लस्ट जिहाद: राज बन कर 18 से ज्यादा युवतियां फँसाई, दो से शादी, धुनाई
डॉक्टर ईशाक के 18 से ज्यादा युवतियों से संबंध, पीड़िता बोली- राज बनकर शादी की, हिंदू संगठनों ने की धुनाई
VHP का आरोप है कि डॉक्टर ने राजकुमार नाम से फर्जी आधार बनाकर कई हिंदू युवतियों से शादी की, एक से हैदराबाद में और दूसरी को कोलकाता से लाकर जबलपुर में शादी की, साथ ही एक और महिला डॉक्टर से संबंध होने का भी आरोप लगाया.
डॉक्टर ईशाक के 18 से ज्यादा युवतियों से संबंध, पीड़िता बोली- राज बनकर शादी की, हिंदू संगठनों ने की धुनाईडेंटिस्ट को पकड़कर जुलूस निकालते बजरंग दल और वीएचपी के कार्यकर्ता.
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में एक डॉक्टर पर नाम बदलकर कई हिंदू युवतियों से शादी रचाने का आरोप लगा है. आरोप है कि सैयद ईशाक इसरार ने ‘राजकुमार’ से आधार कार्ड भी बनवा रखा है. जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं को इसका पता चला तो मदन महल थाना इलाके में स्थित डेंटल स्क्वायर क्लिनिक में जमकर हंगामा किया और ईशाक को पकड़ लिया.
फिर उसका जुलूस निकाला और विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को घुमाया. इसके बाद पुलिस को सौंप दिया. इस मामले में आरोपी के खिलाफ मदन महल थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस जांच कर रही है.
क्लिनिक भी पहचान छिपाकर ज्वाइन किया, डिग्री पर सवाल
आरोप है कि सैयद ईशाक इसरार डेंटल स्क्वायर में डेंटिस्ट के तौर पर काम करता था, जहां उसने अपनी पहचान छिपा रखी थी. यहां तक कि उसने अपना नाम बदलकर आधार कार्ड भी बनवाया था. डेंटिस्ट संचालक ने बताया कि उसने अपना नाम राजकुमार बताया था. अब उसकी डिग्री को लेकर भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है कि उसकी डिग्री असली है या नहीं. डेंटल स्क्वायर के प्रबंधन ने भी फर्जी दस्तावेज दिखा कर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया है.
हैदराबाद-जबलपुर में की शादी
आरोप है कि डेंटिस्ट सैयद ईशाक असरार कई हिंदू युवतियों से शादी कर चुका है. उसने एक हिन्दू युवती से हैदराबाद में शादी की तो दूसरी को कोलकाता से लाकर जबलपुर में शादी की थी.
हिंदू बताकर की शादी, 18 से ज्यादा लड़कियों से संबंध
कोलकाता की रहने वाली पीड़ित महिला ने बताया, “ईशाक से उसकी मुलाकात काम करने के दौरान हुई थी. उसने खुद को हिंदू (बदला नाम राजकुमार) बताया था, जबकि उसका असली नाम सैयद ईशाक असरार है और खुद को तलाकशुदा बताया था. जान-पहचान के बाद दोनों जबलपुर आ गए. फिर मुझसे गायत्री मंदिर में शादी की थी और दो साल तक संबंध में रहे. कुछ दिन के बाद छोड़ दिया और उसके बाद किसी और हिंदू लड़की को फंसा लिया है.”
आरोप लगाया कि ईशाक ने उसे अप्रैल महीने में छोड़ दिया था. पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे बताया था कि उससे पहले ईशाक के 18 लड़कियों से संबंध रहे थे.
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जबलपुर में हिंदू नाम से डॉक्टरी कर रहा था मुस्लिम युवक, फर्जी पहचान से अस्पताल में नौकरी, तीन युवतियों को फंसाया
जबलपुर में हिंदू नाम से डेंटल प्रैक्टिस करने और तीन युवतियों को धोखाधड़ी से जाल में फंसाने वाले आरोपी सैयद इसाक असरार को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कोलकाता पुलिस की जीरो एफआईआर के बाद मदन महल थाना पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
मदन महल थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम युवक ने खुद को हिंदू बताकर न सिर्फ एक निजी अस्पताल में डेंटल डॉक्टर के रूप में काम किया, बल्कि तीन युवतियों को भी अपनी फर्जी पहचान के जाल में फंसाया। आरोपी युवक का असली नाम सैयद इसाक असरार है, जो अस्पताल में ‘राजकुमार’ नाम से काम कर रहा था। स्थानीय हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर मदन महल थाने के हवाले किया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर में लव जिहाद जैसा केस
फर्जी पहचान पत्र भी मिले
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी सैयद इसाक असरार ने फर्जी नाम से पहचान पत्र भी तैयार करवा रखे थे। मदन महल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से दो अलग-अलग नामों के पहचान पत्र जब्त किए हैं। अस्पताल प्रबंधन से आरोपी के शैक्षणिक और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं ताकि उसकी डॉक्टरी की डिग्री की सत्यता जांची जा सके। इसी बीच, कोलकाता की रहने वाली एक पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर और पहली पत्नी से तलाक की बात कहकर उससे गायत्री मंदिर में शादी की थी, और बाद में एक अन्य युवती के चक्कर में उसे छोड़ दिया।
आरोपी सैयद इसाक असरार जबलपुर के निजी अस्पताल में ‘राजकुमार’ बनकर काम कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के पास से हिंदू और मुस्लिम दोनों नामों के संदिग्ध पहचान पत्र बरामद किए हैं।
कोलकाता की एक युवती ने आरोपी पर मंदिर में फर्जी नाम से शादी रचाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
कोलकाता में दर्ज जीरो एफआईआर को जबलपुर पुलिस ट्रांसफर कर रही है।
पुलिस आरोपी के डेंटल डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
अब आगे क्या होगा?
इस मामले ने इलाके में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्जी पहचान के सहारे निजी अस्पतालों में नौकरी मिलना और सामाजिक स्तर पर शादियां करना स्थानीय सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पीड़िता द्वारा कोलकाता में जीरो के तहत दर्ज कराई गई एफआईआर जबलपुर पुलिस को मिलने वाली है, जिसके बाद पुलिस धोखाधड़ी और पहचान छुपाने की अन्य धाराओं में नया मुकदमा दर्ज करेगी।
संक्षेप में जानिए पूरा मामला
जबलपुर में ‘राजकुमार’ नाम से डेंटल डॉक्टर बनकर रह रहे सैयद इसाक असरार का भंडाफोड़ तब हुआ जब उसकी प्रताड़ना से तंग आकर कोलकाता की एक पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। आरोपी ने अपनी पहचान छुपाकर तीन युवतियों को धोखे में रखा और फर्जी पहचान पत्रों का सहारा लेकर अस्पताल में नौकरी हासिल की थी।
हैदराबाद का रहने वाला आरोपी
मदन महल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि अभी तक जांच में पता चला है कि वह मूलरूप से हैदराबाद का रहने वाला है और नया आधारकार्ड संजीव नगर के पते पर बना है. उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और जांच शुरू कर दी है. उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 69 के तहत एफआईआर दर्ज की है.
वीएचपी-बजरंग दल ने लव जिहाद का लगाया आरोप
विश्व हिंदू परिषद ने जबलपुर की एक और महिला डॉक्टर से भी आरोपी के संबंध होने का आरोप लगाया है. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने लव जिहाद का आरोप लगाते हुए मामले में जांच की मांग की है.

