एवरेस्ट शिखर पर गूंजा ‘वंदे मातरम्’, BSF महिला टीम का अमित शाह ने किया अभिवादन
देहरादून 25 मई 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘मिशन वंदे मातरम’ में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले महिला माउंट एवरेस्ट अभियान टीम को सैल्यूट किया है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ने बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की अजेय ताकत को साबित किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नारी शक्ति ने बीएसएफ की अजेय ताकत को साबित किया।
बीएसएफ की सभी महिला माउंटेनियरिंग टीम को मेरी हार्दिक बधाई, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर इतिहास रचा। फोर्स की डायमंड जुबली मनाते हुए उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर फतह हासिल की और ‘वंदे मातरम’ गाया, जिससे हिम्मत, देशभक्ति और लगन की एक अनोखी मिसाल कायम हुई। टीम के सभी सदस्यों को मेरा सैल्यूट।”
अतुलनीय साहस और दृढ़ संकल्प से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ते हुए बीएसएफ की पहली पूर्ण-महिला माउंट एवरेस्ट अभियान टीम ने इतिहास रचा है। इस महिला टीम ने ‘मिशन वंदे मातरम’ में माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
बीएसएफ की इस महिला टीम में लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं। उन्होंने गुरुवार सुबह 8 बजे माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। यह असाधारण उपलब्धि महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय गौरव और उत्कृष्टता के प्रति बीएसएफ की अटूट प्रतिबद्धता का एक गर्वपूर्ण प्रतीक है।
बीएसएफ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “डायमंड जुबली वर्ष का उत्सव मनाते हुए इन ‘महिला सीमा प्रहरियों’ ने ‘वंदे मातरम’ की भावना को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचाया। एक ऐसी ऊंचाई पर, जहां अधिकांश लोगों को ऑक्सीजन सहायता की जरूरत होती है और सीधे खड़े रहना भी एक चुनौती होता है। उन्होंने एक अटूट स्वर में ‘वंदे मातरम’ गाया और इस तरह एक ऐसा ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया, जो ‘नारी शक्ति’ की ताकत, जुझारूपन और अदम्य भावना दर्शाता है।
‘मिशन वंदे मातरम्’ में BSF की पहली महिला टीम ने जीता माउंट एवरेस्ट
‘मिशन वंदे मातरम्’ में BSF की पहली महिला टीम ने फतह किया माउंट एवरेस्टइस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार बीएसएफ की महिला पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट की चोटी से “वंदे मातरम्” गाया.इससे पूरे देश में गर्व का माहौल बना. यह मिशन 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से रवाना हुआ था.
‘मिशन वंदे मातरम्’ में BSF की पहली महिला टीम ने फतह किया माउंट एवरेस्ट
सीमा सुरक्षा बल यानि बॉर्डर सिक्युरिटी फ़ोर्स की महिलाओं ने इतिहास रच दिया है. BSF की पहली ऑल-वुमन पर्वतारोहण टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक तिरंगा लहराया. यह अभियान मिशन वंदे मातरम् था.बीएसएफ इस समय अपना डायमंड जुबली वर्ष मना रहा है. पहली आल वूमेन टीम ने इतिहास रच दिया. इन महिलाओं ने साहस और हौसले की नई मिसाल पेश की. इस टीम में लद्दाख की कौसर फातिमा, पश्चिम बंगाल की मुनमुन घोष, उत्तराखंड की रेबेका सिंह और कारगिल की त्सेरिंग चोरोल शामिल थीं.
इन महिला जवानों ने माउंट एवरेस्ट की 8848.86 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंचकर नया इतिहास बनाया. अलग-अलग राज्यों से आई इन महिला पर्वतारोहियों ने भारत की “एकता में विविधता” की मिसाल पेश की.कठिन मौसम और बेहद ऊंचाई वाली परिस्थितियों में भी टीम ने साहस और धैर्य दिखाया. माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाई पर जहां लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है और खड़ा रहना मुश्किल होता है.
वहां भी इन महिलाओं ने एक साथ वंदे मातरम गाया.बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार ने बीएसएफ और देश की ओर से महिला जवानों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह अभियान बीएसएफ के साहस, प्रोफेशनलिज्म और समर्पण का प्रतीक है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने महिलाओं को देश की ताकत बताया था.
इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार बीएसएफ की महिला पर्वतारोहियों ने एवरेस्ट की चोटी से “वंदे मातरम्” गाया.इससे पूरे देश में गर्व है. मिशन 6 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली से गया था. बीएसएफ ने इन बहादुर महिला पर्वतारोहियों का अभिनंदन किया है. उनकी सफलता देश के युवाओं को प्रेरित करेगी.

