हरिद्वार: गुप्ता चाट भंडार की आड में दुकान चला रहा था गुलफाम, गुप्ता भी हिरासत में

Haridwar Man arrested for concealing identity while running shop Gupta Chaat Bhandar

Kanwar से पहले हरिद्वार में खुली गुप्ता चार्ट भंडार की पोल, पहचान छुपाकर हिंदू नाम से दुकान चला रहा था गुलफाम

नारसन (हरिद्वार) 04 जुलाई 2025 । रुड़की के नारसन बॉर्डर पर गुप्ता चाट भंडार की दुकान में गुलफाम नामक व्यक्ति चाय और सिगरेट बेच रहा था। ग्राहकों के ऑनलाइन पेमेंट करने पर गुलफाम का नाम सामने आने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने गुप्ता चाट भंडार के संचालक और गुलफाम को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है। अभी तक मुकदमा नहीं लिखा गया है।

मुख्य बिंदू

गुप्ता चाट भंडार में चाय की दुकान चलाने वाला गुलफाम हिरासत में। 
चाट भंडार के बगल में खोली थी चाय और सिगरेट की दुकान
आनलाइन पेमेंट देते समय एक ग्राहक के सामने आई हकीकत, हुआ विरोध
लोगों ने धार्मिक भावनाओं को लेकर जताया रोष, दो लोगों से पूछताछ
मंगलौर के नारसन में गुप्ता चाट भंडार के बगल में उनके नाम का ही काउंटर लगाकर मुस्लिम युवक दुकान चल रहा था। एक ग्राहक ने सामान लेने के बाद जब आनलाइन पैमेंट किया तो हकीकत सामने आई।

मामला तूल पकड़ता देख पुलिस ने युवक और चाट भंडार संचालक से पूछताछ की है। मंगलौर के नारसन में पुरकाजी निवासी अशोक गुप्ता की चाट की दुकान है। इस चाट की दुकान के बगल में एक चाय, काफी और सिगरेट की दुकान है।

इस दुकान के बाहर गुप्ता चाट भंडार का बोर्ड लगाकर सामान बेचा जा रहा था। शुक्रवार को नारसन बार्डर पर योग साधना आश्रम मुजफ्फरनगर के संचालक स्वामी यशवीर महाराज को पुलिस ने बार्डर पर रोक लिया। गुप्ता चाट भंडार के आसपास स्वामी यशवीर दुकानदारों को भगवान वराह की फोटो लगाने को देने लगे।

इसी बीच वहां पर काफी संख्या में लोग और मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने गुप्ता चाट भंडार से सटी दुकान से कुछ सामान खरीदा था। इस दुकान के बाहर गुप्ता चाट भंडार का कांउटर भी लगा था। जब उस व्यक्ति ने भुगतान को दुकान पर लगे क्यूआर कोड स्कैन किया तो उसमें बैंक खाताधारक का नाम गुलफाम आया।

यह देख उस व्यक्ति ने विरोध जताया। यह बात जब अन्य लोगों को पता चली तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने गुलफाम को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने गुप्ता चाट भंडार के संचालक को बुलाकर उनसे पूछताछ शुरू की।

गुलफाम निवासी पुरकाजी, जिला मुजफ्फरनगर का कहना था कि पहले वह चाट की दुकान पर ही कर्मचारी था। करीब एक साल पहले उसने चाट भंडार की बगल में अपनी दुकान खोली थी जिसका खाता भी उसने अलग खोल रखा है। लेकिन, जब पुलिस ने उससे दुकान के बाहर लगे गुप्ता चाट भंडार का काउंटर रखने का कारण पूछा तो कोई भी ठोस जवाब नहीं दे सका। पुलिस दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है।

युलिस अधीक्षक देहात शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस इस मामले में मुकदमा लिखेगी। पुलिस ने कहा कि इस मामले में हम लगातार वेरिफिकेशन ड्राइव चला रहे हैं। अगर आगे भी इस तरह नाम छुपाकर किसी के दुकान चलाने का मामला सामने आता है, तो हम उसके खिलाफ भी संबंधित धाराओं में एक्शन लेंगे।

ढाबे पर लिखा था ‘गुप्ता चाट भंडार’… मालिक निकला गुलफाम! ऐसे खुली पोल

Haridwar News : हरिद्वार के मंगलौर-हरिद्वार हाइवे पर गुप्ता चाट भंडार नाम की दुकान है. कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित इस दुकान में काफी भीड़ भी होती है. लेकिन जब न्यूज 18 की टीम ने QR कोड स्कैन किया तो एक अलग ही हकीकत सामने आई.

कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में सियासत गरमा गई है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सरकार ने कुछ सख्त नियम जारी किए हैं. नए नियमों के तहत खाने-पीने की दुकानों पर मालिक का नाम लिखना और लाइसेंस व पहचान पत्र चिपकाना जरूरी कर दिया गया है. हिंदू संगठनों का आरोप है कि हरिद्वार- दिल्ली हाइवे पर कई मुस्लिम हिंदू नाम से दुकान चला रहे हैं. उनका कहना है कि इन ढाबों और होटलों में अधिकांश कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान छुपा रखी है. होटल भी हिंदू नाम से चलाया जा रहा है.

न्यूज 18 ने हिंदू संगठनों के आरोपों की सच्चाई जानने के लिए हरिद्वार- दिल्ली हाईवे पर लाइव चेक किया. इस दौरान न्यूज 18 इंडिया की टीम हरिद्वार जिले में मंगलौर-हरिद्वार हाइवे पर गुप्ता चाट भंडार में पहुंची. उत्तराखंड और यूपी बॉर्डर पर मौजूद इस चाट भंडार का नाम तो गुप्ता चाट भंडार लिखा है, लेकिन एक QR कोड स्कैन करते ही सारे आरोपों की सच्चाई सामने आ गई. QR कोड स्कैन करते ही गुलफाम का नाम सामने आया. यानि जिस अकाउंट में ग्राहकों का पैसा जा रहा था वह गुलफाम का था.

कैमरा देखते ही भाग गया गुलफाम
हरिद्वार के कांवड़ यात्रा मार्ग में इस बड़ी दुकान का नाम भले ही ‘गुप्ता चाट भंडार’ रखा गया हो, लेकिन पेमेंट गुलफाम को जा रहा था. जिस गुलफाम के नाम पर यह स्कैनर था, वह मीडिया को देखते ही गायब हो गया. डिजिटल पेमेंट से साफ हो गया कि दुकान में कुछ गड़बड़ है. जबकि यह दुकान अशोक गुप्ता के नाम पर है. अशोक गुप्ता ने बताया कि उन्होंने वह दुकान बेच दी है, लेकिन जब न्यूज 18 की टीम ने उनसे सवाल किया कि बाहर से गुप्ता चाट भंडार लिखा देखकर कांवड़िए आ सकते हैं और फिर विवाद हो सकता है. इस पर अशोक गुप्ता ने कहा कि गलती हो गई है, जल्द ही बोर्ड हटा देंगे.

पुलिस के सामने नहीं गली दाल
जब न्यूज 18 इंडिया की टीम ने इस स्कैनर को चेक किया तो गुलफाम का नाम सामने आया. पहले संचालक ने इसे छिपाने की भी कोशिश की लेकिन जब पुलिस पहुंची तो संचालक खुद इस गलती को मानने पर मजबूर हुआ. संचालक ने कहा कि हां, यह गलती हुई है, जल्द ही नाम सही कराया जाएगा. हालांकि मंगलौर पुलिस ने उस स्कैनर को अपने कब्जे में ले लिया है. फिलहाल आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया गया है.(दीपक बिष्ट)

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