रैप संगीत, लेजर लाइट,राहुल की सुपर स्टार एंट्री,मंच दिल्ली से पहुंची टीम हवाले

Rahul Gandhi Grand Stage Entry Students Impressed Unique Style Beyond Politics Chhatron Ki Goonj Dehradun.Rahul Gandhi Targets Paper Leak System
राहुल गांधी का दून दौरा: छात्रों के गूंज शो में दिखा नया अंदाज, लेजर लाइट और संगीत के बीच मंच पर पहुंचे

रोशनी, संगीत और युवाओं की तालियों बीच देहरादून के बन्नू मैदान में सजे मंच पर राहुल गांधी की एंट्री ने राजनीतिक मंच को एक अलग रंग दिया। लंबे अंतराल बाद उत्तराखंड पहुंचे कांग्रेस नेता का अंदाज इस बार हटकर दिखा। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल ने भाषण से पहले मंच संचालन और माहौल अपने अंदाज में संभाला, जहां उनकी मौजूदगी एक नेता से ज्यादा एक स्टार परफॉर्मर जैसी दिखाई दी।

राहुल गांधी मंच पर पहुंचे –

साढ़े चार साल बाद देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे राहुल गांधी  छात्रों की गूंज कार्यक्रम के मंच पर नेता की बजाय अभिनेता जैसे दिखे।

मंच राहुल गांधी ने अकेले संभाला। प्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े नेता मंच नही, युवाओं व छात्रों के बीच रहे। राहुल के पहुंचे से पहले गीत संगीत चला। इससे कार्यक्रम में पहुंचे छात्रों व युवाओं में खुशनुमा वातावरण बनाया गया।

शाम 7.45 बजे राहुल गांधी ने मंच पर एंट्री हुई। युवाओं व छात्रों ने अभिवादन भी सुपर स्टार अभिनेता जैसा किया। लेजर लाइट,संगीत की गूंज के साथ राहुल मंच पर पहुंचे। मंच पूरी तरह राहुल के साथ उनकी टीम ने संभाला।

युवाओं के बीच गानों पर झूमे नेता

मंच पर राहुल गांधी के अलावा प्रदेश का कोई नेता नहीं था। कार्यक्रम में रैप सॉग,पंजाबी,हिंदी गानों की गूंज पर युवा खूब झूमे। युवाओं में बैठे प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल,प्रीतम सिंह,डॉक्टर हरक सिंह रावत,करन माहरा,रवि बहादुर,सुमित हृदयेश,काजी निजामुद्दीन, शूरवीर सिंह सजवाण युवाओं का उत्साह बढ़ाते गानों पर झूमे।

मंच पर पहुंचे राहुल गांधी –
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पूरे देहरादून में गूंजा। राहुल और रैपर कर्मा सुनने हजारों की भीड़ बारिश के बावजूद बन्नू स्कूल ग्राउंड पहुंची और तीन घंटे खड़े रह रैपर कर्मा के गानों के बाद राहुल गांधी को भी सुना।

कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ –
युवाओं ने पेपर लीक जैसे विषय पर राहुल के साथ हां में हां मिलाकर एहसास कराया कि पेपर लीक जैसे विषयों से आज वाकई व्यथित है। कार्यक्रम शाम पांच बजे से शुरू होना था लेकिन उससे पहले ही चार बजे से बारिश शुरू हो गयी। कार्यक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं उड़ने लगी कि कार्यक्रम फेल हो जाएगा।
राहुल गांधी –
बारिश में कांग्रेसी पसीना पसीना थे लेकिन बारिश जैसे ही हलकी हुई  युवाओं की भीड़ कार्यक्रम स्थल आने लगी। पांच बजे के बाद देखते ही देखते मैदान खचाखच भर गया। साढ़े सात बजे जैसे ही राहुल गांधी मंच पर पहुंचे तो माहौल बन गया। मोबाइल की फ्लैश जलाकर युवाओं ने उनका स्वागत किया। राहुल ने मंच पर आते ही अमर मेहता को श्रद्धांजलि दी।

राहुल गांधी के कार्यक्रम को जुटी भीड़ –
कार्यक्रम को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। कार्यक्रम शाम पांच बजे शुरू होना था, लेकिन दोपहर चार बजे से ही छात्र-युवा बन्नू स्कूल परिसर पहुंचने लगे। कोई दोस्तों तो कोई समूह बनाकर पहुंचा। समय के साथ परिसर में भीड़ लगातार बढ़ती गई। युवाओं में राहुल गांधी को सुनने और कार्यक्रम का हिस्सा बनने की उत्सुकता साफ दिखी।
पेपर लीक पर राहुल का निशाना, छात्रों के भविष्य पर बताया खतरा, भाषण की बड़ी बातें

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने परीक्षाओं में पेपर लीक को देश के युवाओं के भविष्य को बड़ा खतरा बताया। कहा कि मेहनती छात्रों का भविष्य भ्रष्टाचार और पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हो रहा है। उन्होनें आरोप लगाया कि पेपर लीक समस्या केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता का परिणाम है।

देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी –
साढ़े चार साल बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देहरादून पहुंचे। बन्नू कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से उन्होंने संवाद किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को युवाओं के भविष्य को सबसे बड़ा खतरा बताते हुए केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने कहा कि मेहनती छात्रों का भविष्य लगातार पेपर लीक की घटनाओं से बर्बाद हो रहा है।

राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें
-पेपर लीक मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है, इससे लाखों युवाओं का विश्वास टूट रहा है। पेपर लीक में पूरा सिस्टम शामिल है, ऊपर से नीचे तक जवाबदेही तय होनी चाहिए। कोचिंग माफिया, परीक्षा एजेंसियां और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राहुल ने कहा कि परिवार बच्चों की पढ़ाई को कर्ज तक लेते हैं, लेकिन पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है।

– राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है, निजी कंपनियों की नहीं। पूरी तरह सुरक्षित और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली बनाई जाने चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में रैंडमाइजेशन लागू करने और पारदर्शिता बढ़ाने की वकालत की। कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए।

-पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की बात कही। जिन छात्रों का पेपर लीक से नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा देने को कहा।उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था हर परिवार की जेब से नौ लाख रुपये छीन रही है और दूसरे दरवाजे से लोगों को एंट्री दे रही है।

आत्महत्या के पहले रिया काफी चिड़चिड़ी हो गई थी,रिया के पिता बोले- बेटी ने कहा था हमारे साथ धोखा हुआ है
रिया के पिता राजेश गुरुंग ने बताया कि उनकी बेटी नीट परीक्षा देकर लौटी तो बेहद खुश थी। उसने कहा था कि उसका पेपर बहुत अच्छा हुआ है। घर आकर खाना खाया और सो गई। अगले दिन जब उन्होंने उससे पूछा कि पेपर कैसा हुआ तो वह काफी खुश थी। कुछ दिन बाद पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो रिया पूरी तरह उदास हो गई। उसने कहा-पापा हमारे साथ धोखा हुआ है।

दोबारा नीट पेपर के पहले आत्महत्या करने वाली देहरादून की रिया के पिता राजेश गुरुंग के अनुसार दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद रिया काफी चिड़चिड़ी हो गई थी। वह कहती थी, हमें परीक्षा केंद्र में जाने को इतनी पाबंदियां झेलनी पड़ती हैं। टॉप्स तक उतरवा दिए जाते हैं, लेकिन पेपर फिर भी लीक हो जाता है। उनकी बेटी रोज 10 घंटे पढ़ती थी। पेपर लीक से वह बेहद नाराज और आहत थी। उन्होंने उसे समझाते हुए कहा था बेटा, टेंशन मत ले। अपनी बात कहते-कहते राजेश गुरुंग मंच पर रो पड़े। उन्होंने कहा, जो भी यह प्रणाली है, ऐसा किसी दूसरे के साथ न हो। किसी के बच्चे के साथ ऐसा न हो। राहुल जी, आपसे उम्मीद है। उस उम्मीद को बनाए रखिए।

 

नई शिक्षा नीति और पेपर लीक पर उठाए सवाल, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
ऑनलाइन कोचिंग वाले शिक्षक अभिनय शर्मा ने नई शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति लाई गई, लेकिन उसका कितना प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, यह बड़ा सवाल है। कॉमन एंट्रेंस टेस्ट लागू किया गया, लेकिन यदि प्रश्नपत्र में कोई गलत सवाल होता है तो उसकी आपत्ति दर्ज कराने के लिए छात्रों से 250 रुपये लिए जाते हैं। कहा कि देश में पेपर लीक का एक उद्योग खड़ा हो गया है। इस पर वह राहुल गांधी की बात से सहमत हैं।

अभिनय शर्मा ने उठाए परीक्षा प्रणाली पर सवाल
ऑनलाइन कोचिंग शिक्षक अभिनय शर्मा ने कहा, आज हम सबको पेपर लीक पर कार्यक्रम करना पड़ रहा है। आखिर यह कैसा सिस्टम है? जो लोग पेपर बना रहे हैं, भेज रहे हैं और फिर पेपर लीक हो जाता है। उसके बाद कहा जाता है कि सिस्टम फेल हो गया। उन्होंने कहा कि 22 लोगों ने आत्महत्या कर ली। क्या देश के प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को इसकी चिंता नहीं है?” अविनाश शर्मा ने आगे कहा कि हर जगह कैमरे लगे हैं, लेकिन पेपर लीक नहीं पकड़ पा रहे। एक इंसान ही नहीं, उसकी पूरी पीढ़ी को नुकसान हो रहा है। आप पेपर लीक से नकली इंजीनियर बना रहे हैं, फिर कहते हैं कि पुल टूट गया।

-कार्यक्रम में कई छात्रों ने मंच से अपनी आपबीती साझा की। एक छात्रा ने बताया कि परीक्षा बाद पता चला कि प्रश्नपत्र लीक हो गया, जिससे उसकी महीनों की मेहनत बेकार हो गई। वहीं, एक अन्य छात्रा ने भर्ती परीक्षा दोबारा देने की मजबूरी बताई। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

छात्रों की गूंज में युवाओं ने उठाया रोजगार विषय 
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं ने अपने विषय मजबूती से उठाये। कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और कॅरिअर के सीमित अवसरों पर चिंता जताई। युवाओं ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत रोजगार की है और इस दिशा में ठोस नीतिगत फैसले किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं। युवाओं ने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं के रोजगार सृजन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

-पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती, जिससे निराशा बढ़ रही है। – तनिषा
-महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए। युवाओं के मुद्दों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। – सुर
-सरकारी नौकरियों की संख्या कम हो रही है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों युवा शामिल होते हैं। युवाओं के हाथा खाली हैं। – दिव्यांशी
-स्किल डेवलपमेंट की बात तो होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर कम ही दिखता है। वर्तमान समय में रोजगार बहुत बड़ा मुद्दा है। – निष्कर्ष
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। सरकार को इस पर ध्यान देना होगा। – प्रशांत
अगर समय रहते रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो यह आने वाले समय में बड़ी समस्या बन सकता है। – पियूष

 

 

राहुल गांधी शुक्रवार शाम चार बजे फ्लाइट से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से राजपुर रोड एक होटल में पार्टी वरिष्ठ नेताओं से बैठक के बाद वह कांग्रेस के वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता दिवंगत अमर मेहता के परिजनों से  शोक व्यक्त करने पहुंचे। उन्होंने परिवार को इस कठिन समय में सांत्वना दी और हर संभव साथ देने का भरोसा दिलाया। अमर मेहता लंबे समय तक कांग्रेस संगठन से जुड़े सक्रिय काम करते रहे। कांग्रेस ने उनके निधन को संगठन को बड़ी क्षति बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

 

 

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