अब पंतनगर में भी फर्जी प्रमाण पत्रों का चला पता, एजेंट सहित चार पर मुकदमा, रुद्रपुर में तीन पर केस
फर्जी प्रमाण पत्र मामलाः अब पंतनगर में भी फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा, एजेंट सहित चार पर मुकदमा दर्ज
पंतनगर में फर्जी स्थायी निवास, जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। जांच में दस्तावेज कूटरचित पाए जाने पर तीन आवेदकों और एक एजेंट समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पंतनगर। कूट-रचित दस्तावेज और झूठे साक्ष्य प्रस्तुत कर स्थायी निवास, जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है। तहसील प्रशासन की जांच में बिजली बिल, राशन कार्ड और भूमि संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन में गड़बड़ी मिली।
मौके पर दिए गए पते पर आवेदक या उसके परिवार के सदस्य भी निवासरत नहीं मिले। जांच के बाद तीन लोगों के प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए। राजस्व उप निरीक्षक की तहरीर पर सिडकुल चौकी पुलिस ने एक एजेंट और तीन आवेदकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहसीलदार रुद्रपुर के निर्देश पर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर जारी प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। जांच में रम्पुरा निवासी वरुण ढेला, कोमल भारद्वाज और सुभाष कालोनी निवासी जुमराह अशरफ के प्रमाण पत्रों में अनियमितता सामने आई।
जांच के अनुसार वरुण ढेला ने एक सितंबर को स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाया था। कोमल भारद्वाज ने 25 अगस्त को स्थायी निवास और दो सितंबर को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी कराया। वहीं जुमराह अशरफ ने 10 अगस्त को स्थायी निवास और 18 अगस्त को जाति प्रमाण पत्र बनवाया ।
प्रशासन की जांच में सामने आया कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रस्तुत बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि पट्टा और खतौनी समेत अन्य अभिलेखों में जालसाजी की गई थी। संबंधित विभागों से सत्यापन कराने पर भी दस्तावेजों की सही अभिलेख के रूप में पुष्टि नहीं हुई।
इसके अलावा मौका निरीक्षण के दौरान आवेदकों या उनके परिवार के सदस्यों का दिए गए पते पर निवासरत होना भी नहीं मिला। जांच में गलत तरीके से भौतिक सत्यापन कराए जाने की बात भी सामने आई।
इसके बाद प्रशासन ने वरूण कुमार ढेला निवासी रम्पुरा, कोमल भारद्वाज निवासी रुद्रपुर और जुमराह अशरफ निवासी सुभाष कालोनी के स्थायी निवास, जाति और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए और इसकी सूचना डीएम को भेज दी गई।
राजस्व उप निरीक्षक विजय कुमार की तहरीर पर पुलिस ने वरुण ढेला, कोमल भारद्वाज, जुमराह अशरफ और गदरपुर निवासी शुभम हुड़िया के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है।
थानाध्यक्ष पंतनगर नंदन सिंह रावत ने बताया कि पुलिस अब प्रमाण पत्र बनवाने में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।
रुद्रपुर में फर्जी दस्तावेजों से जाति-निवास प्रमाण पत्र बनवाने पर तीन के खिलाफ केस
रुद्रपुर में कूटरचित दस्तावेजों से जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में बिजली बिल, राशन कार्ड और भूमि संबंधी अभिलेख फर्जी पाए गए, जिसके बाद प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए।
रुद्रपुर। कूटरचित दस्तावेजों और झूठे साक्ष्यों के आधार पर जाति व स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।
तहसीलदार के निर्देश पर हुई जांच में बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि का पट्टा और खतौनी समेत कई दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध मिली। मौके के सत्यापन में संबंधित पते पर आवेदक अथवा उसका परिवार भी निवासरत नहीं मिला। जांच के बाद दोनों प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं।
राजस्व उप निरीक्षक अमित पांडेय की तहरीर के अनुसार जिलाधिकारी को ई-मेल के माध्यम से मिली शिकायत के बाद तहसीलदार रुद्रपुर के निर्देश पर मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया कि वार्ड नंबर 11 संजय नगर खेड़ा निवासी दीपांशु पुत्र कृष्ण ने कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर 18 अगस्त 2026 को जाति प्रमाण पत्र जारी कराया था।
वहीं भदईपुरा निवासी दक्ष चतुर्वेदी पुत्र भोला नाथ चतुर्वेदी पर कूटरचित व झूठे साक्ष्य तैयार कर 14 अगस्त को स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। दोनों आवेदकों की ओर से प्रस्तुत बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि पट्टा और खतौनी आदि अभिलेखों की दोबारा जांच कराई गई।
संबंधित विभागों से सत्यापन कराने पर अभिलेखों की पुष्टि नहीं हुई। मौका निरीक्षण में भी संबंधित पते पर आवेदक अथवा उसका परिवार नहीं मिला। वार्ड पार्षद और नगर निगम के सुपरवाइजर ने भी इसकी पुष्टि की। आरोप है कि इससे पहले गलत भौतिक सत्यापन कराया गया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों प्रमाण पत्रों को कूटरचित व भ्रामक तथ्यों के आधार पर जारी मानते हुए निरस्त कर दिया गया। इसकी सूचना जिलाधिकारी को भी भेजी गई। पुलिस ने दीपांशु, दक्ष चतुर्वेदी और शुभम हुरिया के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

