वॉचडॉग इंडियन एक्सप्रेस अब कांग्रेस का पालतू कुत्ता:महेश जेठमलानी
Supreme Court Advocate Mahesh Jethmalani Said Congress Paid The Indian Express Rs 81 Lakh
‘ये रहा सबूत..अभी तो शुरुआत है’: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील बोले, कांग्रेस ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए ₹81 लाख
सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील ने सबूतों के आधार पर दावा किया है कि कांग्रेस पार्टी ने इंडियन एक्सप्रेस को पश्चिम बंगाल चुनाव में 81 लाख रुपये दिए। उन्होंने आगे और खुलासा करने का दावा किया है।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान इंडियन एक्सप्रेस को 81 लाख रुपये दिए। चुनाव आयोग के अंदर मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों में मतभेद की खबरों को लेकर इंडियन एक्सप्रेस अभी काफी चर्चा में है और महेश जेठमलानी ने पहले उसपर झूठी कहानियां गढ़ने का आरोप लगाया और फिर कांग्रेस से मिले पैसों को ‘साक्ष्य’ के तौर पर दिखाकर दोनों के बीच गहरी साठगांठ का दावा किया है।
Supreme Court advocate Mahesh Jethmalani
सीईसी पर सवालों के पीछे कौन, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील का बड़ा दावा
कांग्रेस ने अखबार को दिए 81 लाख रुपये
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने रविवार को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक बहुत लंबा-चौड़ा पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि इंडियन एक्सप्रेस अखबार अपने संस्थापक के संकल्पों को भुलाकर कांग्रेस और उसकी सहयोगियों की कठपुतली बन चुका है। लेकिन, सोमवार को वह कुछ आंकड़ों के साथ सामने आए, जिसे उन्होंने कांग्रेस और इंडियन एक्सप्रेस के बीच साठगांठ के सबूत के तौर पर पेश किया है।
Supreme Court advocate Mahesh Jethmalani said Congress paid The Indian Express Rs 81 lakh
महेश जेठमलानी का पोस्ट
और ये रहा सबूत। पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान कांग्रेस ने इंडियन एक्सप्रेस को 81 लाख रुपये दिए।
महेश जेठमलानी, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील
आगे और खुलासे का किया है दावा
उन्होंने आगे लिखा, ‘…और फिर कर्नाटक चुनावों में। किसी भी दूसरे अखबार से कहीं ज्यादा। जल्द ही बहुत कुछ और सामने आने वाला है।’
अभी ये हुआ नहीं है भाई। यह तो अभी शुरुआत ही है।
महेश जेठमलानी, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील
गांधी परिवार की कठपुतली बनने का आरोप
एक दिन पहले उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस, उसके इतिहास और उसकी रिपोर्टिंग में कथित तौर पर आए बदलाव को लेकर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस रामनाथ गोयनका ने अखबार को नेहरू-गांधी परिवार की कथित तानाशाही वाली सोच के खिलाफ खड़ा किया था, सर्कुलेशन घटने के साथ ही वह सोनिया गांधी, उनके परिवार और सहयोगियों के हाथों की कठपुतली बन गया है।
यूपीए सरकार के दौरान की रिपोर्टिंग पर भी निशाना
महेश जेठमलानी का आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान भी बड़े-बड़े घोटालों पर यह अखबार कभी आगे नहीं रहा और उस सरकार के समर्थन में लगा रहा।
उनके मुताबिक जब 2012 घोटालों के बोझ से यूपीए सरकार लड़खड़ा रही थी, तब इस अखबार सेना की दो टुकड़ियों को तख्तापलट के लिए बढ़ने की कोशिश वाली झूठी खबर लगाई। उन्होंने इसे भारतीय सेना की साख तोड़ने का प्रयास भी बताया।
जेठमलानी के मुताबिक बेशक इस तरह की रिपोर्ट बहुत ही अलोकप्रिय हो चुकी सरकार के प्रति सहानुभूति जुटाने के लिए दी गई।
Supreme Court advocate Mahesh Jethmalani
महेश जेठमलानी का पोस्ट
भाजपा सरकार बनने के बाद रवैया बदलने का दावा
उनका दावा है कि जब से केंद्र में बीजेपी और एनडीए सत्ता में आई है, इंडियन एक्सप्रेस उन्हीं मु्ददों को उठाता है, जो कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां चुनावों में उठाने वाली होती हैं, या संसद में उठाने की तैयारी कर रही होती हैं या फिर कोई हाई-प्रोफाइल विदेश नेता का दौरा होने वाला होता है।
उनका कहना है कि इस अखबार के पन्ने खुद ही गवाही देने के लिए काफी हैं।
सीईसी को लेकर झूठी थ्योरी चलाने का आरोप
उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस में चुनाव आयोग लेकर छपी हालिया रिपोर्ट को लेकर दावा किया है इसने तीन दिनों तक झूठी थ्योरी चलाई कि सीईसी ज्ञानेश कुमार अपने दोनों सहयोगियों पर दबाव बनाकर मनमानी की और चुनाव आयोग को पूरी तरह से विभाजित दिखाया।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि इन्हीं रिपोर्ट को ढाल बनाकर एक ‘नाकाम क्राउन प्रिंस’ ने गुस्से में भड़क कर सीईसी की गिरफ्तारी तक की मांग कर दी और प्रधानमंत्री और गृहमंत्री तक की जांच का मुद्दा उठाने की कोशिश की।
जेठमलानी ने कहा कि शनिवार को चुनाव आयोग के तीनों सदस्यों ने संयुक्त बयान जारी कर ‘असभ्य वंशवादी’ के बड़बोलेपन को झटके में तबाह कर दिया और साफ कर दिया कि चुनाव आयोग के सारे महत्वपूर्ण फैसले पूर्ण सर्वसम्मति से लिए गए।
‘राष्ट्र प्रहरी से, बना एक परिवार का पालतू कुत्ता’
आखिरकार उन्होंने निजी तौर पर इंडियन एक्सप्रेस जैसे प्रतिष्ठित अखबार के मौजूदा हाल के प्रति सहानुभूति जाहिर करने की कोशिश की है और कहा कि स्वर्गीय रामनाथ गोयनका ने जो सच और न्याय का मापदंड रखा था, उसे खत्म कर दिया गया है।
यह बहुत दुखदायी है कि रामनाथ जी जैसी महान शख्सियत के वंशजों की देखरेख में चल रहे उनके अखबार को हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाले वॉचडॉग से बदलकर एक परिवार का पालतू कुत्ता बना दिया गया है।
महेश जेठमलानी, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील

