देहरादून ने बढाया नेपाल को मदद का हाथ

किसी ने गंवाये मां-बाप और घर .तो किसी ने रोजगार..नेपाल आपदा पर देहरादून से बढ़े हाथ, जुटे 60-70 लाख रुपये

नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद उत्तराखंड से राहत पहुंचाई जा रही है। गोरखाली सभा देहरादून ने आर्थिक सहयोग जुटाकर काठमांडू से जरूरी सामान खरीदकर प्रभावित लोगों तक सीधे पहुंचाने का फैसला किया है

Nepal Relief Campaign in Dehradun: नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद वहां के कई परिवारों के सामने घर और रोजी-रोटी के साथ सर्दियों से बचने की भी बड़ी चिंता खड़ी हो गई है. इस मुश्किल वक्त में देहरादून के लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया है. गोरखाली सुधार सभा और देहरादूनवासियों की ओर से सोशल मीडिया पर चलाए गए अभियान के जरिए करीब 60 से 70 लाख रुपये जुटाए गए हैं, जो नेपाली करेंसी में लगभग 1 करोड़ रुपये बताए गए हैं. अब इस राशि और मदद से नेपाल के आपदा प्रभावित परिवारों तक गर्म कपड़े, बिस्तर और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी है. इतना ही नहीं, क्षतिग्रस्त स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब या हॉल जैसी सुविधाएं दोबारा तैयार कराने की भी कोशिश की जाएगी.

देहरादून: नेपाल में आई भीषण आपदा ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है. किसी ने अपना घर खो दिया तो किसी बच्चे के सिर से माता-पिता का साया उठ गया. कई परिवारों के सामने अब रहने और सर्दी से बचने की बड़ी चिंता है. ऐसे मुश्किल समय में देहरादून के लोगों ने नेपाल के अपने पड़ोसियों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. गोरखाली सुधार सभा और देहरादूनवासियों की ओर से सोशल मीडिया पर मदद की मुहिम शुरू की गई, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

इस अभियान के जरिए करीब 60 से 70 लाख भारतीय रुपये की मदद जुटाई गई है, जो नेपाली मुद्रा में करीब 1 करोड़ रुपये के बराबर है. अब इस राशि से नेपाल के आपदा प्रभावित लोगों के लिए गर्म कपड़े, बिस्तर और दूसरी जरूरी राहत सामग्री भेजने की तैयारी है. साथ ही जिन स्कूलों को नुकसान पहुंचा है, वहां जरूरत के हिसाब से लाइब्रेरी, लैब या भवन निर्माण में भी मदद करने की कोशिश की जाएगी.
88 साल से समाज के लिए काम कर रही गोरखाली सुधार सभा

गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने बताया कि देहरादून की यह संस्था गोरखा समुदाय की प्रमुख सामाजिक संस्थाओं में से एक है. इसकी स्थापना 17 अप्रैल 1938 को देहरादून के डोभालवाला में हुई थी. संस्था गरीबों, असहायों, बुजुर्गों, विधवाओं और अनाथों की मदद के साथ समाज के विकास के लिए काम करती है.
उन्होंने बताया कि पिछले 88 वर्षों में सभा ने समाज के लिए कई काम किए हैं. नेपाल या दूसरे क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा आने पर भी संस्था की ओर से राहत सामग्री और सहायता टीमें भेजी जाती रही हैं. इस बार भी नेपाल में आई आपदा के बाद सोशल मीडिया के जरिए लोगों से मदद की अपील की गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सहयोग किया.
सर्दी से बचाने के लिए भेजेंगे गर्म कपड़े और बिस्तर
पदम सिंह थापा ने बताया कि नेपाल में आपदा के कारण कई बच्चे अनाथ हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के घर टूट गए हैं. ऐसे में राहत सामग्री में गर्म कपड़े, बिस्तर और रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल किया जाएगा. सितंबर का महीना चल रहा है और सर्दी भी शुरू हो रही है, इसलिए बेघर परिवारों और बच्चों तक सर्दी से बचने का सामान पहुंचाना प्राथमिकता है.

उन्होंने बताया कि कई स्कूल भी आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं. अगर संभव हुआ तो ऐसे स्कूलों में लाइब्रेरी, लैब या किसी हॉल के निर्माण में भी मदद करने की कोशिश की जाएगी.
उत्तराखंड और नेपाल का पुराना रिश्ता

उत्तराखंड सरकार में गोरखा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष अभिषेक शाही ने कहा कि नेपाल और उत्तराखंड के बीच लंबे समय से रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है. ऐसे में नेपाल के लोगों पर आई इस मुश्किल घड़ी में उत्तराखंड के लोग उनके साथ खड़े हैं. उन्होंने बताया कि गोरखा समाज के साथ ही प्रदेश के अलग-अलग समुदायों के लोगों ने भी नेपाल की मदद के लिए आगे आकर सहयोग किया है. इसी को लेकर गोरखाली सुधार सभा के साथ बैठक की गई और यह तय किया गया कि जुटाई गई राशि और राहत सामग्री को नेपाल में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

नेपाल सरकार और स्थानीय संगठनों से लगातार संपर्क
अभिषेक शाही ने बताया कि नेपाल सरकार और वहां काम कर रहे संगठनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि प्रभावित इलाकों में सबसे ज्यादा जरूरत किस चीज की है. देहरादून की टीम भी ग्राउंड लेवल पर जाकर लोगों की मदद करेगी. उन्होंने कहा कि दुनिया की कई संस्थाएं नेपाल में राहत पहुंचाने का काम कर रही हैं, लेकिन अब सर्दी को देखते हुए ऐसे परिवारों तक गर्म कपड़े, बिस्तर और जरूरी सामान पहुंचाना जरूरी है, जिनके पास रहने के लिए घर तक नहीं बचा है. खासकर उन बच्चों की मदद पर ध्यान दिया जाएगा, जिन्होंने आपदा में अपने माता-पिता को खो दिया है.

नेपाल के आपदा प्रभावित लोगों के लिए देहरादून से राहत सामग्री भेजी जाएगी. मुश्किल समय में मिलने वाली यह मदद सिर्फ जरूरत का सामान नहीं होगी, बल्कि नेपाल में रहने वाले उन परिवारों के लिए यह भरोसा भी होगी कि इस परेशानी में वे अकेले नहीं हैं.

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