हर 17 मिनट में एक हत्या,18 मिनट में दुष्कर्म… खुलकर कर रहे अपराध अव्यस्क

Minors Openly Committing Murder Rape And Kidnapping
हर 17 मिनट में एक हत्या,18 मिनट में दुष्कर्म… खुलकर कर रहे अपराध अव्यस्क
देशभर में हो रहे अपराधों में नाबालिगों की संलिप्तता बढ़ती जा रही है। 2022 में देशभर में हुए अपराधों मे 30,555 मामलों मे नाबालिग शामिल रहे, जो 2023 में बढ़कर 31,365 हो गए। NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में हुए अपराधों में 40 प्रतिशत से भी अधिक मामलो में बच्चे शामिल रहे।

नई दिल्ली 03 अक्टूबर 2025 : देशभर में हो रहे अपराधों में बच्चों और किशोरों की संलिप्तता बढ़ती जा रही है। विशेषकर हत्या, बलात्कार, अपहरण और चोरी-चकारी के मामलों में। इसमें भी केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में हुए अपराधों में 40 प्रतिशत से भी अधिक मामलों में बच्चे और किशोर शामिल रहे। यह अनावरण NCRB की ताजा 2023 की रिपोर्ट से हुआ है,जिसमें अपराध के लगभग हर क्षेत्र में अव्यस्क शामिल पाए गए। इसमे कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं,जिनमें रेप,हत्या और किडनैपिंग मामलों में 12 साल से कम उम्र तक के बच्चे भी शामिल मिले।
2023 में देशभर में हुए अपराधों में 31,365 मामलों में नाबालिग शामिल रहे

14 प्रतिशत से अधिक मामलों में अव्यस्क रहे
NCRB रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में देशभर में हुए अपराधों में 30,555 मामलों में अव्यस्क शामिल रहे, जो 2023 में बढ़कर 31,365 हो गए। इसमें केंद्र शासित प्रदेशों में हुए क्राइम में 41 प्रतिशत से भी अधिक मामलों में अव्यस्क शामिल रहे। जबकि चंडीगढ़ में 36 और पुडुचेरी में 27 प्रतिशत से अधिक अपराधों के मामलों में अव्यस्क शामिल रहे। इसी तरह से राज्यों में छत्तीसगढ़ और हरियाणा टॉप पर रहे,जहां 17 प्रतिशत से अधिक मामलों में अव्यस्क पाए गए। इनके बाद तमिलनाडु में 14 प्रतिशत से अधिक मामलों में अव्यस्क रहे।

12 से 16 साल आयु वाले आरोपित रहे अव्यस्क
आंकड़े बताते हैं कि मर्डर के 995 और हत्या के प्रयास के 1476 मामलों में अव्यस्क आरोपित रहे। हत्या के छह मामलों में 12 साल से कम और 308 मामलों में 12 से 16 साल तक आयु वाले अव्यस्क आरोपित रहे, इनमें 7 लड़कियां शामिल हैं। जबकि बलात्कार के 977 मामलों में अव्यस्क शामिल रहे। इनमें 10 मामलों में 12 साल से कम और 264 मामले 12 से 16 साल तक आयु वाले अव्यस्क आरोपित रहे।

अव्यस्क वयस्कों से पीछे नहीं रहे
दंगों के मामलों में भी अव्यस्क वयस्कों से पीछे नहीं रहे। जबकि चोरी के 6557 और सेंधमारी के 2015 मामलों में अव्यस्क शामिल पाए गए। अपहरण करने वाले मामलों में भी यह पीछे नहीं रहे। अपहरण के 931 मामलों में अव्यस्क आरोपित रहे। जबकि मारपीट करने और अन्य तरह से गंभीर चोट पहुंचाने के 5836 मामलों में भी इनकी संलिप्तता पाई गई।

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