे न सिर्फ संबंधित व्यक्ति की छवि खराब हो रही है बल्कि समाज में भी गलत संदेश फैल रहा है.

शिकायतकर्ता ने कहा- सब जानबूझकर किया गया
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सब जानबूझकर किया गया है. सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए, जिनमें गंदी भाषा का इस्तेमाल हुआ. यह जानते हुए कि पोस्ट पूरी तरह गलत हैं, फिर भी उन्हें शेयर किया. उद्देश्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना और सार्वजनिक शांति भंग करना है.

वीडियो में दिख रहा व्यक्ति ट्रैवल व्लॉगर
पुलिस की जांच में सामने आया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति ट्रैवल व्लॉगर है, उसकी पत्नी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से नियमित रूप से उनकी गतिविधियों से जुड़े वीडियो और अपडेट शेयर करती रहती हैं. वीडियो सबसे पहले उनके ही अकाउंट से पोस्ट किया गया था. महिला ने पुलिस को दिए बयान में साफ कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उसका पति है. पुलिस ने वीडियो में मौजूद एक अन्य महिला और पति के बयान भी अंकित किए हैं.

फर्जी वीडियो फैलाने में कौन-कौन शामिल?
लेखिका मधु किश्वर और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ सेक्टर-26 थाने में केस है. आरोपितों पर मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353 और 356 लगाई गई हैं. साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और 67 भी लगी हैं. पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्जी वीडियो-कंटेंट फैलाने में कौन-कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था.  जांच  बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

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